कालसर्प योग (Kalsarp Yoga) ज्योतिष की नजर में



ज्योतिषशास्त्र के अनुसार सूर्य से लेकर शनि तक सभी ग्रह जब राहु और केतु के मध्य आ जाते हैं तो कालसर्प योग बन जाता है। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार जिस व्यक्ति की जन्म कुण्डली में यह योग होता है उसके जीवन में काफी उतार चढ़ाव आते रहते हैं।
मूल रूप से इस योग को इसलिए देखा जाता है क्योंकि यह व्यक्ति को झटके में आसमान से ज़मीन पर लाकर खड़ा कर देता है।
 
क्या है काल सर्प योग (What is Kalsarp yoga):
ज्योतिष के आधार पर काल सर्प दो शब्दों से मिलकर बना है "काल और सर्प"। ज्योतिषशास्त्र के अनुसार काल का अर्थ समय होता है और सर्प का अर्थ सांप इसे एक करके देखने पर जो अर्थ निकलकर सामने आता है वह है समय रूपी सांप। इस योग को ज्योतिषशास्त्र में अशुभ माना गया है। इस योग को अधिकांश ज्योतिषशास्त्री अत्यंत अशुभ मानते हैं परंतु इस योग के प्रति ज्योतिष के महान विद्वान पराशर और वराहमिहिर चुप्पी साधे हुए हैं।
 
काल सर्प योग से सम्बन्धित कथा (Story about Kalsarp yoga):
पौराणिक कथा के अनुसार सिंघिका नामक राक्षस का पुत्र स्वरभानु था जो बहुत ही शक्तिशाली था। स्वरभानु ने ब्रह्मा जी की कठोर तपस्या की। तपस्या से प्रसन्न होकर ब्रह्मा जी ने स्वरभानु को वरदान दिया जिससे उसे ग्रह मंडल में स्थान प्राप्त हुआ। स्वरभानु किस प्रकार राहु केतु के नाम से जाना गया इसकी कथा सागर मंथन से जुड़ा है। सागर मंथन के समय देवताओं और दानवों में एक समझौता हुआ जिसके तहत दोनों ने मिलकर सागर मंथन किया। इस मंथन के दौरान सबसे अंत में भगवान धनवन्तरी अमृत कलश लेकर प्रकट हुए। अमृत पाने के लिए देवताओं और दानवों में संघर्ष की स्थिति पैदा होने लगी। भगवान विष्णु तब मोहिनी रूप धारण करके उनके बीच प्रकट हुए और देवताओं व दानवों को अलग अलग पंक्तियों में बैठाकर अमृत बांटने लगे। अपनी चतुराई से मोहिनी रूप धारण किये हुए भगवान विष्णु केवल देवताओं को अमृत पिला रहे थे जिसे दानव समझ नहीं पा रहे थे परंतु स्वरभानु मोहिनी की चतुराई का समझकर देवताओं की टोली में जा बैठा।
 
अमृत वितरण के क्रम में मोहिनी ने स्वरभानु को देवता समझकर उसे भी अमृत पान करा दिया परंतु सूर्य और चन्द्रमा ने उसे पहचान लिया तब विष्णु ने सुदर्शन चक्र से स्वरभानु का सिर धड़ से अलग कर दिया। चुंकि अमृत स्वरभानु के जीभ और गर्दन को छू गया था अत: वह सिर कट जाने पर भी जीवित रहा। ब्रह्मा जी ने स्वरभानु से कहा कि तुम्हारा सिर राहु के नाम से जाना जाएगा और धड़ जो सांप की तरह है वह केतु के रूप में जाना जाएगा। इस घटना के बाद से ही स्वरभानु राहु केतु के रूप में विख्यात हुआ। सूर्य और चन्द्रमा के कारण ही उसे इस स्थिति से गुजरना पड़ा था इसलिए वह उसे अपना शत्रु मानने लगा। पौराणिक कथा के अनुसार राहु केतु सूर्य और चन्द्रमा को निगल लेता है जिससे सूर्य ग्रहण और चन्द्र ग्रहण होता है।
 
अन्य ग्रहों की अपेक्षा राहु और केतु में एक महत्वपूर्ण अन्तर यह है कि जहां अन्य ग्रह घड़ी की विपरीत दिशा में चलते हैं वहीं राहु केतु घड़ी की दिशा में भ्रमण करते हैं। राहु केतु में एक अन्य विशेषता यह है कि दोनों एक दूसरे से सातवें घर में स्थित रहते हैं. दोनों के बीच 180 डिग्री की दूरी बनी रहती है।
 
ऋग्वेद के अनुसार राहु केतु ग्रह नहीं हैं बल्कि असुर हैं। अमावस्या के दिन सूर्य और चन्द्र दोनों आमने सामने होते हैं उस समय राहु अपना काम करता है जिससे सूर्य ग्रहण होता है। उसी प्रकार पूर्णिमा के दिन केतु अपना काम करता है और चन्द्रग्रहण लगता है। वैदिक परम्परा में विष्णु को सूर्य भी कहा गया है जो दीर्घवृत्त के समान हैं। राहु केतु दो सम्पात बिन्दु हैं जो इस दीर्घवृत्त को दो भागों में बांटते हैं। इन दो बिन्दुओं के बीच ग्रहों की उपस्थिति होने से कालसर्प योग बनता है जो व्यक्ति के पतन का कारक माना जाता है।
 
काल सर्प योग के विषय में ज्योतिषशास्त्रीयों की राय (Astrologer Says about Kalsarp yoga):
कुछ ज्योतिषशास्त्री कहते हैं कि इस योग को यूरेनस, नेप्च्युन और प्लुटो सहित सभी ग्रहों के साथ आंकलन करना चाहिए। लेकिन ऐसी स्थिति में यह योग बहुत मुश्किल से बनता है। यही कारण है कि इसके लिए मुख्य सात ग्रहों को ही सामने रखकर आंकलन किया जाता है। इस योग के आंकलन के लिए कुछ विशेष बातों को ध्यान में रखना आवश्यक माना गया है।
 
ग्रह अगर राहु और केतु के मध्य हो तब यह योग बनता है। अगर ग्रह केतु और राहु के मध्य हो तो काल सर्प योग नहीं माना जाएगा। गणना के समय लग्न से घड़ी की विपरीत दिशा में राहु और केतु के मध्य जब ग्रह होंगे तब काल सर्प योग कहा जाएगा। ध्यान देने वाली बात है कि इस गणना में यूरेनस, नेप्च्युन और प्लुटो को शामिल नहीं किया जाता है।
 
कालसर्प योग की गणना में ध्यान देने वाली बात यह भी है कि सभी ग्रह एक अर्घवृत्त के अंदर होने चाहिए अगर कोई ग्रह एक डिग्री भी बाहर है तो यह योग नहीं बनेगा। उदाहरण के तौर पर राहु अगर कर्क राशि से 15 डिग्री पर है और उसी राशि से चन्द्रमा अगर 16 डिग्री पर है तो इस स्थिति में यह योग नहीं बनेगा।
 
काल सर्प योग के ज्योतिषशास्त्री अशुभ योग मानते है परंतु बहुत से ऐसे व्यक्ति हैं जिनकी कुण्डली में यह योग होने से वह सम्मानित पदों पर विराजमान हुए हैं। लेकिन इस योग के विषय में यह भी तय है कि जिनकी कुण्डली में यह योग होता है वह भले ही कितनी भी उंचाई पर पहुंच जाएं परंतु एक दिन उन्हें ज़मीन पर आना ही होता है।
 
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  1. 05 August, 2011 01:27:03 PM trapti

    my d.o.b. is 28/06/1985 at 05:35 in INDORE(M.P). KY MERI KUNDALI ME KAL SARPA DOSHA HAI?

  2. 28 July, 2011 06:04:07 PM pooja

    kya aap beta sakte hai ki mujhe kalsarpa yog hai k nahiname pooja vermadob 29/07/1982time 1:18pmplace delhi

  3. 04 December, 2010 12:08:25 PM sachin

    name:sachindate:15/08/1982time:08:05pmmera kaal sharp yog hai. kya mein banking sector mein select ho sakta hoon.please mera help kare.

  4. 15 November, 2010 05:25:02 PM herschlle toke

    my date of birth is 31-05-1987 time of birth is 09.44 at night and birthplace nashik maharashtra check it and reply me i am now in so problems

  5. 08 November, 2010 09:11:24 PM dalvir-singh

    sir can you tell me in my kundli have kal sarp yog of no.my birth date 4 mei 1978 23.15pm samrala.punjab.if have den which kind kal sarp yog i have. and how can i take fenifit from my kal sarp yog.dear sir what i can do in my live which because i hard work but not benifit.

  6. 05 October, 2010 08:10:14 PM parikshit sharma

    my d.o.b. is 23/12/1979 at 08:05 in INDORE(M.P). KY MERI KUNDALI ME KAL SARPA DOSHA HAI?

  7. 22 September, 2010 04:07:54 PM esha ahuja

    mera naam esha hai mujhe kalsarp dosh hai meri life mein bhi bhout sari problrm's hai jiski wajhe se mai khud bhout pareshan rehti ho na hi shaadi ka yog ban pa raha hai kriypa mujhe koi sujho de ye raasta bate maine nasik meim kalsarp dosh ki pooja karwa chuki ho jisse koi mujhe anhi patta koi fayeda hua hai ya nahi meri life mein mera janm 11 july 1983 subha 11:45min ko hua tha jama sthan (MEERUT,U.P)kripya mujhe jaldi hi koi upyen baten dhnyawad

  8. 10 September, 2010 11:48:53 PM aman

    Kya aap mujhe bata sajte hai mera kal sarp dosh mere liye shubh fal dayak hai ya bura hai. Bate of birth 13.11.1980 Time 6.30 am New delhi (maneesh)

  9. 04 September, 2010 05:50:37 PM Maneesh

    Kya aap mujhe bata sajte hai mera kal sarp dosh mere liye shubh fal dayak hai ya bura hai. Bate of birth 13.09.1982 Time 3.30 am New delhi (maneesh)

  10. 03 September, 2010 02:44:16 PM Rakesh Mishra

    Mera Naam Rakesh Mishra Date of birth 22-December - 1981 Time 10:05 AM. Birth country : India birth Place : New Delhi. Sir, Plz. Mujhe Bata Dijiye ki mujhe kaal sarp dosh hai ya nahi.