भाग्य और रत्न (Destiny and Gemstones)



रत्नों में चमत्कारी शक्ति है जो ग्रहों के विपरीत प्रभाव को कम करके ग्रह के बल को बढ़ते है. आइये जानें कि भाग्य को बलवान बनाने के लिए रत्न किस प्रकार धारण करना चाहिए.

रत्नों की शक्ति (Power of Gemstones)
रत्नों में अद्भूत शक्ति होती है. रत्न अगर किसी के भाग्य को आसमन पर पहुंचा सकता है तो किसी को आसमान से ज़मीन पर लाने की क्षमता भी रखता है. रत्न के विपरीत प्रभाव से बचने के लिए सही प्रकर से जांच करवाकर ही रत्न धारण करना चाहिए. ग्रहों की स्थिति के अनुसार रत्न धारण करना चाहिए. रत्न धारण करते समय ग्रहों की दशा एवं अन्तर्दशा का भी ख्याल रखना चाहिए. रत्न पहनते समय मात्रा का ख्याल रखना आवश्यक होता है. अगर मात्रा सही नहीं हो तो फल प्राप्ति में विलम्ब होता है.

लग्न और रत्न (Ascendant And Gemstones)
लग्न स्थान को शरीर कहा गया है. कुण्डली में इस स्थान का अत्यधिक महत्व है. इसी भाव से सम्पूर्ण व्यक्तित्व का विचार किया जाता है. लग्न स्थान और लग्नेश की स्थिति के अनुसार जीवन में सुख दु:ख एवं अन्य ग्रहों का प्रभाव भी देखा जाता है. कुण्डली में षष्टम, अष्टम और द्वादश भाव में लग्नेश का होना अशुभ प्रभाव देता है. इन भावों में लग्नेश की उपस्थिति होने से लग्न कमजोर होता है. लग्नेश के नीच प्रभाव को कम करने के लिए इसका रत्न धारण करना चाहिए.

भाग्य भाव और रत्न (Gemstones and Fortune)
जीवन में भाग्य का बहुत ही महत्वपूर्ण होता है. भाग्य कमज़ोर होने पर जीवन में कदम कदम पर असफलताओं का मुंह देखना पड़ता है. भाग्य मंदा होने पर कर्म का फल भी संतोष जनक नहीं मिल पाता है. परेशानियां और कठिनाईयां सिर उठाए खड़ी रहती है. मुश्किल समय में अपने भी पराए हो जाते हैं. भाग्य का घर जन्मपत्री में नवम भाव होता है. भाग्य भाव और भाग्येश अशुभ स्थिति में होने पर नवमेश से सम्बन्धित रत्न धारण करना चाहिए. भाग्य को बलवान बनाने हेतु भाग्येश के साथ लग्नेश का रत्न धारण करना अत्यंत लाभप्रद होता है.

तृतीय भाव और रत्न (Gemstone for Third house)
जन्म कुण्डली का तीसरा घर पराक्रम का घर कहा जाता है. जीवन में भाग्य का फल प्राप्त करने के लिए पराक्रम का होना आवश्यक होता है. अगर व्यक्ति में साहस और पराक्रम का अभाव हो तो उत्तम भाग्य होने पर भी व्यक्ति उसका लाभ प्राप्त करने से वंचित रह जाता है. आत्मविश्वास का अभाव और अपने अंदर साहस की कमी महसूस होने पर तृतीयेश से सम्बन्धित ग्रह का रत्न पहना लाभप्रद होता है.

कर्म भाव और रत्न (Gemstone for Tenth House)
कर्म से ही भाग्य चमकता है. कहा भी गया है "जैसी करनी वैसी भरनी" ज्योतिष की दष्टि से कहें तो जैसा कर्म हम करते हैं भाग्य फल भी हमें वैसा ही मिलता है. भाग्य को पब्रल बनाने में कर्म का महत्वपूर्ण स्थान होता है. भाग्य भाव उत्तम हो और कर्म भाव पीड़ित तो इस स्थिति भाग्य फल बाधित होता है. कुण्डली में दशम भाव कर्म भाव होता है. अगर कुण्डली में यह भाव पीड़ित हो अथवा इस भाव का स्वामी कमज़ोर हो तो सम्बन्धित भाव स्वामी एवं लग्नेश का रत्न पहनाना मंगलकारी होता है.

रत्न और सावधानी (Gemstone Precautions)
रत्न धारण करते समय कुछ सावधानियों का ख्याल रखना आवश्यक होता है. जिस ग्रह की दशा अन्तर्दशा के समय अशुभ प्रभाव मिल रहा हो उस ग्रह से सम्बन्धित रत्न पहनना शुभ फलदायी नहीं होता है. इस स्थिति में इस ग्रह के मित्र ग्रह का रत्न एवं लग्नेश का रत्न धारण करना लाभप्रद होता है. रत्न की शुद्धता की जांच करवाकर ही धारण करना चाहिए धब्बेदार और दरारों वाले रत्न भी शुभफलदायी नहीं होते हैं.

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28 Comments

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  1. 08 December, 2010 10:35:14 AM Nitesh D. Dhale

    meri Birth date 26 feb.1981 hai.mai mobile reapering ka job karta hu muze khud ka business karna hai. kya ye samay uchit hai

  2. 07 December, 2010 11:29:49 AM arpit srivastava

    Guru ji My DoB 13-10-1980 Time 4.20 a.m. Birth Place - kanpur meri ketu ki mahadas chal rahi h pls. suggest me ki mai is dasa mai kaun sa ratn pahnoo taki mera bhgya bhi sath dene lage mai panna pahna hu

  3. 02 December, 2010 11:33:37 AM prakash

    kya main neelum pehan sakh ta hoon My DOB 30-9-1982 time08:50pm

  4. 27 November, 2010 02:46:09 PM VINOD KUMAR LAMBA

    mari date of birth 7-11-1979 time 8:00 am and janan sathan agra h me kon kon se ratan phan sakta hu or kis parkar un ko pahana sakta hu

  5. 27 November, 2010 12:52:53 PM gaurishankar kaul

    meri janm tarikh hai 20-aug-1986.samay hai subah 11:00 baje ka. janm sthaan hai indore madhyapradesh.guruji mujhe naukri karni chahiye ya khud ka kuch kaam karu aarthik sthiti itni achchhi nahi ki koi khood ka kaam karu aur naukri koi parmanent nahi mil rahi. jo bhi milti hai 5-6 mahine mai fir nai dhundni padti hai. kya karu hamesha chintit rehta hun.

  6. 24 November, 2010 05:50:39 PM Manish Shukla

    DOB : 5 Jan 1982Time : 11:45 AMPlace : Bettiah (Bihar)Please help to know suitable stones (I have already wearied TOPAZ and MUNGA)Also help me to know why I am facing lot of problem in study (Not a getting pass)

  7. 23 November, 2010 11:12:34 AM Lutfak ali

    my b'day date 16-4-1980 please tale me subh ratan

  8. 11 November, 2010 11:16:31 PM vijendra

    mera janam dinank 11/06/1967 ko 05.15 baje hua he!me kiraye ke makan ki samasya se paresan hu! konas ratan pahanu krapaya mera margdarsan kare!

  9. 09 November, 2010 10:14:43 AM arvind mishra

    Dear Sir My DOB.25-10-1976 At 8.50am. And Brith Place Sultanpur(U.P.) Pls Sugget Me I Have Used Which Stone....

  10. 01 November, 2010 07:13:25 PM kailash

    meri birth date 29 jan 1991 ko 6:15am hai muje mera rashi ratna batao jo mere budhi ko badaye