वास्तुशास्त्र में दिशाओं का महत्व भाग-2 (Importance of Direction in Vastu Shastra part-2)



भवन निर्माण को शुभ माना गया है. इसके लिए एक विशेषशास्त्र लिखा गया है जिसे वास्तुशास्त्र कहा गया है. इसमें कई विषयों का उल्लेख किया गया है जिनसे भवन शुभ होता है और गृहस्वामी को सुख मिलता है. इसमें दिशाओं के विषय में जो बताया गया है उसके अनुसार.......

वास्तुशास्त्र  में पश्चिम दिशा (Weast direction in Vastu) पश्चिम दिशा का स्वामी वरूण देव हैं.भवन बनाते समय इस दिशा को रिक्त नहीं रखना चाहिए.इस दिशा में भारी निर्माण शुभ होता है.इस दिशा में वास्तुदोष होने पर गृहस्थ जीवन में सुख की कमी आती है.पति पत्नी के बीच मधुर सम्बन्ध का अभाव रहता है.कारोबार में साझेदारों से मनमुटाव रहता है.यह दिशा वास्तुशास्त्र की दृष्टि से शुभ होने पर मान सम्मान, प्रतिष्ठा, सुख और समृद्धि कारक होता है.पारिवारिक जीवन मधुर रहता है.

वास्तुशास्त्र  में वायव्य दिशा
वायव्य दिशा उत्तर पश्चिम के मध्य को कहा जाता है.वायु देव इस दिशा के स्वामी हैं.वास्तु की दृष्टि से यह दिशा दोष मुक्त होने पर व्यक्ति के सम्बन्धों में प्रगाढ़ता आती है.लोगों से सहयोग एवं प्रेम और आदर सम्मान प्राप्त होता है.इसके विपरीत वास्तु दोष होने पर मान सम्मान में कमी आती है.लोगो से अच्छे सम्बन्ध नहीं रहते और अदालती मामलों में भी उलझना पड़ता है.

वास्तुशास्त्र  में उत्तर दिशा (North Direction in Vastu) वास्तुशास्त्र में पूर्व दिशा के समान उत्तर दिशा को रिक्त और भार रहित रखना शुभ माना जाता है.इस दिशा के स्वामी कुबेर हैं जो देवताओं के कोषाध्यक्ष हैं.यह दिशा वास्तु दोष से मुक्त होने पर घर में धन एवं वैभव में वृद्धि होती है.घर में सुख का निवास होता है.उत्तर दिशा वास्तु से पीड़ित होने पर आर्थिक पक्ष कमज़ोर होता है.आमदनी की अपेक्षा खर्च की अधिकता रहती है.परिवार में प्रेम एवं सहयोग का अभाव रहता है.

वास्तुशास्त्र  में ईशान दिशा
उत्तर और पूर्व दिशा का मध्य ईशान कहलाता है.इस दिशा के स्वामी ब्रह्मा और शिव जी हैं.घर के दरवाजे और खिड़कियां इस दिशा में अत्यंत शुभ माने जाते हैं.यह दिशा वास्तुदोष से पीड़ित होने पर मन और बुद्धि पर विपरीत प्रभाव होता है.परेशानी और तंगी बनी रहती है.संतान के लिए भी यह दोष अच्छा नहीं होता.यह दिशा वास्तुदोष से मुक्त होने से मानसिक क्षमताओं पर अनुकूल प्रभाव होता है.शांति और समृद्धि का वास होता है.संतान के सम्बन्ध में शुभ परिणाम प्राप्त होता है.

वास्तुशास्त्र में आकाश (Akash in Vastushastra)
वास्तुशास्त्र के अनुसार भगवान शिव आकाश के स्वामी हैं.इसके अन्तर्गत भवन के आस पास की वस्तु जैसे वृक्ष, भवन, खम्भा, मंदिर आदि की छाया का मकान और उसमें रहने वाले लोगों के ऊपर उसके प्रभाव का विचार किया जाता है.

वास्तुशास्त्र में पाताल वास्तु के अनुसार भवन के नीचे दबी हुई वस्तुओं का प्रभाव भी भवन और उसमें रहने वाले लोगों के ऊपर होता है.यह प्रभाव आमतौर पर दो मंजिल से तीन मंजिल तक बना रहता है.भवन निर्माण से पहले भूमि की जांच इसलिए काफी जरूरी हो जाता है.वास्तुशास्त्र के अनुसार इस दोष की स्थिति में भवन में रहने वाले का मन अशांत और व्याकुल रहता है.आर्थिक परेशानी का सामना  करना होता है.अशुभ स्वप्न आते हैं एवं परिवार में कलह जन्य स्थिति बनी रहती है।

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20 Comments

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  1. 07 October, 2010 06:11:26 PM trilok

    Apke dwara di gai sabhi jankariya bahut he upyogi hai.Kripa karke ye bhi bataye ki yadi uttar me staircse ho aur west me khali jagah east se jyada ho, saftic tank SW mein ho etc to kya bina tod fod ke bhi koi ilaaj sambhav hai?

  2. 23 September, 2010 02:53:49 PM deepak bansal

    mere resi ko t-point banta hai iske leya kya upai karna hai

  3. 20 September, 2010 10:06:39 PM BHISHAM VASHISHT

    sir mera koe bhi kam ban to jata h par jald h koe rukawat aa jati h me bhut preshan hu

  4. 09 September, 2010 03:50:39 PM Ashish Shrivastava

    Humare pass Uttar disha ka plot he aur hum us par ghar banana chahte he to plz aap hume batayenge ki vastu ke hisab se koun si jagah par hume kya banana chahiye taki hume baad me koi problems na aaye thanx

  5. 29 August, 2010 03:32:07 PM shirin m gohil

    in my house west side is open and under ground water tank, submarsible borwell and staircase is on west side

  6. 22 August, 2010 05:24:37 PM mahaveer

    aapkivastu me batayi gayi bathe achi lagi

  7. 18 August, 2010 04:17:23 PM sumer singh

    Adarniya Mahoday, Apke dwara di internet mein di gai sabhi jankariya bahut he upyogi hai.Kripa karke ye bhi bataye ki Handpump Ko disha mein lagana upyogi hota hai? Aapka sheegr jawab ka utsukta se intzaar karunga west Regards sumer singh

  8. 13 August, 2010 07:44:09 PM GIRIRAJ KAYAL

    VASTU SE SAMBHANDIT MUKHYA BATON KI JANKARI AVASHYA HONI CHAHIYE.

  9. 03 August, 2010 06:33:22 AM bhawna kabra

    Apke dwara di gai sabhi jankariya bahut he upyogi hai.Kripa karke ye bhi bataye ki yadi uttar me staircse ho aur west me khali jagah east se jyada ho, saftic tank SW mein ho etc to kya bina tod fod ke bhi koi ilaaj sambhav hai?

  10. 17 July, 2010 01:44:03 AM Patel Balwant Dahyabhai

    prediction of my life and my future my birth date 18.10.1970 birth time 18.08 pm