मंगल लाल किताब में (Mars in Lal Kitab)



लाल रंग का प्रभावशाली और ओजस्वी ग्रह है मंगल.मंगल को उसके पराक्रम के कारण देवताओं का सेनापति भी कहा गया है.

लाल किताब में इसे बकरी पालने वाला शेर अर्थात कमज़ोर की शक्ति कहा गया है.टेवे में मंगल की युति और स्थिति के अनुरूप व्यक्ति को शुभ और अशुभ फल प्राप्त होता है।

मंगल का स्वभाव एवं प्रकृति: (The characteristics of Mars as per Lal Kitab)
मंगल ग्रह उग्र स्वभाव वाला ग्रह माना गया है.लाल किताब के टेवे में खाना संख्या तीन मंगल का घर होता है (In Lal Kitab the third house is considered the house of Mars).यह मेष तथा मकर राशि का स्वामी होता है.मकर में यह उच्च होता है एवं कर्क में नीच.यह सूर्य, चन्द्र और गुरू के साथ मित्रता और शुक्र, शनि एवं राहु के साथ समभाव रखता है.लाल किताब का शेर ग्रह मंगल बुध और केतु से वैर भाव रखता है.टेवे में सूर्य बुध की युति होने पर मंगल शुभ फल देता है.शनि के साथ मंगल समभाव होता है परंतु सूर्य और शनि की युति होने पर मंगल अशुभ फल देता है.टेवे में राहु जब मंगल पर दृष्टि डालता है तब मंगल नेष्ट हो जाता है.

 मंगल का तरूणावस्था पर विशेष रूप से प्रभाव रखता है.शरीर में मज्जा, रक्त, यकृत, होंठ, पेट, छाती एवं बाजू पर मंगल का प्रभाव होता है.बल, पराक्रम, अहंकार, क्रोध, झूठ, द्वेष, गर्व एवं साहस मंगल के अधिकार क्षेत्र में हैं.यह तमोगुण वाला ग्रह है अत: इससे प्रभावित व्यक्ति में तमोगुण पाया जाता है.मंगल का रिश्तेदार भाई होता है अत: शुभ मंगल होने पर भाईयों को इसका लाभ मिलता है जबकि मंदा होने से भाई को कष्ट एवं परेशानी का सामना करना होता है.
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लाल किताब कहता है मंगल शक्तिशाली और नेक स्वभाव का ग्रह (Lal Kitab considers Mangal a good and powerful planet) है.यह व्यक्ति की नाभी पर निवास करता है.जिस व्यक्ति के टेवे में मंगल शुभ होता है वह अपने पराक्रम का प्रयोग शुभ कर्यों में करता है जबकि मंगल अशुभ होने पर व्यक्ति अपनी शक्ति एवं पराक्रम का इस्तेमाल असामाजिक कार्यों में करता है.कमज़ोर मंगल वाले व्यक्ति में साहस एवं पराक्रम का अभाव होता है.

लाल किताब मंगल उपचार: (Remedies for Mars from Lal Kitab)
लाल किताब में मंगल के शुभ होने पर इसकी शुभता को बनाये रखने का उपाय बताया गया है साथ ही अशुभ या मंदा होने पर इसका उपचार भी निर्देशित किया गया है.लाल किताब के अनुसार प्रथम भाव में मंगल होने पर कुत्ता पालना चाहिए एवं सुन्दरता के पीछे समय बर्वाद नहीं करना चाहिए.मंगल की उपस्थिति खाना संख्या दो में होने पर 400 ग्रा. चावल दूध में धोकर कम से कम 7 मंगलवार चलते पानी में प्रवाहित करना चाहिए.स्वस्थ्य के लिए बरगद की जड़ को दूध से सींचना चाहिए और उसकी गीली मिट्टी से तिलक करना चाहिए.खाना नम्बर तीन की शुभता हेतु हाथी दांत की वस्तुएं घर में रखना चाहिए.

जिनके टेवे में मंगल खाना नम्बर चार में मंदा हो उन्हें मंगलवार का व्रत रखना चाहिए और लड्डु अथवा बूंदी प्रसाद स्वरूप वितरण करना चाहिए.पांचवें खाने में मंगल के मंदे प्रभाव को कम करने के लिए लाल किताब कहता है कि रात को लोटे में जल भरकर सिरहाने रखें और सुबह ऐसे स्थान पर डाल दें जहां जल का अपमान नहीं हो.षष्टम भाव में मंगल के मंदा होने पर शनि की शांति का उपाय करना चाहिए.सप्तम खाने में मंगल मंदा होने पर घर में ठोस चांदी रखना लाभप्रद होता है.

अष्टम में मंगल की शुभता हेतु तन्दूर में मीठी रोटी पकाकर 43 दिनो तक कुत्ते को खिलाना चाहिए.नवम मंगल के लिए चौकोर चांदी का टुकड़ा दक्षिण दिशा वाले दरवाजे पर लटकाना चाहिए.दशम खाने में मंगल पीड़ित होने पर काले या काने व्यक्ति की सेवा से मंगल की पीड़ा कम होती है.ग्यारहवें खाने में मंगल की उपस्थिति होने पर कुत्ता पालने से शुभता आती है.चांदी का चावल साथ रखने से द्वादश स्थान का मंगल अशुभ फल नहीं देता है.

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11 Comments

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  1. 06 December, 2010 02:59:13 PM YOGESH ARYA

    MERI JOB KAB TAK LAG JAYEGI....? AUR SHADI KAB TAK HOGI.......?

  2. 26 November, 2010 01:46:17 PM PANKAJRANA

    meri ye sal kaise rahegi

  3. 21 November, 2010 05:35:54 PM radhe

    muje saadi karni hai

  4. 04 November, 2010 02:49:21 PM anoop

    mujhe Asli lal kitab hindi men padhna hai kahan milegi?? kis website se free me download kiya ja sakta h kya???

  5. 01 November, 2010 08:19:34 PM sonu Raghuwanshi

    hame ye lal kitab hini me padhne ko mil jay to acha hoga palease

  6. 26 October, 2010 11:10:53 AM vijay badge

    meri date of birth 07/03/1984 birth of place Sauvada (bhusaval) time : 17.30 p.m. mujhe meri kundali banani hai

  7. 19 August, 2010 10:04:31 AM goutam jain

    mujhe Asli lal kitab hindi men padhna hai help me

  8. 07 July, 2010 01:35:34 AM ashok

    lalkitab ko paana chata hoon.kaise milegi kiya lal kitab ki web sid duwar pade sakte hai

  9. 26 November, 2009 07:01:49 AM brajsen jain

    lalkitab ko paana chata hoon.kaise milegi!thoda sa padney ke baad utsukta aur bar gayi hai.

  10. 09 October, 2009 10:20:55 AM skand shukla

    lal kitab me sabhi samsya ka upchar hai