प्रश्न कुण्डली से स्वास्थ्य लाभ (Health Analysis Through Prashna Kundali)



सभी व्यक्ति उत्तम स्वास्थ्य की कामना करते है। लेकिन मानव शरीर मशीन के समान है इसलिए समय समय पर स्वास्थ्य सम्बन्धी परेशानियां आती रहती हैं। स्वास्थ्य में जल्दी सुधार नहीं होने पर चिंता होती है।
इस चिंता को दूर करने के लिए प्रश्न कुण्डली से ज्ञात किया जा सकता है कि स्वस्थ्य लाभ कब होगा (Prashna Kundali Illness recovery analysis)

रोगी के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ के योग (Quick Recovery Horary Combinations)

लग्न अथवा लग्नेश से रोग मुक्ति (Judging recovery from Lagna & Lagna Lord)

लग्न में स्थित बलवान ग्रह शीघ्र स्वास्थ्य लाभ देते है (Powerful planets in Lagna give quick recovery)। यदि लग्नेश  और दशमेश मित्र हो तब भी स्वास्थ्य में जल्दी सुधार होता है। चतुर्थेश और सप्तमेश के बीच मित्रता होने से भी रोगी जल्दी स्वास्थ्य लाभ प्राप्त करता है (Friendship of fourth and seventh lord equates quick recovery)। लग्नेश का चन्द्र के साथ सम्बन्ध हो और चन्द्र शुभ ग्रहों के प्रभाव मे या केन्द्र मे स्थित (Moon in Kendra houses) हो तो इसे भी जल्दी स्वास्थ्य में सुधार का संकेत कह सकते हैं। इसी प्रकार शुभ ग्रहों के प्रभाव के अन्तर्गत केन्द्र मे लग्नेश और चन्द्र की स्थिति शीघ्र लाभ बताती है। इस योग मे सप्तमेश वक्री नही होना चाहिए (Lord of seventh house should not be retrograde)। सप्तमेश सूर्य या अष्टम भाव के स्वामी से प्रभावित नही होना चाहिए।

चन्द्रमा से रोग मुक्ति (Judging Recovery from Moon)
अपनी राशि अथवा उच्च राशि मे बलवान चन्द्रमा किसी शुभ ग्रह के साथ सम्बन्ध बनाये तो रोगी जल्दी रोग मुक्त होता है (Relationship of Moon with a benefic)। चन्द्र अगर चर अथवा द्विस्वभाव राशि (Moon in a Moveable or Dual sign) मे होकर लग्न या लग्नेश द्वारा दृष्ट हो (Moon aspected by Lagna/Lagna Lord) तो तब भी शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की संभावना बनती है। इसी प्रकार का परिणाम तब भी प्राप्त होता है जब चन्द्रमा अपनी राशि मे चतुर्थ अथवा दशम भाव मे स्थित होता है। शुभ ग्रहो से दृष्ट चन्द्र अथवा सूर्य एक, चार या सातवे भाव मे स्थित हो तब भी जल्दी स्वास्थ्य लाभ मिलता है।

स्वास्थ्य लाभ में विलम्ब वाले योग (Astrological combinations for delayed recovery)
प्रश्न ज्योतिष के अनुसार यदि लग्नेश और दशमेश के बीच अथवा चतुर्थेश और सप्तमेश के बीच शत्रुता (Enmity between Ascendant lord and fourth lord) हो तो रोग और बढ जाता है। कुण्डली में षष्टेश से रोग को देखा जाता है। यदि किसी प्रश्न कुण्डली मे षष्ठेश अष्टमेश अथवा द्वादशेश के साथ सम्बन्ध बनाये तो स्वास्थ्य लाभ की संभावना बहुत कम होती है। लग्न मे चन्द्र अथवा शुक्र की उपस्थिति होने से जल्दी रोगमुक्त होने की संभावना नहीं बनती है (Moon or Venus in Lagna)। प्रश्न कुण्डली मे लग्नेश एवं मंगल की युति का होना भी स्वास्थ्य लाभ के संदर्भ में शुभ फलदायी नहीं होता है। द्वादश भाव मे लग्नेश स्थित हो तो रोगी देर से रोगमुक्त होता है (Lagna lord placed in 12th house)। इसी प्रकार यदि लग्नेश षष्टम, अष्टम भाव मे स्थित हो और अष्टमेश केन्द्र मे स्थित हो तो रोगी शीघ्र रोग मुक्त नहीं हो पाता है।

शरीर के अंग बारह भाव (12 Houses & Body Parts)
कुण्डली मे बारह भाव शरीर के विभिन्न अंगो को बताते है। सभी भाव रोग के किसी न किसी स्थान को सूचित करते है जैसे-
  • प्रथम भाव : सिर , मस्तिष्क , स्नायु तंत्र .
  • द्वितीय भाव: चेहरा, गला, कंठ, गर्दन, आंख.
  • तीसरा  भाव : कधे, छाती , फेफडे, श्वास , नसे , और बाहें.
  • चतुर्थ भाव : स्तन, ऊपरी आन्त्र क्षेत्र, ऊपरी पाचन तंत्र
  • पंचम भाव : हृदय, रक्त, पीठ, रक्तसंचार तंत्र.
  • षष्ठम भाव : निम्न उदर, निम्न पाचन तंत्र, आतें, अंतडियाँ, कमर, यक्रत.
  • सप्तम भाव : उदरीय गुहिका, गुर्दे.
  • अष्टम भाव : गुप्त अंग, स्त्रावी तंत्र , अंतडियां, मलाशय, मूत्राशय और मेरुदण्ड .
  • नवम भाव : जॉघें, नितम्ब और धमनी तंत्र.
  • दशम भाव : घुटने, हडियां और जोड़.
  • एकादश भाव : टागे, टखने और श्वास.
  • द्वादश भाव : पैर, लसीका तंत्र और आंखे.

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  1. 23 September, 2010 01:07:07 PM supriya patwardhan

    meri rashi karka hai. mai aciditi ki vyadhi se trasta hun. muje sardard hota hai. voh kab rukega? kis ki upasana labhprad hogi?is yadhi ka koi "mantra" hai kya?(is saval ke liye koi paisa dena padega kya?kyonki,mai paisa dena nahi chahati.Free salaha dijiye.)

  2. 06 August, 2010 01:12:49 PM shivani

    HAVE 4 QUESTION 1.HEALTH 2.BETTER JOB 3.MARRIAGE 4.MENTAL PEACE DOB 26-3-1983 POB RATLAM [Punjab] TOM 2:07 pm

  3. 26 September, 2009 06:58:32 AM kasera jaikee

    I HAVE 4 QUESTION 1.HEALTH 2.BETTER JOB 3.MARRIAGE 4.MENTAL PEACE DOB 14-2-1983 POB RATLAM [M.P.] TOM NIGHT 1.29

  4. 12 September, 2009 04:56:47 AM manoj joshi

    sir,mera janm 06oct.1989ko ganganagar(raj.)me0315pm.ko hua.me yah jankary lena chahata hu ki is saal mera swasthay kesa rahega.our shisha kesi rehegi.noukary milegi ya nahi milrgi to kis shetra me milegi.

  5. 29 July, 2009 08:22:59 AM rakhi

    kalsarp yog ki pooja kaha hoti hai main bahut confuse hoo

  6. 01 July, 2009 01:19:29 AM Narender Kumar

    I want to know about in all deatil health or body please send the massage contact with me my contact no 9268785961