गोचर शनि के शुभ फल: (Benefic Results of Saturn's Transits)



शनि कुण्डली के सभी ग्रहो मे सबसे अधिक मन्द गति से चलता है (Saturn is the slowest planet in the kundali in Vedic astrology). शनि एक ही राशि मे लगभग ढाई वर्ष रहता है. इसलिए सभी शुभ व महत्वपूर्ण घटनाऔ के घटित होने का समय निकालते समय शनि के गोचर पर विशेष ध्यान दिया जाता है.

गोचर मे शनि के काल कहा जाता है. तथा गुरु के आशिर्वाद स्वरुप समझा जाता है. गोचर के शनि के अशुभ फल विशेष रुप से प्रसिद्ध है. जैसे: गोचर मे शनि के चन्द्र से बारहवे से दूसरे घर तक रहने के समय के शनि की साढेसाती का नाम दिया जाता है (Sadesati is Saturn's transit from the 12th house to the 2nd house of the birth-kundali). जिसे सामान्य रुप से अच्छा नही समझा जाता है.

जब शनि चन्द्र से चौथे व आंठवे घर मे गोचर करते है तब उस अवधि के ढैया कहते है (Dhaiyya is Saturn's transit through the 4th and the 8th house). ढैया के फल भी बहुत अच्छे नही कहे गये है. इसके अतिरिक्त चन्द्र का पांचवे घर मे गोचर आर्थिक संकट का कारण माना जाता है. शनि हमेशा ही अशुभ फल नही देते है (Saturn is not malefic in all positions). वों भी जब कुण्डली के तीसरे, छठे व ग्यारहवे घर मे आते है तो उनसे मिलने वाले फल भी अच्छे होते है.

शनि गोचर मे जब तीसरे घर मे आते है. तो उनके द्वारा मिलने वाले फल शुभ होते है. ऐसे मे व्यक्ति अपने मकान से जुडी योंजनाएं पूरी करता है. भूमि खरीदने के लिए यह सबसे अच्छा समय होता है. स्वास्थय सुख पाता है. लिये गये धन के वापस करता है. तथा आर्थिक अभावों से मुक्ति मिलती है. शत्रुऔ पर विजय प्राप्त करने मे सफल होता है.

इसके अतिरिक्त शनि जब गोचर मे छठे घर मे आते है. तो भी शनि शुभ फल देते है (Saturn is favorable when it transits through the sixth house). इस घर मे शनि रोंगो के दूर भगाता है. शत्रुऔ पर विजय प्राप्त करता है. अधूरी योंजनाएं पूरी कर पाता है. अच्छे वाहन के ले पाता है. शनि के छठे घर मे गोचर से सभी भौतिक सुख-सुविधाएं प्राप्त होने की संभावनाए भी बनती है.

शनि जब कुण्डली के ग्यारहवे घर मे होता है तब भी वह शुभ फल देने की स्थिति मे होता है. इस अवधि मे व्यक्ति के लाभ मिलने आरम्भ होते है (Person gets benefits during the 11th transit of Saturn). व्यक्ति के शनि के आजिविका क्षेत्रों से विशेष रुप से लाभ प्राप्त होते है. जीवन साथी व संतान से सुख की प्राप्ति होती है. व्यक्ति के व्यवसाय मे उसके पद व अधिकारों मे वृिद्ध होती है.

शनि के गोचर के फलों से घबराने या डरने की स्थिति उपयोंक्त फलों के देखने के बाद नही रह जाती है. वैसे भी सभी शुभ कामों के लिए भी शनि का गोचर देखा जाता है. जो संबन्धित शुभ काम मे समय निर्धारित करता है. जैसे विवाह-समय मे सप्तम घर पर शनि का गोचर विवाह का समय बताता है. संतान प्राप्ति समय मे भी गोचर शनि का पांचवे घर के देखना संतान पाने के समय का संकेत करता है.

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  1. 21 November, 2010 07:01:52 PM ramesh

    meri sada-sati chal rahihai,to sani ka konsha vahan hoga?our ise labh ke hani hoga?krypaya karke bataye.