शनि की साढेसाती : चन्द्र के अनुसार सहनशक्ति का मापन (Saturn's Transit: Endurance Test Through Moon)



जन्म राशि के शनि के निकट आने पर शनि की साढेसाती आरम्भ होती है. और जन्म राशि का अर्थ है कुण्डली की वह राशि जिसमे चन्द्र स्थित है (Janma Rashi is the sign in which Moon was placed at the time of birth). इसलिए जन्मागं मे चन्द्र की स्थिति शनि की साढेसाती की अवधि के शुभ फलों मे कमी या बढोतरी के पूरी तरह से प्रभावित करती है.

कुण्डली मे व्यक्ति की सहनशक्ति का निर्धारण चन्द्र के द्वारा किया जाता है. व्यक्ति की सहनशक्ति अच्छी हो तो व्यक्ति बडे से बडे कष्ट आसानी से झेल जाता है. तथा सहनशक्ति के कमजोर होने पर साधारण कष्टों मे भी व्यक्ति हाथ खडे कर देता है.

चन्द्र की शक्ति का आंकलन कई बिन्दुऔ के ध्यान मे रखकर किया जाता है. चन्द्र के उच्च राशि मे, मित्र राशि मे, नीच राशि मे, तथा शत्रु राशि मे होने पर व्यक्ति पर साढेसाती का प्रभाव अलग अलग रहेगा (The impact of Sadesati is different according to the position and status of Moon). इसके अलावा चन्द्र के पक्ष बली होने पर प्रभाव शुभ रुप मे बदल जायेगे.

चन्द्र के आस पास के दोनों भावों मे अशुभ ग्रह होने से चन्द्र पाप कर्तारी योंग मे होगा (If malefic planets are in both the houses around Moon it is in Papkartari yoga). इससे व्यक्ति स्वयं के दबा हुआ महसूस करेगा. कुण्डली मे चन्द्र का बली होना कार्य क्षमता को बढा देता है. और व्यक्ति पर शनि की साढेसाती का प्रभाव सामान्य रहता है. इसका कारण व्यक्ति की सहन शक्ति का बली होना है.

शनि ग्रह वृषभ, मिथुन, कन्या, तुला, मकर, व कुम्भ लग्न के लिए शुभ प्रभाव देने वाले ग्रह होते है (Saturn is luckier for Taurus, Gemini, Virgo, Libra, Capricorn and Aquarius). अन्य लग्नों के लिए शनि की साढेसाती की अवधि के अशुभ फलों के जानने के लिए चन्द्र के बल के देखना चाहिए. साढेसात साल की अवधि के अपूर्ण ज्ञान रखने वाले ज्योतिषियों ने बेहद डरावना बना दिया है. पर वास्तव मे ऐसा नही है.

जन्म कुण्डली व चन्द्र कुण्डली दोनों मे शनि योगकारक व शुभ ग्रह है (If Saturn is benefic in both Lagna kundali and the Moon-kundali) तो शनि की साढेसाती व्यक्ति के लिए अशुभ फल देने वाली नही रहती है. इसके विपरीत दोनों ही कुण्डलियों मे शनि अनिष्टकारी होने का संकेत दे रहे हो तो अच्छे फल नही मिलेगे. अगर दोनों कुण्डलियों मे शनि का प्रभाव मिश्रति आने पर व्यक्ति के साढेसाती के दौरान उन्नति व कष्ट दोनों ही प्रकार के फल प्राप्त होगे.

कुण्डली मे चन्द्र के बली होने पर व्यक्ति मजबूत वृक्ष के समान होता है जिसमे कष्टों की आंधियों से टकराने की क्षमता होती है. और चन्द्र के कमजोर होने पर वह हवाओं का विपरित रुख सहन नही कर पाता है. और टूटकर गिर जाता है. शनि की साढेसाती व्यक्ति की सहनशक्ति का आकलन करती है. और उसी के अनुसार फल देती है.

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  1. 15 July, 2010 05:27:21 AM ashish khandekar

    muj par shani dev ka prakop hai sab kam galat ho raha hai mai kya karoo muhje lagta hai muj par shani dev ki sade sati hai mujhe apne grah ki shnti karna hai mai kya karoo muje bahut tenshion hai plese koi upay bataye mera birth hai 17 march 1985

  2. 15 July, 2010 05:17:08 AM ashu khandekar

    mujhe lagta hai ki muj par shani ki dasha hai sade sati hai jo bhi kam karta hoo sab ulta hota hi mai bahot tension mai hoo plese mujhe koi upay bataye ki shani dev ko shant kaise kare mera birthday 17 march 1985 hai.

  3. 21 January, 2010 01:55:14 AM pooja

    thanks for the information.

  4. 08 December, 2009 02:53:10 AM Mukesh mittal

    Aap sabhi logon ko mera aamantran hai. Mera ek batch 29 Nov ko shuru ho gaya hai. Agla batch sunday afternoon ko shuru hone ja raha hai doston.

  5. 30 October, 2009 01:59:42 AM Bal Krishna B. Pandya

    Muje Jyotisha Sikhane ki bahut hi ichha hai kripaya muje margdarshan de .

  6. 25 October, 2009 05:58:48 AM jitendra sharma

    video classes chalu karke logo ko aur jankari dija sakati hai, jisase jyada se jyada log is gyan ka upyog kar sahi aur galt ka faisla kar sake.halaki jyadatar dekha gaya hai ke aap jis jyotish ke pas jate hai wo aapko jo suchan deta hai aur wo thik nahi baithta to log jyotish ko bhala bura kahane lag jate hai, jab ki jyotish sharstra apane aap me bahot brihad gyan ka bhandar hai, aap ka jyotishi galat ho sakata hai, jyadatar jyotishi apane agyan ko chhupane ke liye jhoot bol kar kaam chalate hai, par ye galat hai. isase jyotsh shastra badanam hota hai. log us jyotish ko galat nahi kahate apitu jyotish sharstra ko bhala bura kahane lagate hai. atah meri aap se vinati hai ki aap swayam thoda prayas karenge to aap swayam bhi jaan jayenge ki jyotish shastra sahi hai. aap ka jyotishi galat ho sakata hai.

  7. 23 October, 2009 06:48:21 AM Arun Sharma

    give me the full details of your productes

  8. 20 October, 2009 02:23:50 AM हरि जोशी

    हांलाकि मुझे ज्‍योतिष का ज्ञान नहीं है और ये भी नहीं मालूम कि चंद्र बली कब होता है और शनि कब मजबूत होता है कुंडली में; इसलिए आपका लेख ज्‍योतिष ज्ञाताओं के लिए बेहतर है।