मंदे चन्द्र को शुभ बनाये ( Remedies of Lal Kitab to Maintain the Auspiciousness of Moon)



ग्रहों के मंदे या सोया हुआ प्रभाव को कम करके नेक फल प्राप्त करने से सम्बन्धित जो उपाय बताए जाते हैं उनमें लाल किताब के उपाय सबसे आसान और सुविधा जनक है। अपनी इन्हीं खूबियों के कारण लाल किताब लोकप्रिय हो रहा है।
जिन लोगों की कुण्डली में चन्द्रमा कमज़ोर, मन्दा या सोया हुआ हो उनके लिए लाल किताब का कहना है........

चन्द्रमा प्रथम भाव में (Placement of Moon in the First House)
लाल किताब के खाना नम्बर एक में चन्द्रमा मंदा होने पर व्यक्ति को 25 वर्ष से पहले चन्द्रमा को नेक बना लेना चाहिए। अगर खाना संख्या एक का मंदा चन्द्रमा 25 वर्ष से पहले नेक नहीं होता है तो कई प्रकार की कठिनाईयों का सामना करना होता है.  इस खाने में चन्द्रमा को शुभ बनाने के लिए माता एवं बुजुर्ग महिलाओं से आशीर्वाद प्राप्त करना चाहिए। पलंग अथवा चारपाई जिस पर भी व्यक्ति सोता हो उसके चारों पायों में तांबे की कील ठुकवानी चाहिए।

चन्द्रमा द्वितीय भाव में ( Placement of Moon in the Second House)
जिनकी कुण्डली में खाना नम्बर दो में चन्द्रमा सोया हो, कमज़ोर अथवा मंदा हो उन्हें चन्द्रमा को मजबूत बनाने के लिए 40 से 43 दिनों तक हरे रंग का कपड़ा कन्याओं को देना चाहिए। चन्द्रमा का नेक फल पाने के लिए घर में वर्षा का पानी जमा करके रखना चाहिए। अगर घर में पुत्र का जन्म हो तो संतान के पैरों में चांदी का छल्ला पहनाना चाहिए।

चन्द्रमा तृतीय भाव में ( Placement of Moon in the Third House)
तीसरे खाने में चन्द्रमा का मंदा फल प्राप्त नहीं हो इसके लिए अतिथि सत्कार का ध्यान रखना चाहिए। ससुराल में किसी की शादी हो तो उसमें सहायता करनी चाहिए। लाल रंग की फिटकरी ज़मीन में दबाने से भी चन्द्र का मंदा फल दूर होता है। चन्द्र की शुभता के लिए अगर घर में कन्या का जन्म हो तो चन्द्र की वस्तु का दान करना चाहिए इससे धन दौलत की वृद्धि होती है। पुत्र या पोते का जन्म हो तो सूर्य की वस्तु का दान करना चाहिए इससे परिवार की वृद्धि होती है।

चन्द्रमा चतुर्थ भाव में (Placement of Moon in the Fourth House)
लाल किताब के नियमानुसार अगर चौथे खाने में चन्द्रमा बैठा है तो किसी भी कार्य को शुरू करने से पहले कलश मे दूध भरकर रखना चाहिए इससे कार्य में सफलता मिलती है। (He should serve his mother or any other elder women)माता एवं माता समान महिला की सेवा करनी चाहिए। मातृ पक्ष से मधुर सम्बन्ध बनाकर रखना चाहिए।

चन्द्रमा पंचम भाव में ( Placement of Moon in the Fifth House)
पांचवें खाने में चन्द्रमा का नेक फल प्राप्त करने के लिए वाणी पर नियंत्रण रखना चाहिए।  Do not keep products of Mercury in the house otherwise it will give you malefic results)बुध की वस्तुओं को घर में नहीं रखना चाहिए अन्यथा चन्द्र अधिक मंदा फल देने लगता है। घर में घड़ी बंद पड़ी हो तो मरम्मत करा लेनी चाहिए नहीं तो चन्द्रमा का नेक फल नहीं मिल पाता है। अध्यात्म के प्रति लगाव होने से इस भाव में बैठा चन्द्र नेक फल देता है।

चन्द्रमा छठे भाव में ( Placement of Moon in the Sixth House)
कुण्डली में छठे भाव में चनद्र का नेक फल प्राप्त करना हो तो रात के समय दूध का सेवन नहीं करना चाहिए। दूध से बनी वस्तुओं का सेवन किया जा सकता है। ( do not go on unnecessary travelings and do not bring negative thoughts in the mind)अनावश्यक यात्राओं से बचना चाहिए एवं मन में नाकारात्मक विचारों को नहीं आने देना चाहिए। चन्द्रमा की शुभता के लिए गुरू, सूर्य एवं मंगल की वस्तुओ का समय समय पर दान करते रहना चाहिए एवं मंदिरों में प्रणाम करना चाहिए।

चन्द्रमा सातवें भाव में ( Placement of Moon in the Seventh House)
सातवें खाने में बैठा चन्द्रमा मंदा हो तो उसे नेक बनाने के लिए एवं नेक हो तो उसे और भी शुभ बनाने के लिए जीवनसाथी के वजन के बराबर दूध का दान करना चाहिए। (Keep silver jewelery in the house)घर में चांदी का अभूषण रखना चाहिए। चन्द्र की शुभता के लिए घर में पानी का टंकी लगाना चाहिए। ( He should serve his mother to get auspicious results from Moon) मॉ की सेवा करनी चाहिए अगर मॉ कष्ट में होंगी अथवा आपसे नाराज होंगी तो चन्द्रमा का मंदा फल और भी मंदा होगा।

चन्द्रमा आठवें भाव में ( Placement of Moon in the Eighth House)
खाना संख्या आठ मे चन्द्रमा का शुभ फल पाने के लिए घर में चन्द्र की वस्तु रखनी चाहिए। जो भी काम शुरू करें उसकी पूरी योजना पहले बनालें। ( Try to maintain sweet relations with the wife)पत्नी के साथ मधुर सम्बन्ध बनाकर रखना चाहिए। चन्द्र का मंदा फल नहीं प्राप्त हो इसके लिए बड़ो का आदर करना चाहिए एवं उनके पैरों को जल से धोना चाहिए।

चन्द्रमा नवम भाव में ( Placement of Moon in the Ninth House)
नवम खाने में चन्द्रमा की शुभता को बढ़ाने के लिए समय समय पर तीर्थ यात्रा करनी चाहिए। धर्म स्थान में जल का दान करने से भी चन्द्रमा के नेक फल में वृद्धि होती है। (Seek blessings from elder women) बुजुर्ग स्त्रियों से आशीर्वाद प्राप्त करना चाहिए। माता के प्रति श्रद्धा का भाव रखना चाहिए, उन्हें कष्ट नहीं होने देना चाहिए।

चन्द्रमा दशम भाव में ( Placement of Moon in the Tenth House)
खाना संख्या दश में चन्द्र अगर मंदा हो तो चन्द्र को नेक बनाने के लिए एवं नेक चन्द्र को और अधिक शुभ बनाने के लिए स्त्रियों के प्रति आदर भाव रखना चाहिए, उनसे छल कपट नहीं करना चाहिए। ( Do not drink milk in night) रात के समय दूध नहीं पीना चाहिए। बरसात के दिनों में ओलों को जमाकर उसका पानी घर में रखना चाहिए। दशम भाव में चन्द्र और पाचवें घर में राहु, केतु, शुक्र अथवा शनि हो तो चन्द्र वस्तुओं को घर में नहीं लाना चाहिए इससे परेशानी आती है।

चन्द्रमा ग्यरहवें भाव में ( Placement of Moon in the Eleventh House)
ग्यारहवें भाव में चन्द्रमा स्थिति हो तो चन्द्र का नेक फल प्राप्त करने के लिए संतान का जन्म होने पर दादी को संतान का मुख 43 दिनों तक नहीं देखना चाहिए। शुक्रवार के दिन ससुराल में अथवा अपने घर पर विवाह का आयोजन नहीं करना चाहिए। (Do not bring products of Mercury in the house)बुध से सम्बन्धित वस्तुओं को घर में नहीं लाना चाहिए। शनिवार के दिन मकान बनाना और खरीदना नहीं चाहिए।

चन्द्रमा बारहवें भाव में ( Placement of Moon in the Twelfth House)
बारहवें भाव में बैठा चन्द्रमा अगर अशुभ फल दे रहा है तो इसे शुभ बनाने के लिए बुध की वस्तुओं का दान करना चाहिए। धन का अपव्यय नहीं करना चाहिए। बरसात का पानी किसी बर्तन में जमा करके रखना चाहिए। जल को व्यर्थ बहाना नहीं चाहिए। घर में जल भंडारण के लिए टंकी लगाने से चन्द्र का नेक फल प्राप्त होता है।

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