शतभिषा नाडी मुहूर्त व पू. भा. नाडी मुहूर्त - Shatbhisha Nadi Muhurtha and Purvabhadrapada Nadi Muhurtha



नाडी मुहूर्त प्रणाली नक्षत्र आधारित महूर्त प्रणाली पर आधारित है. इस प्रणाली में सूर्योदय से लेकर सूर्यास्त के मध्य के समय को एक समान 30 घटियों में बांटा जाता है(Saint Bhargava divided time between Sunrise to Sunset into 30 Ghatis). इस प्रणाली में इसी प्रकार की 30 नाडियां रात्रिमान की अवधि से भी निर्धारित की जाती है. इस प्रकार यह प्रणाली में 60 नाडीय़ों पर आधारित है. 30 नाडीयों में 27 नाडियां नक्षत्रों की है. तथा शेष तीन नाडियां ज्योत्सना, मैत्री व संध्या के नाम से जानी जाती है. एक नाडी समय में 24 मिनट का समय होता है. आईये देखे की ये नाडियां किस प्रकार के फल देती है.

इस प्रणाली में इसी प्रकार की 30 नाडियां रात्रिमान की अवधि से भी निर्धारित की जाती है. इस प्रकार यह प्रणाली में 60 नाडीय़ों पर आधारित है. 30 नाडीयों में 27 नाडियां नक्षत्रों की है. तथा शेष तीन नाडियां ज्योत्सना, मैत्री व संध्या के नाम से जानी जाती है. एक नाडी समय में 24 मिनट का समय होता है. आईये देखे की ये नाडियां किस प्रकार के फल देती है.

9. शतभिषा नाडी मुहूर्त (Shatbhisha Nadi Muhurtha)
शतभिषा नाडी मुहूर्त (Shatbhisha Nadi Muhurtha) समय में रविवार के दिन यात्रा करना उतम रहता है. इस मुहूर्त समय में यात्रा आरम्भ करने पर यात्रा कार्य में सफलता मिलती है. सोमवार की अवधि के नाडी समय को सरकारी क्षेत्रों के कार्यो को सफलता पूर्वक किया जा सकता है. बुधवार की नाडी में व्यक्ति को यात्रा आरम्भ नहीं करनी चाहिए(should not travel in the Shatbhisha Nadi Muhurtha on Wedesday) . इस समय में यात्रा आरम्भ करने पर व्यक्ति के धन हानि की संभावनाएं बनती है. गुरुवार के दिन शतभिषा नाडी समय में शुभ कार्य करने पर सम्मान की प्राप्ति होती है. शतभिषा नाडी मुहूर्त (Shatbhisha Nadi Muhurtha) के इस समय में कोई किताब प्रकाशित करने पर व्यक्ति के यश में बढोतरी होने की सम्भावनाएं बनती है.

शतभिषा नाडी शुक्रवार के दिन तंत्र सिद्धि का कार्य करने पर सरलता से किया जा सकता है. शनिवार के दिन इस नक्षत्र नाडी में अशुभ ( दूसरों के अहित के कार्य ) कार्य किये जा सकते है. शुभ कार्यो को इस अवधि में नहीं करना चाहिए (Do not perform auspicious acts in this Muhurtha).

10. पू. भा. नाडी मुहूर्त (Purvabhadrapada Nadi Muhurtha)
पू. भा. नाडी मुहूर्त (Purvabhadrapada Nadi Muhurtha) रविवार के मुहूर्त समय में कोर्ट-कचहरी के कार्यो को आरम्भ करना चाहिए. इस समय में अदालत से जुडे कार्य आरम्भ करने पर व्यक्ति को इन कार्यो में सफलता प्राप्त होती है. सोमवार की नाडी में धार्मिक कार्यो को आरम्भ करने पर कार्य में पूर्ण सफलता प्राप्ति की संभावनाएं बनती है.

यह समय धर्म क्रियाओं में व्यक्ति की आस्था व विश्वास को बनाये रखने में सहयोग करता है. पू. भा. नाडी मुहूर्त (Purvabhadrapada Nadi Muhurtha) मंगलवार कि अवधि को वैवाहिक कार्यो के लिये प्रयोग किया जा सकता है (He can do marriage in this Nadi Muhurtha on Tuesday). अर्थात इस समयावधि में विवाह करना शुभ रहता है. बुधवार की नाडी अवधि में प्रतियोगियों पर विजय प्राप्ति के कार्य करने चाहिए. पू. भा. नाडी गुरुवार के दिन नये व्यापार का आरम्भ करने पर व्यापार में दिन दुगुणी रात चौगुणी तरक्की होने की संभावनाएं बनती है.

पू. भा. नाडी के शुक्रवार के दिन शुभ कार्य आरम्भ करने पर कार्य के मध्य की अवधि में अन्य शुभ समाचार सुनने को मिलता है. अर्थातपू. भा. नाडी मुहूर्त (Purvabhadrapada Nadi Muhurtha) शुभ कार्य की शुभता में वृ्द्धि करता है. शनिवार में पू. भा. नाडी में समझौते व शान्ति के कार्य नहीं करने चाहिए. अन्यथा मतभेद उत्पन्न होने की संभावनाएं बनती है.

Tags

Categories


Please rate this article:

5.00 Ratings. (Rated by 1 people)


Write a Comment

View All Comments