ज्योत्सना नाडी, मैत्री नाडी, व संन्ध्या नाडी मुहूर्त (Sandhya Nadi Maitri Nadi and Jyotsna Nadi Muhurtha)



भार्गव ऋषि के द्वार बताई गई नाडियों में अभी तक आई नाडियां नक्षत्रों पर आधारित थी. पर इसके बाद की तीन नाडियां नक्षत्रों पर आधारित नहीं है. ज्योत्सना नाडी रविवार के दिन की अवधि में व्यक्ति जिस भी शुभ कार्य को आरम्भ करता है उसे उस कार्य में सफलता प्राप्त होती है.

ज्योत्सना नाडी मुहूर्त (Jyotsana Nadi Muhurtha)
सोमवार के दिन ज्योत्सना नाडी (Jyotsana Nadi) का समय नौकरी आरम्भ करने के लिये अनुकुल होता है. ज्योत्सना नाडी (Jyotsana Nadi) की शुभता से इस अवधि में नौकरी आरम्भ करने पर नौकरी से संबन्धित सभी उद्धेश्यों की प्राप्ति की संभावना बनती है. मंगलवार की ज्योत्सना नाडी (Jyotsana Nadi) को भी सभी कार्यो के लिये शुभ कहा गया है .

बुधवार कीज्योत्सना नाडी (Jyotsana Nadi) अवधि में मित्रों से मुलाकात का कार्य करना लाभकारी रहता है. गुरुवार की ज्योत्सना नाडी (Jyotsana Nadi) में यात्रा नहीं करनी चाहिए . तथा शुक्रवार के ज्योत्सना नाडी (Jyotsana Nadi) समय में सुख संबन्धी कार्य करने हितकारी रहते है. शनि वार के दिन की ज्योत्सना नाडी अवधि में कोई भी कार्य नहीं करना चाहिए. इस समय में कार्य आरम्भ करने पर जिसके लिये यह कार्य किया जा रहा है उस व्यक्ति के स्वास्थय में कमी की संभावनाएं बनती है.

मैत्री नाडी मुहूर्त (Maitri Nadi Muhurtha)
मैत्री नाडी मुहूर्त (Maitri Nadi Muhurtha) रविवार के दिन की अवधि में शुभ कार्य आरम्भ करने पर कार्य में बहुत सी बाधाएं आने की संभावनाएं रहती . सोमवार की मैत्री नाडी (Maitri Nadi) में तांत्रिक कार्य सुगमता से किया जा सकता है. तांत्रिक सिद्धि प्राप्ति के लिये भी इस समय मुहूर्त का प्रयोग किया जा सकता है.

मंगलवार के दिन की मैत्री नाडी (Maitri Nadi) में शुभ कार्य करने पर कार्य कि सफलता को लेकर मन में उदासी का भाव रहता है. बुधवार के नाडी समय में व्यक्ति जिस भी कार्य को करता है उसे उसमें सफलता प्राप्त होती है. गुरुवार की मैत्री नाडी (Maitri Nadi) में धन संबन्धी कार्य नहीं करने चाहिए. अन्यथा धन का नाश होता है.

शुक्रवार की मैत्री नाडी (Maitri Nadi) की अवधि में किये गये कार्यो में सफलता प्राप्ति की संभावनाएं बनती है. इसलिये इस समयावधि में सभी प्रकार के कार्य किये जा सकते है. शनिवार की मैत्री नाडी क्रोध को कम करने के उपायों को करने के लिये अनुकुल होती है.

संन्ध्या नाडी मुहूर्त (Sandhya Nadi Muhurtha)
संन्ध्या नाडी मुहूर्त (Sandhya Nadi Muhurtha) रविवार के दिन व्यक्ति को स्थिर प्रकृ्ति के कार्य करने चाहिए. स्थिर कार्यो को इस अवधि में करने पर कार्यो में स्थिरता का भाव रहता है. सोमवार की संन्ध्या नाडी (Sandhya Nadi) अवधि में सभी शुभ कार्य किये जा सकते है.

मंगलवार की संन्ध्या नाडी (Sandhya Nadi) अवधि में जीवन साथी से विवाद करने से बचना चाहिए. बुधवार की संन्ध्या नाडी (Sandhya Nadi) के समय में यात्रा कार्य आरम्भ नहीं करना चाहिए. वाहन संबन्धी कार्यो से बचना भी हितकारी रहता है. गुरुवार की नाडी के समय में यात्रा करने पर इससे संबन्धित कार्य पूरे होते है.

शुक्रवार कीसंन्ध्या नाडी (Sandhya Nadi) में शुभ कार्य आरम्भ करने पर कार्य के व्यर्थ जाने की संभानाएं बनती है. शनिवार की इस नाडी में सार्वजनिक कार्य सफलता पूर्वक किये जा सकते है.

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