मंगल का कन्या राशि में प्रवेश Mars Enters Virgo 20 July 2018



20 जुलाई 2018, सुबह 06:33 प्रात: मंगल सिंह राशि से बुध की कन्या राशि में प्रवेश करेगें. 20 जुलाई से 05 सितम्बर 2018 तक ये इसी राशि में रहेगें. इस अवधि में मंगल सूर्य के नक्षत्र में रहेगें. मंगल के कन्या राशि में गोचर के लगभग 48 दिन का गोचर शनि के साथ रहेगा. जिनपर स्वराशि के गुरु की दृ्ष्टि रहेगी.

1. मंगल कन्या गोचर में प्रभावित राशियां :-
इस 48 दिन की समयावधि में विशेष रुप से मंगल से प्रभावित होने वाली राशियां कन्या, धनु, मीन व मेष रहेगी. इसमें दो राशियां गुरु की रहेगी. गुरु स्वयं भी गोचर में मंगल-शनि से द्र्ष्टि संबन्ध बना रहे होगें. यह अलग बात है कि उनकी द्रष्टि की शुभता मात्र तीन दिन ही प्राप्त हो पायेगी. इसके बाद 23 जुलाई 2018 को गुरु वक्री हो जायेगें. इससे दृष्टि में वक्रता आने के कारण गुरु की शुभता प्रभावित रहेगी.

2. तीन बडे ग्रहों का युति-दृ्ष्टि संबन्ध:-
गोचर के तीन सबसे बडे ग्रह कन्या व मीन राशि में होने के कारण इन दोनों राशियों से संबन्धित फल प्राप्ति की संभावनाएं बनी रहेगी. मंगल व शनि की युति का यह अनुभव विशेष रहेगा. शनि वर्तमान में मंगल से 05 अंश आगे है. परन्तु अपनी धीमी गति के कारण यह मंगल के फलों को प्रभावित करेगा.

3. मंगल कारकतत्वों पर प्रभाव:-
मंगल साहस व जोश का कारक ग्रह है, तथा शनि मेहनत व प्रयास का, दोनों की युति के फलस्वरुप व्यक्ति को कई जगह व्यर्थ की भाग-दौड करनी पड सकती है. अत्यधिक जोश व साहस दिखाना हो सकता है की काम न आयें.

मंगल-शनि के बनने वाले संबन्ध से व्यक्ति को अपनी शक्ति व साधनों को समझबूझ से प्रयोग करना हितकारी रहता है. मंगल शनि का योग तनाव व उलझने बढा सकता है. अत्यधिक परिश्रम करने से ही लाभ प्राप्त होने की संभावनाएं रहेगी. विशेष कर कन्या राशि वाले व्यक्तियों के स्वभाव में क्रोध कि अधिकता रहेगी.

4. मंगल-गुरु राशि दृ्ष्टि संबन्ध:-
कन्या राशि में मंगल के गोचर के समय गुरु मंगल की राशि वृ्श्चिक राशि से द्रष्टि सम्बन्ध रहेगा. तथा मंगल भी गुरु की दोनों राशियों को अपनी चतुर्थ व सप्तम दृ्ष्टि से प्रभावित करेगें. इन सब राशि वाले व्यक्तियों को अपनी इस समयावधि में अपनी शक्ति व योग्यता का पूर्ण उपयोग करने में दिक्कतें आ सकती है. स्वभाव में कुछ धार्मिकता व बडों के सम्मान की कमी की संभावनाएं भी बन रही है.

5. कर्क राशि पर गोचर का विशेष प्रभाव:-
चन्द्र की राशि कर्क से मंगल कन्या राशि में गोचर करते समय तीसरे भाव में रहेगें. इस स्थिति में कर्क राशि के व्यक्ति प्रेम प्रसंगों में विशेष साहस का प्रयोग कर सकते है. तथा इस राशि के व्यक्तियों के लिये इस समया में नई योजना को आत्मविश्वास के साथ आरम्भ करना लाभकारी रहेगा.

6. मिथुन राशि स्वास्थय विचार:-
जुलाई से सितम्बर तक की अवधि तक मंगल-शनि दोनों मिथुन राशि के ह्रदय, सुख स्थान पर रहेगें तथा शनि का दृ्ष्टि मिथुन राशि पर रहेगी. इस राशि के लिये मंगल रोग भाव के स्वामी होकर अपने से एकादश भाव में गोचर करेगें इसके फलस्वरुप रोगों में वृ्द्धि की संभावनाएं बनी रहेगी. इसके कारण इस समायावधि में इस राशि के व्यक्तियों को अपने स्वास्थय का विशेष ध्यान देना चाहिए. जहां तक हो सके तनाव में रहने से बचना चाहिए.

7. तुला राशि पुरुषार्थ में कमी:-
कन्या राशि में मंगल गोचर तुला राशि के व्यक्तियों को कुछ आराम पसन्द बना सकता है. इस स्थिति में इस राशि के व्यक्तियों को अत्यधिक आराम करने से बचना हितकारी रहेगा. अन्यथा योजनाएं विलम्बित हो सकती है.
उपरोक्त राशियां गोचर की इस अवधि में विशेष रुप से प्रभावित रहेगी.

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  1. 22 July, 2010 03:12:23 AM prahlad

    mera nam prahlad hai mai 24 sal ka hoo meri mansik halat theek nahee rahti . mai bahut nigetive feel karta hoon. lagta hai meri jindgi yese smapt ho jayegi. pahle mai bahut theek yha lekin ab jaise mitti ka ho gaya hoo. pls koi upay bataye. mera marg darshan kare. apki mahan daya hogi thanks