1. Category archives for: वैशिष्टय (Feature)

सभी ग्रहों के समान बृहस्पति के भी तीन नक्षत्र हैं पुनर्वसु, विशाखा और पूर्वाभाद्रपद.राहु जन्म कुण्डली में अगर इन नक्षत्रों में स्थित होता है और गुरू शुभस्थ स्थान पर होता है तो राहु की दशा काल में आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होती है.आय के साधनों मे...

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मंगल व केतु दोनों ही जोशीले ग्रह हैं. लेकिन, इनका जोश अधिक समय तक नहीं रहता है. दूध की उबाल की तरह इनका इनका जोश जितनी चल्दी आसमान छूने लगता है उतनी ही जल्दी वह ठंढ़ा भी हो जाता है. इसलिए, इनसे प्रभावित व्यक्ति अधिक समय तक किसी मुद्दे पर डट...

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गुरू को सत्वगुणी ग्रह माना जाता है. यह ज्ञान व भाग्य का प्राकृति स्वामी ग्रह माना जाता है. ज्योतिषशास्त्र में इसे धन का कारक भी कहा गया है. आजीविका का सम्बन्ध धन व आय से होता है. इस लिहाज से गुरू का सम्बन्ध आजीविका स्थान यानी दसवें घर से हो...

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भवन निर्माण को शुभ माना गया है. इसके लिए एक विशेषशास्त्र लिखा गया है जिसे वास्तुशास्त्र कहा गया है.

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मंगल को क्रूर ग्रह के रूप में ज्योतिषशास्त्र में मान्यता प्राप्त है. विवाह के संदर्भ में शनि, राहु, केतु, सूर्य और शुक्र भी परेशानी देना वाला होता है फिर इन ग्रहों की अपेक्षा मंगल का भय सबसे अधिक सताता है.

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तेजी से भागते, बदलते समय ने ज्योतिष के मूहुर्त को भी बदल के रख दिया है. आज झटपट मूहुर्त का चलन है. मूहुर्तों की इसी श्रेणी में चौघडिया मूहुर्त (Chaughadia muhurtas) का नाम आता है. इस मूहुर्त को गुजरात व भारत के पश्चिमी क्षेत्रों में अधिक प्...

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जैसे कुछ ग्रहों के साथ शनि देव शुभ होते हैं और कुछ के साथ अशुभ फलदायी, उसी प्रकार कुछ 12 राशियों में से कुछ में शनि लाभदायक तो कुछ में हानिकारक होते हैं.आपकी कुण्डली में शनि किस राशि में हैं और यह आपको किस प्रकार से प्रभावित करेंगे आइये इसे...

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देवी लक्ष्मी की कृपा हम सभी प्राप्त करना चाहते हैं क्योंकि देवी लक्ष्मी ही सुख वैभव को देने वाली है.ज्योतिषशास्त्र की दृष्टि में धन वैभव और सुख के लिए कुण्डली में मौजूद धनदायक योग (Lakshmi Yoga) काफी महत्वपूर्ण होते है. देखिये कि आपकी कुण्...

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मांगलिक दोष (Manglik Dosha) जिसे कुजा दोष (Kuja Dosha) भी कहते हैं विवाह के विषय में बहुत ही गंभीर और अमंगलकारी मानी जाती है. मांगलिक दोष से पीड़ित लड़का हो या लड़की दोनों की शादी को लेकर माता पिता की परेशानी विशेष रूप से बढ़ जाती है क्योंक...

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विवाह के समय शुभ लग्न (benefic ascendant) उसी प्रकार महत्व रखता है, जैसा जन्म कुण्डली (birth chart) में लग्न स्थान (ascendant) में शुभ ग्रहों की स्थिति का होता है.विवाह के लिए लग्न निकालाते समय वर वधु की कुण्डलियों का परीक्षण (examination o...

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मुहूर्त (muhurat) वैदिक ज्योतिष (Vedic astrology) का महत्वपूर्ण अंग है। यह समय विशेष में कार्य की शुभता और अशुभता की जानकारी देता है। अगर आप अपने कार्य को सफलता प्राप्त करना चाहते हैं तो मुहूर्त में लग्न का विचार करके कार्य शुरू करें। तुला ...

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मंगल को लाल किताब (Lal kitab) में शेर कहा गया है। यह अगर नेक हो तो वीरता, साहस और पराक्रम देता है। अगर मंदा हो तो भाई बंधुओं से परेशानी होती है। विवादो में उलझना पड़ता है। लाल किताब कहता है मंगल अगर मंदा (debilitated Mars) हो तो इसे नेक बना...

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व्यवसाय का सम्बन्ध जीविका से है. जीविका के लिए व्यक्ति व्यापार करता है या नौकरी. इसका स्तर छोटा भी हो सकता है और बड़ा भी. इसमें पदोन्नति भी होती है और स्थानांतरण भी. प्रश्न कुण्डली रोजगार और व्यवसाय से सम्बन्धित सभी पहलूओं का उत्तर देने में...

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