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वैदिक ज्योतिष में गोचर (Transits in Vedic Jyotish)

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जब किसी बालक/ बालिका का जन्म होता है तो उसके आधार पर जन्मकुन्डली का निर्माण होता है. जन्म के समय ग्रहो की जो स्थिति होती है वह मोटे तौर पर बालक बालिका के जीवन में होने वाली घटनाओ का चित्रण करती है. परन्तु ग्रह का पुर्ण परिणाम गोचर (planetary transits) के समय व्यक्त होता है. जन्म समय के ग्रह पिछले जन्म में किए गए कर्मों के परिणाम को दर्शाते हैं. तथा गोचर (transits) में ग्रह जीवन में उतार-चढाव लाते हैं. व्यक्ति के सुख दुख , उन्नति-अवनति तथा अनुकूल-प्रतिकूल परिस्थितियो का निर्माण गोचर के ग्रहो से होता है. शनि की साढेसाती तथा ग्रहण भी शनि, राहु-केतु (Rahu-ketu) के सूर्य-चन्द्र्मा से योग बनाने के कारण ही होता है.

वैदिक ज्योतिष (Vedic Jyotish) में फलादेश (Phaladesh) कथन में नौ ग्रहो को लिया जाता है. उस समय विशेष में ग्रह किस राशी किस नक्षत्र (Nakshatra) तथा किस भाव (Bhava) से गुजर रहा है तथा इस स्थिति में गोचर में उसका परिणाम क्या है. गोचर का फल मूल कुण्डली के फल से भिन्न होता है. मूल कुण्डली में ग्रह का फल स्थिर तथा गोचर मे़ परिवर्तनशील होता है. मान लो किसी व्यक्ति की जन्मकुण्डली में कोइ ग्रह उच्च राशी में या उदित है, परन्तु गोचर में वही ग्रह नीच राशी (Debilitated Sign) में या अस्त (Combust) हो जाता है तो उस ग्रह के फल में गोचरवश परिवर्तन हो जाएगा. इसलिए फलादेश करते समय गोचर कुण्डली का भी विस्तृ्त रुप से अध्ययन कर लेना चाहिए.

नोट: आप कम्पयूटर द्वारा स्वयं जन्मकुण्डली, विवाह मिलान और वर्षफल का निर्माण कर सकते हैं. यह सुविधा होरोस्कोप एक्सप्लोरर में उपलब्ध है. आप इसका 45 दिन तक मुफ्त उपयोग कर सकते हैं. कीमत 1250 रु. जानकारी के लिये यहाँ क्लिक करे

Comments (4 posted):

Vedic on 07 January, 2010 07:13:47
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Please provide more information on mathematics of gochara.
Thanking you
mukesh kumar on 16 June, 2010 10:17:24
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whath is my rashi. my birth date 11.01.1982 time 2.30 pm
i am very confuse
Pandit ji on 22 September, 2010 07:11:52
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Mr. Mukesh kumar aap ka janam badda hi confuson mai hai.Pahle to mai aap ki yeh battana chahta hoon ki aap 28 varsh ke ho chuke hai. aur ek sabse badi samsya yeh hai ki aap ka jo janam hua hai, badkismati se us din sunday tha is liye aap ka kuch nahi ho sakta GOD BLESS YOU,
MOOR INFORMATION PLEASE CHECK
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Janki Gaur on 10 November, 2010 03:03:18
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I appreciate your articles very much but I am sorry to say that I did not found any article - Relationship between Jyotish and Dharma in Hindi. If possible kindly provide the same in Hindi language.

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