कृष्णमूर्ती
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कृष्णमूर्ति पद्धति में सूक्ष्म से अति सूक्ष्म का सफर (Know the Sub Sub System of Krishnamoorthy)
ज्योतिषशास्त्र गणनाओं पर आधारित विज्ञान है (Astrolgy is a science, and it is based on Calculation)। इस गणना में फलादेश की निश्चितता तक पहुंचने के लिए जितनी ही छोटी ईकाइ का चुनाव मात्रक के रूप में किया जाता है परिणाम उतना ही सटीक और वास्तविक होता है।
नवमांश और कालांश में विभेद (Difference between Navamansha & Kalansha)
प्राचीन काल के ऋषियों के विषय में कहा जाता है कि वे त्रि-कालदर्शी होते थे। त्रि -कालदर्शी अर्थात भूत, भविष्य और वर्तमान तीनों पर उनकी दृष्टि रहती थी। आज वक्त बदल गया है और हमारी जीवनशैली में भी काफी बदलाव आ गया है। अब न तो हमारे पास धैर्य है और न तो इतनी साधना करने का साहस है। ...कालांश और विंशोत्तरी दशा में सम्बन्ध (Relations between Kalansha and Vimshottari Dasha)
आधुनिक ज्योतिष परम्परा में कृष्णमू्र्ति महोदय ने एक नयी विधा को जन्म दिया है। यह विधा वैदिक ज्योतिष के मूलभूत सिद्धांतों का अनुपालन करता है लेकिन फिर भी यह कुछ बातों में वैदिक ज्योतिष से अलग मत रखता है। ...कृष्णमूर्ति पद्धति का आधार है वैदिक ज्योतिष (Krishnamoorthy system is based on Vaidic Jyotish)
भारतीय ज्योतिष विधा में वैदिक ज्योतिष सबसे प्राचीन और प्रमाणिक माना जाता है (Vaidic Astrology is the father of all new Astrology System)। कृष्णमूर्ति पद्धति भी वैदिक ज्योतिष पर आधारित है कैसे और कहां तक यहां इन्हीं बातों का जिक्र किया जा रहा है। ...
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