- आपकी जन्म कुंडली
- कुंडली फलादेश
- कालसर्प दोष चैक
- वर्ष कुंडली
- वर्षफल
- राशिफल
- आज का राशिफल
- मासिक राशिफल
- दैनिक ज्योतिष
- चौघड़िया
- राहुकाल
- आज का पंचाग
- वैवाहिक ज्योतिष
- विवाह मिलान
- मांगलिक दोष
- लाल किताब
- लालकिताब कुंडली
- लालकिताब कुंडली
- अंक ज्योतिष
- आपका नाम
- आपका जन्मदिन
- नाम सलाह
- अन्य
- शुभ राशि रत्न
- शुभ रुद्राक्ष
लाल किताब में ग्रहो के पक्के घर (Pakka Houses of Planets In Lal Kitab)
जिस प्रकार वैदिक ज्योतिष में ग्रहो का कारक (Significator Of Planets) के रुप में प्रयोग भावानुसार (According To Bhav) होता है, उसी प्रकार लाल किताब में प्रत्येक भाव का कारक (Significator Of House) होता है.
जिस प्रकार वैदिक ज्योतिष में ग्रहो का कारक (Significator Of Planets) के रुप में प्रयोग भावानुसार (According To Bhav) होता है, उसी प्रकार लाल किताब में प्रत्येक भाव का कारक (Significator Of House) होता है.लाल किताब के अनुसार भाव के कारक, ग्रहो के पक्के घर (Pakka Ghar Of Planets) कहलाते हैं. लाल किताब पद्वति में राशि की जगह भाव की प्रधानता (Importance Of Bhav other Than Sign) है इसलिए इन ग्रहो का महत्व भी अधिक हो जाता है.
आम तौर पर वैदिक ज्योतिष और लाल किताब के भावो के कारक (Significator Of Bhav) लगभग एक से हैं, परन्तु लाल किताब कुछ भावो के कारक थोडा सा अलग है. लाल किताब का एक अन्य सिद्धान्त है कि जिस भाव में कोइ ग्रह न हो या भाव पर किसी ग्रह की दृष्टि न हो तो वह भाव सोया हुआ (Sleepy House) कहलायेगा. लेकिन अगर ग्रह अपने पक्के घर में स्थित हो जैसे सूर्य प्रथम भाव (Sun In First House) में, बृहस्पति द्वितीय भाव (Jupiter In Second House) में इत्यादि तो उस ग्रह को हम पूरी तरह जागता हुआ मानेंगे यानि कि वह ग्रह अपने प्रभाव से दूसरे भाव या ग्रह को प्रभावित करने में पूर्ण समर्थ होगा. इस दृष्टिकोण से लाल किताब में पक्के घर का ग्रह बहुत उपयोगी है.
- लाल किताब कुंडली एवं लालकिताब उपचार पर रिपोर्ट प्राप्त कीजिये
Lal Kitab Kundli and Lal Kitab Remedies
एक बात और है चूँकि लाल किताब में भावों में राशियाँ स्थिर मानी (Signs Are Fixed In Lal Kitab) जाती हैं, प्रथम भाव में हमेशा मेष राशी, द्वितीय भाव में वृष राशी तथा द्वादश भाव में मीन राशी रहेगी चाहे Native का जन्म किसी भी समय हुआ हो इस दृष्टि से कारक ग्रह अधिक प्रासांगिक हो जाते हैं.
लाल किताब पद्वति में राशी के स्थान पर भाव की प्रधानता है. अतः यहाँ प्रत्येक ग्रह को किसी न किसी भाव का कारक माना गया है. लाल किताब में ये ग्रहो के पक्के घर के नाम से विख्यात है.
भाव न: ग्रह
1 सुर्य
2 बृह्स्पति
3 मंगल
4 चन्द्रमा
5 बृहस्पति
6 बुध व केतु
7 बुध व शुक्र
8 मंगल व शनि
9 बृहस्पति
10 शनि
11 बृहस्पति
12 बृहस्पति व राहु
यह लाल किताब का अपना नियम है.
नोट: लाल किताब की संर्पूण गणनाये, फलित व उपाय लाल किताब एक्सप्लोरर में उपलब्ध हैं।आप इसका 45 दिन तक मुफ्त उपयोग कर सकते हैं । कीमत 1750 रु. जानकारी के लिये यहाँ क्लिक करे
- शुक्र ग्रह की शान्ति के उपाय- Remedies for Venus
- Monthly Horoscope September 2010 - मासिक होरोस्कोप
- पंचक - Panchak
- शनि साढेसाती के तीन चरण - Three Steps of Shani Sade Sati and you
- कालसर्प शान्ति के लिये नाग पंचमी पूजा- Nag Panchmi 2010: An Occasion to Pacify Kalsarp Dosha
- सोये ग्रह के लिये उपाय - Lal Kitab Remedies for Sleepy Planets
- गुरु वक्री:- 23 जुलाई 2010 कुम्भ में वापसी - Retrograde Jupiter re-enters Aquarius sign: 23rd July 2010
- मंगल का कन्या राशि में प्रवेश Mars Enters Virgo 20 July 2010
- Raksha Bandhan Muhurat - 24th August 2010 - रक्षा बंधन मुहूर्त 24 अगस्त 2010
- प्रेम विवाह - Love Marriage analysis through the Birth Chart
- विवाह समय निर्धारण - Calculating the time of marriage through Mahadasha
- विवाह के तीन सूत्र ग्रह : गुरु, शुक्र व मंगल (Three keys to marriage astrology : Jupiter, Venus and Mars)
- बुध व गुरु ग्रह की शान्ति के उपाय (Remedies for Mercury and Jupiter according to Vedic Astrology)
- विवाह से पूर्व प्रश्न कुण्डली से जानिए भावी दम्पत्ति का स्वभाव (Know the nature of the married couple through Horary astrology)
- विवाह के लिए प्रश्न कुण्डली में ग्रह स्थिति (The position of planets in the Prashna kundali)


del.icio.us
Digg
आपके कमेन्ट्स (0 मिले):
आपका क्या कहना है?