बनावटी ग्रह (Banawati Planets In Lal Kitab)
लाल किताब पद्वति मे बनावटी ग्रहो (Bnawati Planets) का प्रयोग किया जाता हे। बनावटी ग्रह दो अन्य ग्रहो के आपस में युति सम्बन्ध बनाने पर बनते हैं। जब मूल ग्रह (Mula Grah) किसी कारण से पीडित होता है तो उसे शुभ या बलवान बनाने के लिए बनावटी ग्रह का उपाय (Remedies For Banawati Planets) किया जाता हे।
लाल किताब पद्वति मे बनावटी ग्रहो (Bnawati Planets) का प्रयोग किया जाता हे। बनावटी ग्रह दो अन्य ग्रहो के आपस में युति सम्बन्ध बनाने पर बनते हैं। जब मूल ग्रह (Mula Grah) किसी कारण से पीडित होता है तो उसे शुभ या बलवान बनाने के लिए बनावटी ग्रह का उपाय (Remedies For Banawati Planets) किया जाता हे।
सबसे पहले हम यह जानेंगे कि बनावटी ग्रह किस प्रकार बनते है तथा इन बनावटी ग्रहो का प्रभाव(Influence Of Banawati Planets) किस तरह से होता है ।

उदाहरण
मान ले किसी की कुडंली के तृतीय भाव मे बुध और शुक्र बैठे हो (Mercury And Venus In the Third House) तथा शुक्र का अशुभ फल प्राप्त हो रहा हो अर्थात पत्नी का स्वास्थ (Health Of Wife) ठीक न हो क्योकि बुध व शुक्र बनावटी सूर्य होते हैं तथा सूर्य स्वास्थ का कारक (Sun is the Sign of Health) भी है इसलिए शुक्र के पीडित होने का मतलब है पत्नी के स्वास्थ में खराबी।
अब हम इसका उपाय बुध व शुक्र को ग्रह मान कर करेंगे, तो बनावटी बुध(Banawati Mercury) बनता है बृहस्पति + राहु से तथा बनावटी शुक्र (Banawati Venus) राहु + केतु की युति से बनते हैं। यहाँ पर शुक्र का उपाय दो तरीको से सम्भव है एक तो बृहस्पति वार को सूर्यास्त के समय नीले रंग का थोथा वीराने में किसी घास वाली जमीन में दबाने से शुक्र का अशुभ प्रभाव दूर (wipe out Of Malefic Influence) हो जाता है एक दुसरे उपाय मे बृहस्पति वार को सफेद रंग के कुते को दूध या दूध से बनी मिठाई खिलाने से भी शुक्र को बल प्राप्त होता हे।
इस प्रकार हम बनावटी ग्रहो का उपाय करके पक्के ग्रह के अशुभ प्रभाव को दूर कर सकते हैं।
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