लाल किताब में बृहस्पति - सूर्य की युति (Conjuction of Jupiter and Sun)
प्रथम भाव (Conjuction of Jupiter and Sun in first house) प्रथम भाव में बृहस्पति -सूर्य की युति होने पर व्यक्ति धनवान एवं सम्मानित होता है उसके गृहस्थ जीवन में सुख - शान्ति बनी रहती है उसकी मृत्यु बिना किसी कष्ट के होती है. परन्तु सावधानी के तौर पर उसे किसी से भी मुफ्त में न कुछ लेना चाहिये ना देना चाहिये.
द्वितीय भाव (Conjuction of Jupiter and Sun in Second house)
द्वितीय भाव में इन दोनो ग्रहो की युति होने पर व्यक्ति आनन्दपूर्वक जीवन व्यतीत करता है. वह अच्छे मकान में निवास करता है. वह दूसरो की भावनाओ की कद्र करने वाला तथा बहादुर होता है.
तृ्तीय भाव (Conjuction of Jupiter and Sun in third house)
तृतीय भाव में दोनो ग्रह उत्तम फल देते है .ऎसा व्यक्ति अपने जीवन में उन्नति के शिखर पर अवश्य पहुँचता है . परन्तु उसे स्वभाव से अधिक लालची नही होना चाहिये अन्यथा उसकी तरक्की में बाधा आ सकती है.
चतुर्थ भाव (Conjuction of Jupiter and Sun in fourth house)
चतुर्थ भाव में दोनो ग्रहो की युति शुभ फलदायी होती है .ऎसे व्यक्ति का जीवन बिना किसी परेशानी के शानदार तरीके से व्यतीत होता है. शनि से सम्बन्धित व्यवसाय लोहा,इस्पात,लकडी़ तथा भारी मशीनरी का काम बहुत ही लाभकारी होता है
पंचम भाव ( Conjuction of Jupiter and Sun in fifth house)
पंचम भाव में स्थित होकर दोनो ग्रह शुभ फल देते है. व्यक्ति को परामर्श से धन लाभ होता है. शत्रू पक्ष की हानी होती है. व्यक्ति की सन्तान भी धनवान एवं सुखी होती है.
छटे भाव (Conjuction of Jupiter and Sun in sixth house)
यद्यपि छटे भाव में दोनो ग्रहो की युति बन रही होती है फिर भी बृहस्पति एंव सूर्य दोनो ग्रह अपना अलग-अलग फल प्रदान करते है. परन्तु वृद्धावस्था में दोनो ग्रह व्यक्ति को अपनी युति का शुभ फल प्रदान करते है.
सप्तम भाव (Conjuction of Jupiter and Sun in seventh house)
सप्तम भाव में दोनो ग्रह युति बनाने के बावजूद अपना-अपना फल प्रदान करते है. बृहस्पति की अपेक्षा सूर्य ग्रह सप्तम भाव में थोडा़ बुरा फल देता है.
अष्टम भाव (Conjuction of Jupiter and Sun in eight house)
अष्टम भाव में दोनो ग्रहो की युति उत्तम फल प्रदान करती है. व्यक्ति का भाग्य सदैव उसका साथ देता है तथा परिवार में कभी भी असमय मृत्यु नही होती है.
नवम भाव (Conjuction of Jupiter and Sun in ninth house)
नवम भाव में दोनो ग्रह युति बनाकर बहुत ही शुभ फल प्रदान करते है. व्यक्ति के परिवार में काफी उन्नति होती है तथा उसकी आर्थिक स्थिति भी सुदृढ होती जाती है.
दशम भाव (Conjuction of Jupiter and Sun in tenth house)
दशम भाव में दोनो ग्रहो की युति शुभ फलदायी नही होती. लेकिन जैसे ही व्यक्ति की आयु बढती जाती है अर्थात बुढापा आना शुरु होता है तब इन दोनो ग्रहो का फल काफी हद तक ठीक होना प्रारम्भ हो जाता है.
एकादश भाव (Conjuction of Jupiter and Sun in eleventh house)
एकादश भाव में दोनो ग्रहो की युति युवावस्था में आर्थिक रुप से कुछ कमजोर फल प्रदान करती है. लेकिन जैसे-जैसे व्यक्ति की आयु बढती जाती है वैसे-वैसे ही आर्थिक स्थिति में सुधार होना शुरु हो जाता है.
द्वादश भाव (Conjuction of Jupiter and Sun in twelveth house)
द्वादश भाव में दोनो ग्रहो की युति बहुत लाभकारी होती है. व्यक्ति आर्थिक रुप से सुदृढ स्थिति में होता है एंव उसका परिवार भी व्यक्ति के भाग्य से उन्नति करता जाता है.
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