लाल किताब के अनुसार दान की महत्ता (Importance Of Donation According To Lal Kitab)
शास्त्र के अनुसार दान करने वाले व्यक्ति को दुखो से छुटकारा मिलता है तथा स्वर्गादि सुखो (Heavenly Pleasure) की प्राप्ति होती है। वैदिक संस्कृति (Vedic Culture) के अनुसार प्रत्येक समर्थवान व्यक्ति को दान अवश्य करना चाहिए। परन्तु लाल किताब के अनुसार दान के सम्बन्ध मे भिन्न प्रकार का दर्शन है। यहां पर ग्रहो की शुभता /अशुभता को आधार मानकर दान (Donation on the basis of auspicious and Inauspicious result of planets) करने की परम्परा है।
लाल कुण्डली के सिद्धान्त के अनुसार (According to the Lal Kitab principles) जिस व्यक्ति की कुण्डली में ग्रह बलवान स्थिति में हो तो उसे उस ग्रह से सम्बन्धित वस्तु आदि का दान नही करना चाहिए। जैसे मान लो किसी व्यक्ति की कुण्डली में मंगल ग्रह बलवान होकर स्थित (Exalted Mars in the Chart) है तो उसे लाल रगं का कपडा, मसूर की दाल, बेसन से बने हुए पदार्थ तथा ताम्बा इत्यादि का दान नही करना चाहिए क्योकि ऎसा करने से मंगल ग्रह मे अशुभता आती है, इसी प्रकार यदि कुण्डली में कोई ग्रह कमजोर स्थिति में हो तो उस ग्रह से सम्बन्धित वस्तुओ का दान नही लेना चाहिये।
जैसे कि मान लो किसी व्यक्ति की कुण्डली में बृह्स्पति ग्रह कमजोर (Debilitated Jupiter in the Chart) स्थिति मे है तो उसे पीले रंग का कपडा, पीले रंग की दाल या फल, केसर, हल्दी तथा पीले रंग से सम्बन्धित कोई भी वस्तु दान में नही लेनी चाहिए क्योंकि ऎसा करने से व्यक्ति पर उस ग्रह का दोष अर्थात अशुभता ओर भी बढ जाती है।
यदि हम गहराई से लाल किताब के इस नियम का विश्लेषण करे तो इसी निष्कर्ष पर पहुचते है कि जिन व्यक्तियो की कुण्डली मे जो-2 ग्रह बलवान (Exalted two planets In the house) स्थिति मे है, उन ग्रहो से सम्बन्धित वस्तुओ का दान न करके दान ले सकते है। क्योंकि बलवान ग्रह का दान लेने से उस ग्रह को और अधिक बल प्राप्त होता है।
इसी प्रकार कुण्डली में कमजोर ग्रहो से सम्बन्धित वस्तुओ का दान करने से ग्रह के दोष की शान्ति होती है। व्यवहार में लाल किताब के इस सिद्धान्त के अनुसार जिन -2 इस विधि को अपनाकर उपाय किये है उन्हे जीवन में लाभ प्राप्त करते देखा गया है।
लाल किताब के उपायों में एक विशेषता यह है कि आप इन्हे तर्क की कसौटी पर नही कस सकते यह विशुद्ध श्रद्धा और भाव का विषय है। वैसे भी पूजा या भक्ति में तर्क नही श्रद्धा, भावना, निष्ठा, विश्वास और प्रेम जैसे गुणो को महत्ता दी जाती है। फिर किसी कार्य का परिणाम ही उसके महत्व को प्रकट करता है, अन्त भला सो भला यदि किसी विधि विशेष से कार्य सिद्ध होता हो तो उसमें किसी किन्तु परन्तु की गुजांइश नही रहती। तथा लाल किताब के उपाय करने में इतने सरल (Simple remedies of Lal Kitab) है कि आम आदमी बिना किसी अन्य व्यक्ति की सहायता के स्वंय भी कर सकता है ।
नोट: लाल किताब की संर्पूण गणनाये, फलित व उपाय लाल किताब एक्सप्लोरर में उपलब्ध हैं।आप इसका 45 दिन तक मुफ्त उपयोग कर सकते हैं । कीमत 1750 रु. जानकारी के लिये यहाँ क्लिक करे
- गुरू के राशि परिवर्तन का प्रभाव (Effect of Jupiter's Transit Into Aquarius)
- कन्या राशि के लिए वर्ष 2010 (2010 Horoscope Forecast for Kanya Rashi)
- वृष राशि के लिए वर्ष 2010 (2010 Horoscope Forecast for Vrisha Rashi)
- वृश्चिक राशि के लिए वर्ष 2010 (2010 Horoscope Forecast for Vrishchika Rashi)
- धनु राशि के लिए वर्ष 2010 (2010 Horoscope Forecast for Dhanu Rashi)
- तुला राशि के लिए वर्ष 2010 (2010 Horoscope Forecast for Tula Rashi)
- सिंह राशि के लिए वर्ष 2010 (2010 Horoscope Forecast for Simha Rashi)
- मिथुन राशि के लिए वर्ष 2010 (2010 Horoscope Forecast for Mithuna Rashi)
- मकर राशि के लिए वर्ष 2010 (2010 Horoscope Forecast for Makara Rashi)
- कर्क राशि के लिए वर्ष 2010 (2010 Horoscope Forecast for Karka Rashi)
- मेष राशि के लिए वर्ष 2010 (2010 Horoscope Forecast for Mesha Rashi)
- कुम्भ राशि के लिए वर्ष 2010 (2010 Horoscope Forecast for Kumbha Rashi)
- मीन राशि के लिए वर्ष 2010 (2010 Horoscope Forecast for Meena Rashi)
- साफ्टवेयर प्रोग्रामर कैरियर के लिये ज्योतिष योग (Astrology Yoga for Software Programmer Carrer)
- राजनीति में प्रवेश एवं सफलता के लिये ज्योतिष योग (Astrology Yoga for Carrer in Politics)


del.icio.us
Digg
आपके कमेन्ट्स (2 मिले):
i have many questions to ask
आपका क्या कहना है?