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नाबालिग ग्रहो वाली कुण्डली (Nabalig Graho Wali Kundali In Lal Kitab)
बालक के जन्म समय से लेकर 12 वर्ष की उम्र तक की कुण्डली को भी नाबालिग माना जाता है. इस स्थिति में एक से बारह वर्ष की आयु तक फलित देखने का नियम इस प्रकार से है:-
बालक के जन्म समय से लेकर 12 वर्ष की उम्र तक की कुण्डली को भी नाबालिग माना जाता है. इस स्थिति में एक से बारह वर्ष की आयु तक फलित देखने का नियम इस प्रकार से है:-
1) प्रथम वर्ष के लिए सप्तम भाव (Seventh House) और उसमें स्थित ग्रहो का प्रभाव होगा.
2) दूसरे वर्ष में चतुर्थ भाव (Fourth House) और उसमें स्थित ग्रहों का प्रभाव होगा.
3) तीसरे वर्ष में नवम भाव (Ninth House) और उसमें स्थित ग्रहों का प्रभाव होगा.
4) चतुर्थ वर्ष में दशम भाव (Tenth House) और उसमें स्थित ग्रहों का प्रभाव होगा
5) पंचम वर्ष में ग्यारहवें भाव (Eleventh House) और उसमें स्थित ग्रहों का प्रभव होगा.
6) छटे वर्ष में तीसरे भाव (Third House) और उसमें स्थित ग्रहों का प्र्भाव होगा.
7) सप्तम वर्ष में द्वितीय भाव (Second House) और उसमें स्थित ग्रहों का प्रभाव होगा.
8) अष्टम वर्ष में पंचम भाव (Fifth House)और उसमें स्थित ग्रहों का प्रभाव होगा.
9) नवम वर्ष में छटे भाव (Sixth House) और उसमें स्थित ग्रहों का प्रभाव होगा.
10) दशम वर्ष में द्वादश भाव (Twelveth House) और उसमें स्थित ग्रहों का प्रभाव होगा.
11) एकादश वर्ष में प्रथम भाव (First House) और उसमें स्थित ग्रहों का प्रभाव होगा.
12) द्वादश वर्ष में अष्टम भाव (Eighth House) और उसमें स्थित ग्रहों का प्रभाव होगा. यदि विचारणीय भाव में कोई ग्रह न हो तो उस भाव में स्थित ग्रहों का प्रभाव होगा. लेकिन इन स्थितियों में कुण्डली बालिग (Nabalig Kundli) होती है यदि
1. सूर्य 1,5 या 11 भाव में या बुध भाव न.6 में हो.
2. वर्षफल (Varshaphala) में सूर्य के लग्न में आने से पहले जो-जो ग्रह वर्षफल में लग्न में आयेंगे वे बालिग माने जायेंगे.
3. वर्षफल के अनुसार सूर्य के लग्न में आने के बाद सम्पूर्ण कुण्डली बालिग मानी जायेगी.
बारह वर्ष के पश्चात इन परिस्थितियों में कुण्डली नाबालिग मानी जाती है.
1. यदि कुण्डली में केन्द्र स्थान (1,4,7,10) रिक्त हो या इन भावों में सिर्फ शनि, राहु या केतु स्थित हो.
2. केन्द्र स्थान में यदि बुध अकेला स्थित हो.
3. कुण्डली में शुक्र के साथ सूर्य या चन्द्र या बृहस्पति या राहु स्थित हो.
4. कुण्डली में सूर्य या चन्द्र या मंगल या बृहस्पति के साथ शनि या राहु या केतु हो तो कुण्डली नाबालिग मानी जाती है.
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