- आपकी जन्म कुंडली
- कुंडली फलादेश
- कालसर्प दोष चैक
- वर्ष कुंडली
- वर्षफल
- राशिफल
- आज का राशिफल
- मासिक राशिफल
- दैनिक ज्योतिष
- चौघड़िया
- राहुकाल
- आज का पंचाग
- वैवाहिक ज्योतिष
- विवाह मिलान
- मांगलिक दोष
- लाल किताब
- लालकिताब कुंडली
- लालकिताब कुंडली
- अंक ज्योतिष
- आपका नाम
- आपका जन्मदिन
- नाम सलाह
- अन्य
- शुभ राशि रत्न
- शुभ रुद्राक्ष
वर्तमान समय में लाल किताब का उपयोगिता (Relevance of Lal Kitab in present time)
ज्योतिष के अन्तर्गत समय को जानने का बहुत सारी बिधाएं हैं. ज्योतिष की प्रत्येक शाखा में अपने -2 तरीके से उपाय करने का विधान (Two types of methods in astrology) हैं जैसे कि रत्नो के द्वारा भी कमजोर ग्रहो का उपाय (Remedies by ratna) किया जाता हैं, जबकी वैदिक जोतिष (Vedic astrology) में जप, तप, व्रत, दान, यज्ञ पूजा इत्यादि को महत्व दिया जाता हैं.
वैदिक ज्योतिष के उपाय यद्यपि शास्त्रोक्त होते हैं परन्तु श्रम साध्य और ज्ञान की आवश्यकता होने के कारण ये उपाय आम आदमी की पहुँच के बाहार होते हैं. फिर इन उपायो को करने में धन का व्यय भी अधिक होता हैं. तथा वैदिक उपाय के लिए एक कर्मकाण्डी बिद्वान की भी आवश्यकता होती हैं.परन्तु ज्योतिष की एक नई शाखा लाल किताब में ग्रहो के उपायों (Planets remedies in Lal Kitab) को बडे़ ही सरल ढंग से प्रस्तुत किया गया हैं, जिसे एक सामान्य व्यक्ति बिना किसी अन्य व्यक्ति की सहायता के स्वयं कर सकता हैं. इन उपायों को लगातार 40 से 43 दिनो तक या 40 से 43 सप्ताहो तक किया जाता हैं. इन उपायों के लिए किसी भी मन्त्र इत्यादि की आवश्यकता नहीं पडती बल्कि मात्र बहते पानी (दरिया) में ग्रह विशेष से सम्बन्धित वस्तुओ़ं को 40-43 दिनो तक बहाने (घोडे़ जाने से) अथवा किसी जगंल से सम्बन्धित वस्तुओ़ं को दबाने से कार्य की सिद्धि होती हैं.
जो वस्तुएं दरिया मे़ बहायी या जगंल में दवाई जाती हे वो आधिक किमत की नहीं होती इस कारण इतना सस्ता सरल और आम आदमी के द्वारा आसानी से किए जाने के कारण यह वर्तमान समय में दिनोदिन प्रसिद्धी प्राप्त कर रहा है. इस उपाय का केवल एक ही कमजोर पहलू है कि यदि 40 दिनो के बीच में उपाय का कोई दिन नागा रह जाता है तो यह उपाय भंग हो जाता है तथा इसे फिर से दोबारा प्रारम्भ करना पडता है. अर्थात 40 से 43 दिनो तक यदि इस एक दोष को छोड़ दिया जाये तो लाल किताब व्यवहारिक रूप से बहुत ही उपयोगी (Lal Kitab is useful for day-to-day life) है. लाल किताब के उपायों को आम बोल चाल की भाषा में टोटके भी कहा जाता है. इन टोटके को करने वक्त सबसे अच्छी बात यह भी है कि किसी विशेष नियम (40- 43 दिनो/ सप्ताह को छोड़कर) की आवश्यकता भी नही पड़ती.जाति, भाषा,सम्प्रदाय की बाध्यता न होना भी इस किताब की प्रसिद्धि का एक अन्य कारण है. एक अन्य विशेषता जो इस किताब मे़ हैं वो है बनावटी ग्रह (Banawati Planets), दो ग्रहो की युति से बनने वाला ग्रह जो कि किसी अन्य ग्रह का प्रभाव रखता बनावटी कहलाता है.
अब यदि किसी ब्यक्ति की कुण्ड़ली में किसी ग्रह का दोष है तो उसके बनावटी ग्रहो का उपाय (Remedies for banawati planets) करके भी उस ग्रह के दोष से मुक्त हुआ जा सकता है़. स्त्रियां भी इन उपायों को आसानी से कर सकती है क्योंकी वैदिक ज्योतिष में शुचिता सम्बन्धी रखना अति आबश्यक है अन्यथा उपाय भंग हो जाता है तो बच्चे, बुढे, जवान, स्त्रियां सभी के लिए सर्व सुलभ होने के कारण भी लाल किताब की प्रासंगिकता या स्वीकार्यता (Relevance and recognition of Lal Kitab) बढ़ जाती है. अत: वर्तमान समय में लाल किताब बहुत उपयोगी (Lal Kitab is useful for nowadays) है.
- शुक्र ग्रह की शान्ति के उपाय- Remedies for Venus
- Monthly Horoscope September 2010 - मासिक होरोस्कोप
- पंचक - Panchak
- शनि साढेसाती के तीन चरण - Three Steps of Shani Sade Sati and you
- कालसर्प शान्ति के लिये नाग पंचमी पूजा- Nag Panchmi 2010: An Occasion to Pacify Kalsarp Dosha
- सोये ग्रह के लिये उपाय - Lal Kitab Remedies for Sleepy Planets
- गुरु वक्री:- 23 जुलाई 2010 कुम्भ में वापसी - Retrograde Jupiter re-enters Aquarius sign: 23rd July 2010
- मंगल का कन्या राशि में प्रवेश Mars Enters Virgo 20 July 2010
- Raksha Bandhan Muhurat - 24th August 2010 - रक्षा बंधन मुहूर्त 24 अगस्त 2010
- प्रेम विवाह - Love Marriage analysis through the Birth Chart
- विवाह समय निर्धारण - Calculating the time of marriage through Mahadasha
- विवाह के तीन सूत्र ग्रह : गुरु, शुक्र व मंगल (Three keys to marriage astrology : Jupiter, Venus and Mars)
- बुध व गुरु ग्रह की शान्ति के उपाय (Remedies for Mercury and Jupiter according to Vedic Astrology)
- विवाह से पूर्व प्रश्न कुण्डली से जानिए भावी दम्पत्ति का स्वभाव (Know the nature of the married couple through Horary astrology)
- विवाह के लिए प्रश्न कुण्डली में ग्रह स्थिति (The position of planets in the Prashna kundali)


del.icio.us
Digg
आपके कमेन्ट्स (2 मिले):
आपका क्या कहना है?