Home | वैवाहिक | Ashtkut Milan for Happy Married Life सुखी वैवाहिक जीवन के लिए अष्टकूट मिलान

Ashtkut Milan for Happy Married Life सुखी वैवाहिक जीवन के लिए अष्टकूट मिलान

image सुखी वैवाहिक जीवन के लिए अष्टकूट मिलान(Astkut Milan for Happy Married Life)

हम सभी चाहते हैं कि वैवाहिक जीवन में सौहार्द एवं परस्पर सामंजस्य बना (Astrology for marriage compatibility) रहे। परंतु कई बार वैवाहिक जीवन में इस तरह गतिरोध उत्पन्न होने लगता है कि पति पत्नी के बीच दूरियां बढ़ती चली जाती हैं और सम्बन्ध विच्छेद तक हो जाता है।

इस तरह की स्थिति न आये और वैवाहिक जीवन सुखमय रहे इसके लिए हमारे समाज में कुण्डली मिलान (Marriage kundali matching) किया जाता है। ज्योतिषशास्त्री बताते हैं कि विवाह के संदर्भ में जब कुण्डली मिलान किया जाता है तब इसमें मुख्य रूप से अष्टकूट मिलान किया जाता है और इसी से निष्कर्ष निकाला जाता है कि जिन दो स्त्री-पुरूष की कुण्डली मिलायी जा रही है उनका वैवाहिक जीवन सफल रहेगा अथवा नहीं।

ज्योतिर्विद कहते हैं कि हमारे प्राचीन ऋषि मुनियों ने अपनी साधना एवं योग शक्ति के आधार पर जिन सूत्रों एवं सिद्धान्तों का प्रतिपादन किया उन्हें अष्टकूट के नाम से जाना जाता है। अष्टकूटों में 36 गुणों का योग होता है। अष्टकूट (Asht Kuta) कौन-कौन से एवं कितने प्रकार के होते हैं तथा किस प्रकार वैवाहिक जीवन को प्रभावित करते हैं, आइये इसकी व्याख्या करते हैं।

1. वर्णकूट विचार: (Varna kuta Consideration)

ज्योतिषशास्त्र के अनुसार राशियों के चार वर्ण होते हैं ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य व शूद्र। राशियों में वर्ण विभाजन क्रमश: इस प्रकार से किया गया है, कर्क, वृश्चिक एवं मीन राशियों को ब्राह्मण वर्ण की श्रेणी में रखा गया है। सिंह, धनु एवं मेष राशियों का वर्ण क्षत्रीय होता है, कन्या, मकर एवं वृष राशियों को वैश्य वर्ण का नाम दिया गया है जबकि तुला, कुम्भ एवं मिथुन राशियों को शूद्र वर्ण की संज्ञा दी गयी है।

विवाह के सम्बन्ध में जब कुण्डली मिलायी जाती है तब राशिगत तौर पर पुरूष का वर्ण स्त्री के वर्ण से पहले होने पर वैवाहिक जीवन में तारतम्य बने रहने का संकेत मिलता है अर्थात राशिगत तौर पर यह स्थिति होने पर विवाह संस्कार सम्पन्न किया जा सकता है। उपरोक्त स्थिति के विपरीत अगर कन्या की राशि पुरूष की राशि से पहले हो तो इसे शुभ नहीं माना जाता है अत: इस स्थिति में ज्योतिषशास्त्र विवाह की आज्ञा नहीं देता है।

अगर कन्या (Bride) की राशि (Zodic Sign) "वैश्य" है और पुरूष (Groom) की राशि (Zodic Sign) "ब्राह्मण" है तो इस स्थिति में स्त्री अपने पति पर हावी नहीं रहती है अर्थात अपने पति की बातों को मानती व समझती है। कुण्डली मिलान करते समय अगर कन्या उच्च राशि यानी क्षत्रीय हो और पुरूष की राशि शूद्र हो तो इस स्थिति में शादी होने पर स्त्री अपने पति पर प्रभावी होती है यानी घर में पति की नहीं, पत्नी की कही चलती है। ज्योतिषशास्त्रियों के अनुसार राशियों के इस अनुलोम विवाह में वैवाहिक जीवन सुखमय रहने की संभावना कम रहती है अर्थात पति पत्नी में सामंजस्य की कमी रहती है इस तरह की समस्या से बचने के लिए ही कुण्डली (Birth Chart) में अष्टकूट (Astkut) मिलान करते समय राशियों के वर्ण (Cast) का विचार किया जाता है।

वर्ण गुण बोधक चक्र (Varna Gun Bodhak Chakra)

वर्ण चक्र (Varna Chakra) से किस प्रकार गुण मिलाये जाते हैं, इसके परिणाम की यहां विवेचना करते हैं। अष्टकूट मिलान करते समय वर्ण गुण बोधक चक्र में अगर वर का राशि वर्ण शूद्र एवं कन्या का राशि वर्ण ब्राह्मण ज्ञात होता है तब स्थिति अनुलोम मानी जाती है क्योंकि कन्या की राशि पुरूष की राशि से पहले हुई। इस स्थिति में वर कन्या के वर्ण गुण का योग शून्य आता है। इस योग को सफल वैवाहिक जीवन के लिए शुभ नहीं माना जाता है। इस स्थिति में अगर विवाह (Marriage) सम्पन्न किया जाता है तब पति को कष्ट होता है या विदेश जाना पड़ता है साथ ही संतान सम्बन्धी परेशानियों का भी सामना करना पड़ता है।

वर्ण गुण बोधक चक्र में योग द्वारा अंकों का निर्धारण किस प्रकार किया जाता है इसे आप उदाहरण से स्पष्ट समझ सकते हैं मान लीजिए वर का जन्म स्वाति नक्षत्र (Swati Nakshatra) में एवं तुला राशि में हुआ हो और कन्या का जन्म पुनर्वसु नक्षत्र (Punarvashu Nakshatra) के चतुर्थ चरण एवं कर्क राशि में हुआ है तो इस स्थिति में अष्टकूट मिलान करने पर वर का राशि वर्ण शूद्र एवं कन्या का राशि वर्ण ब्राह्मण होता है।

शास्त्रों की मानें तो उनमें निर्देश दिया गया है कि कन्या की राशि अगर पुरूष की राशि से पहले हो तो विवाह नही करना चाहिए। इस सम्बन्ध में यह बताया गया है कि अनुलोम विवाह से वैवाहिक जीवन में कलह की स्थिति बनी रहती है। इन स्थितियों में दोष नहीं लगता है: 1. यदि वर और कन्या दोनों की राशि एक हो।

2.वर-वधू के राशीश (Lord of Zodic Sign) परस्पर मित्र हों।

3.वर-वधू के नवांशेश परस्पर मित्र हों।

4.वर-वधू के नवांशेश एक हों।
नोट: आप कम्पयूटर द्वारा स्वयं जन्मकुण्डली, विवाह मिलान और वर्षफल का निर्माण कर सकते हैं. यह सुविधा होरोस्कोप एक्सप्लोरर में उपलब्ध है. आप इसका 45 दिन तक मुफ्त उपयोग कर सकते हैं. कीमत 1250 रु. जानकारी के  िलए यहाँ  किलक करे


Add to: Add to your del.icio.us del.icio.us |
Muhurtha Explorer

आपके कमेन्ट्स (0 मिले):

आपका क्या कहना है? comment

चित्र में दिखा कोड टायप करें

Daily Astrology Explorer
अन्य पोस्टें
1 2 3 4 5 6 7 8 > कुल 274 : 1 - 15
चिप्पियां
taurus+rashiphal+2009 2009+rashiphal+taurus+rashi 2009+rashiphal+gemini+rashi gemini+rashiphal+2009 cancer+rashiphal+2009 2009+varshphal+cancer+rashi leo+rashiphal+2009 2009+rashiphal+leo+rashi muhurta muhurtha annual+astrology varshphal+leo 2009+varshphal taurus mesh aries varshphal navamsha+kundali shodash+varga navamsha brahaspati guru jupiter muhurat muhurta+for+oath jyotish+remedies kalsharpa+yoga ketu rahu pond+digging+muhurat muhurat+opening+shop astrological+remedies ascendant+lord lagnesh phalit+jyotish kundali+milan budh+in+married+life remedies+for+planets remedies kalsarp kalsarp+yoga malmass+ekadashi padmini+ekadashi sani+pooja sani+vrat pradosha+vrat skand+purana satya+narayan+katha satyanarayan+vrat rangotsav+madnotsav radha+krishna+holi holi+festival colour+festival maha+shiv+ratri shivratri+vrat+pooja vishnu+fourth+incarnation bhakt+prahlad prahlad+narasimha+avtar holika+dahan sacred+bath magha+poornima+ganga magha+shukla+purnima third+incarnation+vishnu varah+vishnu+incarnation varah+dwadashi+vrat amla+ekadashi+vrat+story parshuram+pooja falgun+shukla+ekadashi amalaki+ekadashi+vrat guru+ravidas+jayanti kabir+ravidas 14th+century+great+saint sant+ravidas guru+ravidas vijya+ekadashi+vrat+story vijya+ekadashi+vrat khattila+ekadashi prayag+mahakumbh+snan amavasya+ganga+snan magha+masa+amavasya mauni+amavasya paush+sukla+ekadashi putrada+ekadashi+vrat surya+katha surya+pooja+vrat surya+saptmi paush+sukla+saptmi martand+saptmi love+line+palm palmistry+love saubhagya+vrat gauri+tap+vrat gauri+tapovrat mokshada+ekadashi moksha+dayni+ekadashi yamraj+yamuna+story brother+sister+parv+tyohar kartik+shukla+dwitya bhai+duj utpanna+ekadshi+katha