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विवाह के संदर्भ में वश्य कूट मिलान का औचित्य (Importance of Vasya Koota in marriage matching system)

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image Vashaykoot for Marriage

हमारा समाज मूल रूप से पुरूष प्रधान है। पुरूष प्रधान समाज में यह आशा रखी जाती है कि स्त्रियां पुरूष के अधीन रहे, इसके लिए स्त्रियों पर कई प्रकार की पाबंदियां लगायी जाती है एवं मर्यादा की बेड़ियों में जकड़ने की कोशिश की जाती है।

उपरोक्त संदर्भ में एक कहावत काफी प्रचलित है जिसका जिक्र यहां प्रस्तुत है:  

विवाह से पूर्व कन्या को पिता के संरक्षण में रहना चाहिए, विवाहोपरान्त पति के संरक्षण में और वृद्धावस्था में पुत्र के संरक्षण में। कहावत का आशय यह है कि स्त्री को जीवनपर्यन्त बंधन में रहना चाहिए परंतु यह प्राचीन काल की बात है, आज के संदर्भ में महिला अपने बल को जान चुकी हैं और अब वे अबला नहीं सबला हो गयीं। आज जबकि महिला पुरूषों के साथ हम कदम बन चुकीं है तो यहां भी विचारों में नवीनता की आवश्यकता हो गयी है अत: आइये हम वर्तमान परिप्रेक्ष्य में वश्य कूट मिलान के औचित्य पर विचार करें।

ज्योतिषशास्त्रियों के अनुसार अष्टकूट मिलान में द्वितीय होता है वश्यकूट मिलान (According to the astrology  Vasya Koota millan is second in Ashtkoota system)। वश्य कूट के विषय में जानने से पहले आइये सबसे पहले हम इसके शाब्दिक अर्थ पर विचार करें। "वश्य" का शाब्दिक अर्थ होता है "वश" में करने योग्य। प्राचीन काल में वश्यकूट मिलान से देखा जाता था कि स्त्री पति के अधीन रहेगी अथवा नहीं परंतु आज के संदर्भ में देखा जाता है कि स्त्री पुरूष के विचारों में सामंजस्य रहेगा या नहीं और यह भी जाना जाता है कि दोनों में एक दूसरे के लिए कितनी समर्पण की भावना है।  उपरोक्त विषयों के सम्बन्ध में किस प्रकार वश्यकूट से गुण मिलाये जाते हैं आइये इसे समझते हैं।

ज्योतिषशास्त्र के अनुसार विभिन्न राशियों के वश्य इस प्रकार से हैं  (Vasya of rashi):

1. स्त्री और पुरूष की कुण्डली में मेष और वृष राशि होने पर चतुष्पद वश्य(Chatuspad vasya) कूट बनता है।

2.मिथुन, कन्या, तुला, धनु अथवा कुम्भ राशि स्त्री और पुरूष की कुण्डली में होने से द्विपद कूट(Dwipad Koota) बनता है।

3.स्त्री और पुरूष की कुण्डली में कर्क,मकर या मीन राशि होने पर जलचर वश्य कूट(Jalchar vasya Koota) बनता है।

4.स्त्री व पुरूष दोनों ही अगर सिंह राशि के हों तो वनचर वश्यकूट(Vanchar Vasya koota) का निर्माण होता है।

5.स्त्री व पुरूष दोनों ही अगर वृश्चिक राशि के हों तो कीट वश्यकूट(Keet Vasya Koota) का निर्माण होता है।

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वश्य गुणबोधक चक्र(Vasya Gunbodhak Chakra)

ज्योतर्विदों के मतानुसार राशियां अपने स्वभाव के अनुसार आपस में सामंजस्य बनाती हैं अथवा एक दूसरे से मतभेद पैदा करती है। वर- वधू की राशियों में मैत्री सम्बन्ध होने पर वश्य के दो गुण बनते है तो वशय बुण से विवाह के लिए सबसे उत्तम माना गया है (If rasi are friends  then vasya gets 2 points, this is good for marriage)। वश्य-वैर होने पर 1 गुण मिलते हैं इसे साधारण माना जाता है। वश्य अगर भक्ष्य है तो 1/2 गुण मिलते हैं इसे कमजोर कहा जाता है और वश्य वैर भक्ष्य हो तो 0गुण प्राप्त होता है इसे पूर्णत: अशुभ कहा गया है। इन गुणों के आधार पर ही वैवाहिक जीवन में पति पत्नी के बीच सामंजस्य का आंकलन किया जाता है।

इन स्थितियों में दोष नहीं लगता है(Dosha are not applicable in this conditions):

1.राशीश मैत्री-  वर -वधू दोनों के राशीश परस्पर मित्र हों (If Lord of rashi are friend)।

2.एक राशीश- वर-वधू दोनों के राशीश एक हों (If Lord of rashi are same)।

3.नवमांशेश मैत्री-  वर-वधू दोनों के नवमांश परस्पर मित्र हों (If navmansh are friend)।

4.एक नवमांशेश-वर-वधू दोनों के नवमांशेश एक हों (If navmansh are same)।

नोट:आप कम्पयूटर द्वारा स्वयं जन्मकुण्डली,विवाह मिलान और वर्षफल का निर्माण कर सकते हैं। यह सुविधा होरोस्कोप एक्सप्लोरर में उपलब्ध है। आप इसका 45 दिनों तक मुफ्त उपयोग कर सकते हैं। इसकी कीमत है 1250 रु. जानकारी के लिएयहाँ किल्क करे

Comments (3 posted):

pinki sagar on 21 February, 2009 11:12:18
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vivha matach :
Surender pal singh
Born Time- 6: 30 AM
DOB- 28.08.1980

PINKI SAGAR
BORN TIME- 11.55PM
DOB- 10.03.1984
subh hai ya nahi or gun kitne milte hai

SHASHIKANT: The place of birth is also required for marriage matching. Visit http://astrobix.com and uou can match horoscopes on line.
pratibha on 04 November, 2009 05:29:02
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ankit sharma
18-march-1986
7:45am
delhi

pratibha sharma
20-may-1986
3:30pm
delhi

hamri shadi kab hogi plz jaldi btaiye
RAJESH KUMAR CHOUDHARY on 15 November, 2009 11:14:46
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Name- Rajesh Kumar Choudhay, my db is -12/02/1977, B.place- Nalanda (Bihar), time lagbhag- 5Am Blood g is B+ (Mera saadi kab hoga)

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