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चूड़ाकरण या मुण्डन संस्कार का आधार बौद्धिक विकास..( Chudakarana or Mundan Sanskar)
हमारे मनिषियों ने जितने भी संस्कार बनाये हैं उनका कहीं न कहीं वैज्ञानिक आधार है(Sanskar which is created by Munishaya that all are based on हमारे मनिषियों ने जितने भी संस्कार बनाये हैं उनका कहीं न कहीं वैज्ञानिक आधार है(Hindu sanskar is based on science) बात करें चूड़ाकरण या मुण्डन संस्कार की तो इस संस्कार के पीछे भी कई सिद्धान्त छिपे हैं। पहली नज़र में देखें तो इस संस्कार के द्वारा जन्म के पश्चात पहली बार बाल उतारा जाता है, इससे सिर की सफाई हो जाती है यानी स्वच्छता का सिद्धान्त यहां लागू होता है। इस संस्कार के उद्देश्य की गहराई में देखें तो बहुत सी गूढ़ बातें सामने आती है........
शास्त्रों के मुताबिक चौरासी लाख योनियों में भटकने के पश्चात आत्मा को मानव शरीर मिलता है(According to hindu Shastra after 84 lakh yoni we get human body)। सभी योनियों से संचित संस्कारों का प्रभाव मानव पर रहता है। मानव शरीर में रहते हुए व्यक्ति में मानवीय गुणों का विकास हो उनके पूर्व जन्मों के संचित संस्कार से मुक्ति प्राप्त हो इसके लिए मुण्डन संस्कार किया जाता है। इस समय बुद्धि का विकास तेजी से होना शुरू होता है अत: बच्चे में अच्छी बुद्धि और ज्ञान के उद्दे्श्य से यह संस्कार किया जाता है। इस संस्कार के लिए मुहुर्त का आंकलन किस प्रकार किया जाता है आइये इसे देखें।
समय (Time):यह संस्कार जन्म से विषम वर्षों(Visham varsha) में यानी पहले वर्ष, तीसरे वर्ष, पांचवें वर्ष या सातवें वर्ष मे किया जाना चाहिए। ज्योतिषशास्त्र की मानें तो सम वर्ष(Sam Varsha) यानी (द्वितीय, चतुर्थ, षष्टम) में मुण्डन संस्कार नहीं करना चाहिए। सबसे बड़े पुत्र या पुत्री का चूड़कारण संस्कार सूर्य के वृष राशि में होने पर करना चाहिए। ज्योतिष कहता है अगर संतान की आयु 5 वर्ष से कम या आस पास है और मां 5महीने से अधिक गर्भवती है तो मुंडन संस्कार नहीं करना चाहिए।
सूर्य विचार (Aspect of Sun):
मुण्डन के लिए दिन निकालते समय सबसे पहले यह देखना चाहिए कि सूर्य गोचर में कहां स्थित हैं(Transit of sun is important for mundan muhurta)। अगर सूर्य मकर, कुम्भ, मेष, वृष या मिथुन राशि में हैं तो यह शुभ माना जाता है(If sun is situated in capricorn, aquarious, aires, taurus or gemini this is auspicious for this sanskrar). इस समय मुण्डन के लिए दिन निकाला जा सकता है।
नक्षत्र विचार(Consideration of Nakshatra):
चूडाकरण संस्कार के लिए शुभ नक्षत्रों के रूप में स्वाती(Swati), पुनर्वसु(Punravasu), श्रवण(Shravan), घनिष्ठा(Ghanishta), शतभिषा(Shatbhisha), अश्विनी(Ashvini), हस्त(Hast), पुष्य(Pushay), मृगशिरा(Mrigshira), रेवती(Raivti), चित्रा(Chitra) और ज्येष्ठा(Jayshta) का नाम लिया जाता है। उपरोक्त नक्षत्र जिस दिन हो उस दिन बच्चे का मुण्डन किया जा सकता है।
तिथि (Tithi):
इस संस्कार के लिए द्वितीया, तृतीया, पंचमी, सप्तमी, दशमी, एकादशी और त्रयोदशी तिथि बहुत ही उत्तम मानी गयी है(For this Sanskar this Tithi is very Auspicious for Muhurta)।
वार विचार(Consideration of Day):
जब आप अपनी संतान का मुण्डन संस्कार करने की सोचे तो यह देख लें कि उस दिन सोमवार, बुधवार, बृहस्पतिवार अथवा शुक्रवार हो। मुण्डन के लिए ज्योतिषशास्त्र में इन वारों को अति शुभ माना गया है(Monday,Wednesday,Thursday and Friday is very Auspicious Day for Mundan Sanskar)।
लग्न विचार(Consideration of Lagna):
ज्योतिष सिद्धान्त में मुण्डन या चूड़ाकरण संस्कार के लिए लग्न का विचार करना भी आवश्यक कहा गया है(Lagna is important for Chudakaran and Mundan Sanskar)। इसके लिए जन्म राशि से अष्टम राशि के लग्न को छोड़कर सभी लग्न मुण्डन संस्कार के लिए शुभ माने जाते हैं ( Except Ascendent of Eighth Rashi from Birth Rashi All Ascendent are Auspicious for Mundan Sanskar)। इस संस्कार के लिए शुभ राशि का लग्न और नवमांश देखा जाता है(Lagna and navmansha of rashi should be auspicious for chudakarana sanskar ) जिसके केन्द्र यानी (प्रथम, चतुर्थ, सप्तम, दशम) भाव में एवं त्रिकोण (पंचम, नवम) भाव में शुभ ग्रह हों तथा तृतीय, षष्टम एवं एकादश भाव में पाप ग्रह हों और अष्टम भाव ग्रह रहित हो तो मुहुर्त लग्न शुभ माना जाता है।
निषेध(Nisedh):
ज्योतिषशास्त्र के नियमानुसार इन स्थितियों में मुण्डन नहीं करना चाहिए अगर गोचरवश चन्द्रमा जन्म चन्द्र से चतुर्थ, अष्टम या द्वादश भाव में हो(When moon situated in chturath,Ashtam or Dasham house from Birth Moon, this is inauspicious muhurta for mundan)। इसके अलावा अगर तृतीय, पंचम या सप्तम तारा हो तो यह संस्कार नहीं करना चाहिए।
नोट: आप कम्पयूटर द्वारा स्वयं शुभ मुहुर्त निकाल सकते है़। इसके लिए आप मुहुर्त एक्सप्लोरर का इस्तेमाल करे। आप इसका 45 दिनों तक मुफ्त उपयोग कर सकते हैं । कीमत 650 रु. जानकारी के लिये यहाँ क्लिक करे



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Comments (39 posted):
regards,
Deepak
Please let me know the subh day for doing this ceremony, if not then pls tell the subh days from Sept to Oct 09
regards,
Anup
pls tell me the mundan date in the month of feburary 2010 for my first baby boy (NAME- AKSHAJ SRIVASTAVA, DOB-12/03/2009)
thanks
Please note that date of birth of my son is 9/12/2008 & at Bokaro (Jharkhand)
Please inform me the suitable date for the mundan of my baby.
An early reply shall be highly appreciated.
Regards
Manish
Please note that date of birth of my son is 9/12/2008 & at Bokaro (Jharkhand)
Please inform me the suitable date for the mundan of my baby.
An early reply shall be highly appreciated.
Regards
Manish
Can I do mundansanskar of eldest Daughter whose bith date is 04/01/2008 on 24 August 2010.
With best regards.
Ratna
I want to do as early I can.
Name : Swadha Singh
D O B: 09.10.2006
Please suggest a date in month of october only.
Thanks & Regards,
Amit Singh
My only son's DOB is 14/2/2008 please let me inform suitable date/month to perform Mundan.
S.K.Sharma
Thanks a lot!
God Bless..
Also please advise if the ceremony can be performed at Ambaji (Distt Sabarkantha, Gujrat) and Becharaji (Distt. Mehsana, Gujrat)?
Regards
whose date of birth is 28/12/2009.
He is 11 months old.
Pl tell me muhurt in nov 2010
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