Home | मूहूर्त

मूहूर्त

1 2 3 4 5 next total: 50 | displaying: 1 - 10
image

वेदारम्भ संस्कार(Vedh Arambh Sanskar)

प्राचीन काल में गुरू शिष्य परम्परा का प्रचलन था। इस समय छात्रों को वेद की शिक्षा दी जाती थी। वेद की शिक्षा छात्रों को आचार्य या गुरू देते थे। भारतीय दर्शन में वेद की जानकारी एवं उनका अध्ययन बहुत ही शुभ माना जाता था। वेद की शिक्षा शुरू करने से पूर्व एक संस्कार किया जाता था जिसे वेदारम्भ संस्कार (Vedarambh sanskar) के नाम से जाना जाता था। आइये इसके विषय में और भी जानकारी हासिल करें।
Full story
image

निष्क्रमण संस्कार(Nishkraman Sanskar)

निष्क्रमण संस्कार को पोड्ष संस्कार में 6 स्थान प्राप्त है(Nishkraman Sanskar is the sixth place in podash Sanskar) , अर्थात यह संस्कार सनातन धर्म में छठा संस्कार माना जाता है। नामकरण के पश्चात सनातन धर्म में निष्क्रमण संस्कार किया जाता है(This Sanskar is doing after Namkaran Sanskar)।...
Full story
image

पुंसवन संस्कार(PunsvanSanskar)

षोड्ष संस्कार के अन्तर्गत दूसरा संस्कार आता है पुंसवन संस्कार(There are other sanskar also in Shodash Sanskar that is Punsvan Sanskar) । भारतीय धर्मशास्त्र जैसे वेद, ब्राह्मण, गृहसूत्र आदि में इन संस्कारों का जिक्र किया गया है(In indian Mythology like Vedas, Brahaman,Grahasutra this Sanskar is mension) । ...
Full story
image

सीमांतोन्नयन संस्कार (Simantonnyana Sanskar)

हिन्दू समाज में जन्म से लेकर मृत्यु तक और यहां तक कि जन्म से पूर्व गर्भधारण से लेकर गर्भावस्था के पूरे समय तक कुल मिलाकर 16 प्रकार के संस्कार किये जाते हैं(There are 16 Sanskar from Birth till Death in Hindu Religions) ।...
Full story
image

समवर्तन संस्कार(Samvartan Sanskar)

आप महसूस कीजिए कि आप कई वर्षों से मां पिता से दूर रहकर छात्रावास में अध्ययन कर रहे हैं और जब आप घर लौटते हैं तो उस समय घर में कैसा माहौल होता है। आप देखेंगे कि घर में मां पिता एवं परिवार के अन्य सभी सदस्य हार्दिक प्रसन्नता एवं उल्लास के साथ आपका स्वागत करते हैं। ठीक इसी प्रकार की स्थिति समवर्तन संस्कार की कही जा सकती है। ...
Full story
image

उपनयन संस्कार (Upnayan Sanskar)

यज्ञ+उपवीत अर्थात यज्ञोपवीत संस्कृति का एक शब्द है जिसका अर्थ होता है यज्ञ द्वारा पवित्र किया गया सूत्र। इस सूत्र को जनेऊ कहते हैं (Yagyo Pavit is the sanskrit word which means a tag which is sacred by Yagyas , That tag is known as Jenau) ।...
Full story
image

विवाह संस्कार (Vivaha Sanskar part II)

ग्रहों का भावों में निषेध(Nishadeh in House of Planets): विवाह मुहुर्त लग्न में, लग्नेश षष्टम, अष्टम भाव में, सूर्य प्रथम, सप्तम भाव में, चन्द्रमा प्रथम, षष्ठी, सप्तम और अष्टम भाव में, मंगल प्रथम, सप्तम, अष्टम, दशम भाव में, बुध सप्तम, अष्टम भाव में, बृहस्पति सप्तम, अष्टम भाव में शुक्र तृतीय, षष्टम, सप्तम, अष्टम भाव में, शनि प्रथम, सप्तम, द्वादश भाव में, राहु-केतु प्रथम, सप्तम भाव में नहीं होने चाहिए। अगर ऐसा है तो इसे मुहुर्त के अनुसार दोषपूर्ण माना जाएगा। ....
Full story
image

विवाह संस्कार (Vivaha Sanskar Part I)

सोलह संस्कार में विवाह संस्कार का प्रमुख स्थान है(Vivah Sanskar is very important part in Sixteen Sanskar)। इस संस्कार के पश्चात व्यक्ति गृहस्थ जीवन में प्रवेश करता है। विवाह के पश्चात व्यक्ति को पारिवारिक व सामाजिक जीवन का निर्वाह करना होता है। ...
Full story
image

अन्नप्राशन संस्कार(Ann Prashan Sanskar)

हम सभी जानते हैं कि इस शरीर रूपी मशीन को चलाने के लिए उर्जा और शक्ति की आवश्यक होती है(Enery is very essential for our Body)। उन्न और भोज्य पदार्थों से हमें उर्जा और शक्ति मिलती है। सनातन ध्रर्म के अनुसार जब बच्चों के दांत निकलने शुरू होते हैं और वह पहली बार दूध के अलावा ठोस आहार लेता है तब यह संस्कार किया जाता है, अर्थात पहली बार जब बच्चा शास्त्रोक्त तरीके से अन्न ग्रहण करता है उस संस्कार को अन्नप्राशन संस्कार के नाम से जाना जाता है। ...
Full story
image

सोलह संस्कार (Sixteen Sanskar)

हिन्दु धर्म में जन्म से लेकर मृत्यु तक कुल सोलह संस्कार बताए गये हैं(According to the Hindu Religious there are 16 Sanskars till Death)। इन संस्कारों का इतिहास अति प्राचीन है, इन संस्कारों का हमारे जीवन में बहुत अधिक महत्व है(Importance of these Sanskars is very essential in our Life)। प्रत्येक संस्कार हमारे जीवन में बहुत महत्व रखते है। प्रत्येक संस्कार के मुहुर्त में कौन-कौन से नक्षत्र, तिथि आदि का उपयोग होता है अर्थात किस नक्षत्र, तिथि में कौन सा संस्कार किया जाना चाहिए यहां इसका उल्लेख किया जा रहा है। सबसे पहला संस्कार है गर्भधारण संस्कार.......।...
Full story
1 2 3 4 5 next total: 50 | displaying: 1 - 10