मूहूर्त
अभिजीत मुहुर्त (Abhijeet Muhurta)
हम आप किसी कार्य को शुरू करने के लिए शुभ मुहुर्त का विचार करते हैं। शुभ मुहुर्त में काम करने से कार्य की सफलता और परिणाम की गुणवत्ता बढ़ जाती है। कई बार परिस्थितियां ऐसी हो जाती है कि किसी कार्य विशेष के लिए शुभ मुहुर्त नहीं निकलता रहता है ऐसे में कार्य की तिथि आगे बढ़ानी पड़ती है। कई बार तो इस कारण से कई प्रकार की परेशानी भी आ जाती है। आजकल जब लोग काफी व्यस्त हो गये, लोगों के पास समय की कमी हो गयी है ऐसे में किसी कार्य विशेष के लिए शुभ मुहुर्त नहीं मिलने के कारण नाते रिश्तेदारों का किसी आयोजन में एक साथ उपस्थित हो पाना कठिन हो जाता है क्योंकि सभी लोगों को एक ही दिन छुट्टी नहीं मिल पाती। आज के युग में इस स्थिति का हल है अभिजीत मुहुर्त........
पात दोष (Paat Dosha)
ज्योतिषशास्त्र में बताया गया है कि सफल और सुखद वैवाहिक जीवन के लिए वर और वधू की कुण्डली को मिला कर देखना चाहिए कि इनके बीच कितने गुण मिलते हैं। अगर कुल 36 गुणों में से 18 से ऊपर गुण मिलते हैं तो इसे शुभ माना जाता है । विवाह के लिए सिर्फ कुण्डली मिलना ही काफी नहीं होता इसके लिए आवश्यक है कि विवाह संस्कार शुभ मुहुर्त में हो (Kundli matching is not sufficient for enjoyable married life, enough, it's also important that marriage should be in good Muhurta). ...जानिए मुहुर्त और लत्ता दोष क्या है (Konw the Muhurta and Latta Dosha)
जिस तरह से प्राचीन काल से जन्म कुण्डली का अस्तित्व है उसी प्रकार से मुहुर्त का भी अस्तित्व है। हम आप अपने सम्पूर्ण जीवन में होने वाली घटनाओं के विषय में जैसे कुण्डली को देखा करते हैं और जानते हैं कि कब हमें हमारे भाग्य का फल प्राप्त होगा। ज्योतिषशास्त्री कहते हैं कि जन्मकुण्डली हमारे सम्पूर्ण जीवन का लेखा-जोखा होता है, इससे सम्पूर्ण जीवन के भाग्य का पता चलता है जो विधाता के द्वारा लिखा होता है। ...यात्रा का मुहुर्त पार्ट 2(Yatra Muhurt Part-2)
यात्रा का मुहुर्त नामक द्वितीय श्रृंखला में आपका स्वागत है। इस श्रृंखला में पार्ट 1 की कड़ी को आगे बढ़ाते हुए आइये देखते हैं कि यात्रा के समय मुर्हुत का आंकलन करते समय किन किन बातो को ध्यान में रखना चाहिए। ...एकार्गल, उपग्रह और युति दोष ( Ekargal, Upagrah or Yuti Dosha)
वैवाहिक मुहूर्त में कई प्रकार के दोष लगते हैं इन दोषों का आंकलन करने के बाद ही आपको विवाह की तिथि निर्घारित करनी चाहिए। अगर अप इन दोषों पर गौर नहीं करते हैं तो विवाह में कई प्रकार की परेशानी और समस्याएं आ सकती हैं। आइये देखें कुछ दोषों को। ...यात्रा का मुहुर्त पार्ट-1 (Muhurta For Journey Part-1)
म मनुष्य विभिन्न उद्देश्यों और कार्यों से जीवन में समय समय पर यात्रा करते। जब हम किसी विशेष उद्देश्य या कार्य से यात्रा करते हैं तो हमारी अपेक्षा रहती है कि जिस प्रयोजन मे हम यात्रा कर रहे हें उसमें हमें सफलता प्राप्त हो। यात्रा कैसी होगी व यात्रा से अनुकूल परिणाम प्राप्त होगा या नहीं यह उस मुहुर्त पर निर्भर करता जिसमें हम यात्रा करते हैं। ...बच्चों की शिक्षा के लिए शुभ मुहुर्त (Start Education in good Muhurta)
हर माता पिता का सपना होता है कि उनका बच्चा खूब पढ़े लिखे और बड़ा आदमी बने। अपने इस सपने को साकार करने के लिए माता पिता पूरी पूरी कोशिश करते हैं, लेकिन कई बार माता पिता को निराशा हाथ लगती है क्योंकि उनका बच्चा पढ़ने में मन नहीं लगाता है अथवा बच्चे विषयों को सही प्रकार से समझ नहीं पाते। ज्योतिषशास्त्री कहते हैं कि अगर मुहुर्त का विचार करके शिक्षा प्रारम्भ की जाए तो इस तरह की समस्या से काफी हद तक राहत मिल सकती है। ...सरकारी नौकरी शुरू करने का मुहुर्त (Muhurta for joining the Government Job)
मल्टी नेशनल कम्पनियों के आ जाने के बावजूद भी नौकरी की इच्छा रखने वाले युवा चाहते हैं कि उन्हें सरकारी नौकरी प्राप्त हो। सरकारी नौकरी प्राप्त करने के लिए युवा दिन रात परिश्रम करते हैं तब जाकर उन्हें अपनी मेहनत का मीठा फल प्राप्त होता है। कोई भी व्यक्ति जो भरपूर मेहनत करने के बाद सरकारी नौकरी में आता है वह नहीं चाहेगा कि उसकी नौकरी में किसी प्रकार की बाधा आए या उसे परेशानियो का सामना करना पड़े। ज्योतिषशास्त्री बताते हैं कि जब आप सरकारी नौकरी में पद भर ग्रहण करने जा रहे हो तो मुहुर्त का विचार अवश्य करलें। अगर आप शुभ मुहुर्त में पदभार ग्रहण करते हैं तो आपके कार्यों को सराहा जाता है आपको अच्छी पदोन्नति मिलती है। लेकिन अगर आप अशुभ मुहुर्त में पदभार ग्रहण करते हैं तो कई प्रकार की बाधाएं आकर आपको परेशान करती हैं। ...चुनावी टिकट या नौकरी के लिए आवेदन करने का मुहुर्त (Muhurta for Applying Job or Election ticket)
चुनाव में टिकट हासिल करना हो या नौकरी प्राप्त करनी हो दोनों ही विषयों में सबसे पहले हमें आवेदन देना होता है। जिस प्रकार किसी भी पूजा में, शुभ कार्यों में गणेश जी को सबसे पहले याद किया जाता है उसी प्रकार चुनाव में टिकट प्राप्त करने के लिए व नौकरी प्राप्त करने के लिए आवेदन देना होता है। आवेदन स्वीकार होने के पश्चात आपको चुनाव के लिए टिकट मिलती है या नौकरी में जांच परीक्षा या साक्षात्कार के लिए बुलाया जाता है।...अदालती मामलों के लिए मुहुर्त का विचार ( Muhurta for Appealing in Court)
जीवन में कई प्रकार के उतार चढ़ाव आते रहते हैं, इन उतार चढ़ाव के बीच कभी तो अनुकूल स्थितियां बनती दिखाई देती हैं तो कभी प्रतिकूल। प्रतिकूल परिस्थितयों में कई बार हमें विवाद और कलह की स्थिति से गुजरना पड़ता है। विवाद की स्थिति पैदा होने पर कई बार हम आपसी बात चीत से मामले को निबटा लेते हैं तो कई बार समाज के विशिष्ट लोगों द्वारा पहल करने से विवाद समाप्त हो जाता है, लेकिन कभी कभी ऐसी स्थिति पैदा हो जाती है जिसका निदान अदालत में ही हो पाता है। ज्योतिषशास्त्री कहते हैं जब आपको अदालत की शरण में जाना पड़े उस समय मुहुर्त का विचार अवश्य कर लें, अर्थात अदालत में मामला तभी दर्ज करायें जब मुहुर्त शुभ हों......। ...Log in



