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काक्रच योग (Kakrach yoga)

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image काक्रच योग (kakrach yog)

तिथि और वार के संयोग से बनने वाले योगों की बात करते हुए श्रृंखला में हम आ पहुंचे हैं काक्रच योग तक (kakroach yoga is created from Tithi, and var)। काक्रच योग भी अशुभ योगों की श्रेणी में आता है (Kakrach yog is also in the group of Inauspicious Yoga)। ज्योतिशस्त्री कहते हैं कि काक्रच योग किसी भी शुभ कार्य के लिए अशुभ होता है। इस योग के रहते हुए शुभ कार्य जैसे शादी, उपनयन, यात्रा, नई योजना की शुरूआत आदि नहीं करनी चाहिए।

उपरोक्त बातों से योग के गुण का पता चलता है अब बात करते हैं कि यह योग बनता कैसे है। इस योग का निर्माण तब होता जबकि तिथि और वार को जोड़ने पर अंक 13 आये (If result of calculation between day and date is 13, it creates karach yoga)। तिथि और वार को जोड़ने पर यह अंक कैसे आता है अब इसे देखिये।

1.षष्टी तिथि और शनिवार को जोडि़ये, चूंकि शनिवार हफ्ते का सातवां दिन है इसलिए 6+7 होने से= 13 अंक प्राप्त होता है फलत: काक्रच योग का निर्माण होता है। यानी शनिवार के दिन जब षष्टी तिथि पड़े तो अशुभ योग बनता है (Add Shasti Tithi and saturday, you will get number 13, So this Saturday is effected from kakrach yoga)।

2. तिथि है सप्तम और दिन है शुक्रवार जो कि हफ्ते का छठा दिन होता है, अब आप तिथि 7और दिन 6 को जोड़िये अंक प्राप्त होगा 13। यानी जब शुक्रवार के दिन सप्तम तिथि पड़े तो काक्रच योग बनेगा (When saptmi tithi makes a combination with Friday its result is inauspicious Kakrach yoga)।

3.बुधवार के दिन जब नवमी तिथि पड़ती है उस दिन भी काक्रच योग बनता है क्योंकि दिन और तिथि को जोड़ने पर अंक 13 प्राप्त होता है। (If Navmi tithi is on wednesday, it creates kakrach yoga)।  

4.मंगलवार के दिन अगर दशमी तिथि पड़े तो कोई शुभ कार्य करने की मनाही दी जाती है क्योंकि इस स्थिति में भी यह योग बनता है। मंगल चुंकि हफ्ते का तीसरा दिन होता है और तिथि है दशमी जिससे जोड़ का फल 13 आता है।

5.सोमवार के दिन अगर एकादशी तिथि उपस्थित होती है तब भी यह योग बनता है क्योंकि यहां भी जोड़ से अंक 13 ही निकलता है।

6.द्वादशी तिथि जब रविवार को पड़ती है तब काक्रच योग का निर्माण होता है।

अगर आप शुभ कार्य करने जा रहे है तो इस योग से संभव हो तो बचने की चेष्टा करें। तिथि और वार के योग से बनने वाले योगों में अगला योग है सम्वर्तक योग (Samvartak Yoga) इसे जानने के लिए सम्वर्तक योग नामक लेख देख सकते हैं।

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