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अदालती मामलों के लिए मुहुर्त का विचार ( Muhurta for Appealing in Court)
जीवन में कई प्रकार के उतार चढ़ाव आते रहते हैं, इन उतार चढ़ाव के बीच कभी तो अनुकूल स्थितियां बनती दिखाई देती हैं तो कभी प्रतिकूल। प्रतिकूल परिस्थितयों में कई बार हमें विवाद और कलह की स्थिति से गुजरना पड़ता है। विवाद की स्थिति पैदा होने पर कई बार हम आपसी बात चीत से मामले को निबटा लेते हैं तो कई बार समाज के विशिष्ट लोगों द्वारा पहल करने से विवाद समाप्त हो जाता है, लेकिन कभी कभी ऐसी स्थिति पैदा हो जाती है जिसका निदान अदालत में ही हो पाता है। ज्योतिषशास्त्री कहते हैं जब आपको अदालत की शरण में जाना पड़े उस समय मुहुर्त का विचार अवश्य कर लें, अर्थात अदालत में मामला तभी दर्ज करायें जब मुहुर्त शुभ हों......।
ज्योतिषशास्त्र के अनुसार अदालत में मामला दर्ज करने से पहले आपको मुहुर्त का आंकलन करना चाहिए। आप इस विषय से सम्बन्धित मुहुर्त का आंकलन कैसे कर सकते हैं, और कौन सा मुहुर्त अदालत में अपील करने के लिए शुभ है आइये इसे समझें।अकुल नक्षत्र (Akul Nakshatra):
ज्योतिषशास्त्र के अनुसार अकुल नक्षत्र अदालती मामलों में सफलता दिलाने वाले (Akul Nakshatra gives you Expected result in Court case.) होते हैं। स्वाती, भरणी, आश्लेषा, घनिष्ठा, रेवती, हस्त, अनुराधा, पुनर्वसु, उत्तराफाल्गुनी, उत्तराषाढ़ा, उत्तराभाद्रपद और रोहिणी अकुल नक्षत्र (Raiveti, Hast, Anuradha, Rohini are related from Akul Nakshatra) के अन्तर्गत आते हैं। जिस दिन यह नक्षत्र दिवस हो उसदिन अगर आप मुकदमा दायर करें तो आपको अदालती मामलों में अनुकूल परिणाम प्राप्त होता है।
तिथि विचार (Consideration of Tithi):
ज्योतिष सिद्धान्त में मुहुर्त के संदर्भ में यह माना जाता है कि शुभ तिथि में अगर आप कार्य करें तो आपको शुभ परिणाम मिलता है (As per astrology, if you are starting any work in good muhurta, you will get auspicious result.) और अगर आप अशुभ तिथि में कार्य शुरू करते हैं तो आपको अशुभ परिणाम मिलने की संभावना अधिक रहती है। अगर आप अदालत में मुकदमा दायर करने जा रहे हैं तो इसके लिए प्रतिपदा, तृतीया, पंचमी, सप्तमी, नवमी, एकादशी, त्रयोदशी एवं पूर्णिमा तिथि उत्तम मानी जाती है।
वार विचार (Var Vichar):
मुहुर्त का विचार करते समय आप वार पर भी जरूर ध्यान दें। ज्योतिषशास्त्री बताते हैं कि अदालत में मामला दर्ज करने के लिए रविवार, सोमवार, बृहस्पतिवार और शनिवार के दिन का चुनाव (Sunday, Monday, Thursday and Saturday are good for appealing in court.) करे। अगर आप इन वारों में से किसी दिन का चुनाव करते हैं और उपरोक्त नक्षत्र और तिथि का संयोग होता है तो अदालत का फैसला आपके पक्ष में होने की संभावना अधिक रहती है।
संयोगवश अगर आपको अदालती मामलों में उलझना पड़ रहा है तो बताये गये तथ्यों को ध्यान में रखते हुए आप मुहुर्त का आंकलन (Assessment of Muhurta) कर सकते हैं और शुभ मुहुर्त में अपील कर सकते हैं।
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