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संतान गोद लेने का मुहुर्त (Muhurta for Child Adoption)
संसार में ऐसा व्यक्ति शायद ही कोई होगा जो सन्तान की कामना न करता हो। सभी माता पिता चाहते हैं जिन लोगों को संतान का सुख प्राप्त नहीं हो पाता है या जो लोग अनाथों के प्रति उदार भाव रखते हैं वे लोग किसी बच्चे को गोद लेना पसंद करते हैं। लेकिन ख्याल रखें के जो भी निर्णय लें वे शुभ मुहुर्त में लें।
ज्योतिषशास्त्री कहते हैं कि संतान गोद लेना बहुत ही पुण्य का काम है। इस पुण्य कार्य को शुभ मुहुर्त में करें तो उत्तम रहता है। शुभ मुहुर्त में अगर आप संतान को गोद (Muhurat for Child Adoption) लेते हैं तो आपकी गोद ली हुई संतान से आपको सुख मिलता है। आपकी गोद ली गई संतान आपको आदर और सम्मान देती है। संतान गोद लेते समय मुहुर्त कैसा होना चाहिए यह जानने के लिए देखें कि उस समय नक्षत्र, वार, तिथि और लग्न किस प्रकार से होना चाहिए।1.नक्षत्र विचार (Nakshatra Vichar for Child Adoption)
अगर आप संतान गोद लेने जा रहे हैं तो नक्षत्रों का विचार जरूर करें ध्यान रखें। ज्योतिषशास्त्र के अनुसार जिस दिन पुष्य, अनुराधा और पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र हो उस दिन संतान गोद लिया जा सकता है
2.तिथि विचार (Tithi Vichar for Child Adoption):
ज्योतिषशास्त्र के अनुसार संतान गोद लेने के लिए तिथि का विचार करते समय ध्यान रखें कि जिस दिन आप संतान गोद लेने जा रहे हैं उस दिन प्रतिपदा, द्वितीया, तृतीया, पंचमी, सप्तमी, दशमी, एकादशी और त्रयोदशी में से कोई तिथि हो। इन तिथियों को इस संदर्भ अत्यंत शुभ माना गया है।
3.वार विचार (Var Vichar for Child Adoption):
नक्षत्र और तिथि का विचार करने के बाद वार देख लें, क्योंकि इस संदर्भ में वार का भी बहुत महत्व है। ज्योतिष सिद्धान्त के अनुसार संतान गोद लेने के लिए रविवार, मंगलवार, बृहस्पतिवार एवं शुक्रवार काफी शुभ माने गये हैं।
4.लग्न विचार (Lagna Vichar for Child Adoption)
संतान गोद लेने के लिए जब आप जाएं उस समय देख लें कि मुहुर्त लग्न शुभ हो। मुहुर्त कुण्डली के पांचवें, नवें और दसवें भाव में शुभ ग्रह हो एवं ये भाव बलवान हों तो संतान गोद लेने के लिए उत्तम समय होता है।




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