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कला संगीत के लिए मुहुर्त विचार Muhurta for dance, Music and acting

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image Muhurta for dance, Music and acting

संगीत हो नृत्य या अभिनय हो अगर आप इसमें सफलता की इच्छा रखते हैं तो इसकी उपासना करनी होती है। भारतीय दर्शन में इन कलाओं को ईश्वर का आशीर्वाद माना जाता है जो बहुत ही भाग्यशाली व्यक्तियों को प्राप्त होता है ।

ज्योतिषशास्त्री मानते हैं कि जैसे आप किसी भी शुभ कार्य के लिए मुहुर्त देखते हैं उसी प्रकार आपको कला संगीत एवं अभिनय के क्षेत्र में कदम बढ़ाने से पहले मुहुर्त का विचार जरूर करना चाहिए। जानें कि नृत्य, संगीत एवं कला के क्षेत्र में किस मुहुर्त में प्रयास करें ताकि आपको अपने प्रयास में सफलता प्राप्त हो।

1.नक्षत्र विचार (Consideration of Nakshatra)
जब आप संगीत, नृत्य या अभिनय के क्षेत्र में कदम रखने जा रहे उस समय देख लें कि नक्षत्र मृगशिरा (Mrigshira), रेवती (Raivti), अनुराधा (Anuradha), हस्त (Hast), पुष्य (Pushya), पूर्वाफाल्गुनी (purvafalguni), ज्येष्ठा (Jyestha) और उत्तराषाढ़ा(Uttrasadha) हो क्योंकि यह नक्षत्र संगीत, नृत्य व अभिनय सीखने के लिए अति उत्तम माने गये हैं। मुहुर्त चिन्तामणी (Muhurta Chintamani) के अनुसार उत्तराफाल्गुनी(Uttrafalguni), उत्तराभाद्रपद (Uttravadrapad) और रोहिणी नक्षत्रों (Rohini Nakshatra) को भी शुभ माना गया है।

2.तिथि (Consideration of Tithi)
संगीत/नृत्य एवं अभिनय की शिक्षा प्राप्त करने के लिए जब आप किसी संस्थान में दाखिला लेने जाएं तो पहले यह देख लें उस दिन द्वितीया/तृतीय/पंचमी/षष्टी/दशमी/एकादशी अथवा द्वादशी तिथि हो। इन तिथियों को इस विषय में शुभ माना गया है।

3.वार का विचार(Consideration of var)
उपरोक्त नक्षत्र एवं तिथि के साथ वार को भी ध्यान में रखना चाहिए। सोमवार, बुधवार, बृहस्पतिवार एवं शुक्रवार कला के इस क्षेत्र में प्रवेश के लिए बहुत ही शुभ माने गये हैं।

4.लग्न का विचार (Consideration of Lagna)
जिस दिन आप सम्बन्धित विषय में प्रवेश लेने जा रहे हैं उस दिन देख लेना चाहिए कि मुहुर्त में लग्न बलवान (Ascendant Should be Strong in the Muhurta) स्थिति में हो, अगर मुहुर्त लग्न में बुध(If the Mercury situated in the Muhurt langa, that will be very auspicious for you) हो तो यह सुंदर संयोग होता है।

5.निषेध (Caution)
जिस दिन गोचरवश चन्द्रमा जन्म के समय जिस राशि में था उस राशि से चतुर्थ, अष्टम अथवा द्वादश भाव में उपस्थित हो तथा तृतीय भाव, पंचम भाव एवं सप्तम भाव में तारा हो एवं भद्रा या अन्य अशुभ योग (Inauspicious Yoga) नहीं हो तो आप बताएं गये नक्षत्र, तिथि, वार, लग्न का विचार कर शुभ मुहुर्त में संगीत, नृत्य एवं अभिनय प्रशिक्षण हेतु नामांकण करवा सकते हैं।
 

Comments (1 posted):

veena on 09 October, 2009 01:45:04
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sangeet mai aage carrier banane ke ley kab kya npay kiye jane chahia. kripya rasta dekhane ka kast krain.

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