सीमांतोन्नयन संस्कार (Simantonnyana Sanskar)
इन सोलह संस्कारों को पोड्ष संस्कार के नाम से जाना जाता है। सोलह संस्कारों में पुंसवन संस्कार के पश्चात तीसरा संस्कार आता है सीमांतोन्नयन संस्कार(Simantonian Sanskar is the third Sanskar in 16 Sanskars)। यह संस्कार भी गर्भावस्था के दौरान ही सम्पन्न किया जाता है। सीमांतोन्नयन संस्कार गर्भावस्था के होना वाला अंतिम संस्कार होता है। सीमांतोन्नयन संस्कार ज्योतिषशास्त्र के अनुसार गर्भ धारण के छठे या आठवें महीने में किया जाता है(According to the Aistrologer simantonian Sanskar is doing in the Month of Sixth and Eigth at the time of Garbh Daharan)।
गर्भ से छठे या आठवें महीने में से जिस महीने का स्वामी बलवान होता है उस महीने में यह संस्कार किया जाना शुभ और उत्तम माना जाता है Swami of which month is strong that Month is very Auspicious for this Sanskar) । इस संस्कार में गर्भवती स्त्री के सिर के बालों में माँग निकाली जाती है। इस संस्कार के लिए आइये सबसे पहले तिथि का विचार करें(Consideration of Date for this Sanskar)। तिथि(Date): नक्षत्र(Nakshatras): लग्न(Ascendent): सीमांतोन्न्यन संस्कार के लिए लग्न का विचार करते समय यह देखना चाहिए कि लग्न बलवान स्थिति में हों(Before consideration for this always consider that Ascendent are in good stage or not)। लग्न अगर बलवान है और अष्टम भाव खाली है तो यह बहुत अच्छी स्थिति मानी जाती है। इस लग्न स्थिति में यह संस्कार किया जा सकता है। नोट: आप कम्पयूटर द्वारा स्वयं शुभ मुहुर्त निकाल सकते है़। इसके लिए आप मुहुर्त एक्सप्लोरर का इस्तेमाल करे। आप इसका 45 दिन तक मुफ्त उपयोग कर सकते हैं । कीमत 650 रु. जानकारी के लिये यहाँ क्लिक करे




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