Home | मूहूर्त | आइये जानें क्या है विषयोग और हुताशन योग (Come to know what is Vish Yoga & Hutashana Yoga)
Kundli Software

आइये जानें क्या है विषयोग और हुताशन योग (Come to know what is Vish Yoga & Hutashana Yoga)

Font size: Decrease font Enlarge font
image आइये जानें क्या है विषयोग और हुताशन योग (Come to know what is Vish Yoga & Hutashana Yoga)

अशुभ योग की हम बात कर रहे हैं तो विषयोग और हुताशन योग का जिक्र आना स्वाभाविक है (Vish yoga and Hutashana yoga are known as Inauspicious Yoga)। विषयोग नाम से ज्ञात होता है कि आपके शुभ कामों में ज़हर घोलने वाला योग है। ज्योतिषशास्त्री कहते हैं कि इस योग के रहते कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए।

आप अगर किसी नई परियोजना पर कार्य करने की सोच रहे हैं तो विषयोग और हुताशन योग से परहेज रखें। इस योग में अपनी योजना की शुरूआत नहीं करें। इस योग में घर की नींव न डालें, मकान या दुकान न खरीदें। अगर आप किसी शुभ कार्य के सम्बन्ध में यात्रा पर निकलने की तैयारी कर रहे हैं तो इस योग के गुजर जाने के बाद ही यात्रा पर जाएं तो अच्छा रहेगा क्योंकि यह योग यात्रा के संदभ शुभ फलदायी नहीं कहा गया है।

सबसे पहले आइये हम जानें कि विष योग किस प्रकार बनता है (Come to know how
Vish yoga is created)। ज्योतिषशास्त्र के अनुसार विषयोग तब बनता है जब वार और तिथि के मध्य विशेष योग बनता है। 

1.जब रविवार के दिन चतुर्थी तिथि पड़े तब इस योग का निर्माण होता है (Vish yoga is the combination of Sunday and Fourth tithi)।

2. सोमवार का दिन हो और षष्टी तिथि पड़े तब यह अशुभ योग बनता है (If it is monday and tiithi is Shashti then it makes inauspicious Vish yoga)।

3.मंगलवार का दिन हो और तिथि हो सप्तमी, इस बार और तिथि के संयोग से भी विष योग बनता है (Combination of Tuesday and Saptmi tithi also generates Vishyoga)।

4.द्वितीया तिथि जब बुधवार के दिन पड़े तब विष योग का निर्माण होता है।

5.अष्टमी तिथि हो और दिन हो गुरूवार का तो इस संयोग का फल विष योग होता है।

6.शुक्रवार के दिन जब कभी नवमी तिथि पड़ जाती है तब भी विष योग बनाता है। 

7.शनिवार के दिन जब सप्तमी तिथि हो तब आपको कोई शुभ काम करने की इज़ाजत नहीं दी जाती है क्योंकि यह अशुभ विष योग का निर्माण करती है।

अब तक के अध्ययन से आप जान चुके हैं कि तिथि और वार के संयोग से किस प्रकार भिन्न भिन्न योगों का  निर्माण होता है। आइये इस क्रम को जारी रखते हुए हम अगले योग की बात करें जिसका नाम है "हुताशन" (Hutashana)। हुताशन नामक यह योग भी अशुभ फलदायी है। यह योग किस प्रकार से बनता है व इसका क्या पभाव है आइये इसे समझें।

हुताशन योग बनने के लिए तिथि और वार में किस प्रकार का संयोग होना चाहिए अर्थात हुताशन योग कैसे बनता है आइये पहले इसे जानलें (Come to know, What type of combination between day and tithi is necessary for Hutashana Yoga)।

1.रविवार का दिन हो और तिथि हो द्वादशी (Twelveth), इस बार और तिथि का संयोग होने पर हुताशन योग बनेगा (Dwadshi tithi when appear on Sunday, it generate Hutashana Yoga)। 
 
2.दिन हो सोमवार का और तिथि हो षष्टी तब यह अशुभ योग बनता है (If day is Monday and tithi is Shashti, then Inauspicious Hutashana Yoga is made)।

3.जब मंगल के दिन सप्तमी तिथि पड़े तब इस योग का निर्माण होता है।

4.अष्टमी तिथि जब बुधवार के दिन पड़ता है तब हुताशन योग बनता है।

5.तिथि हो नवमी और दिन हो गुरूवार का तो इस संयोग का फल हुताशन योग होता है (Combination of Navmi or Jupiter makes Hutashana yoga)।

6.शुक्रवार के दिन जब कभी दशमी तिथि (Tenth date) पड़ जाती है तब भी, हुताशन योग बनाता है (
When Dushmi tithi appears on Friday it Forms Hutashana yoga)। 

7.शनिवार के दिन जब एकादशी तिथि हो तब आपको कोई शुभ काम करने की इज़ाजत नहीं दी जाती है क्योंकि यह अशुभ विष योग का निर्माण करती है।

हुताशन योग तिथि और वार के संयोग से बनने वाला अंतिम योग है। वार और तिथि से बनने वाले योग की श्रृंखला में इस योग का स्थान सातवां हैं। योग के अन्तर्गत इसके बाद वार और नक्षत्र से बनने वाले योगों का क्रम आता है इस क्रम में सबसे पहले स्थान पर है दग्ध योग आइये अब इसे दखे:...............

नोट: आप कम्पयूटर द्वारा स्वयं शुभ मुहुर्त निकाल सकते है़। इसके लिए आप मुहुर्त एक्सप्लोरर का इस्तेमाल करे। आप इसका 45 दिनों तक मुफ्त उपयोग कर सकते हैं । कीमत 650 रु. जानकारी के लिये यहाँ क्लिक करे

Comments (1 posted):

om prakash on 18 January, 2009 08:26:42
avatar
wish yog ka kya upay hai?

Post your comment comment

Please enter the code you see in the image: