प्रश्न ज्योतिष
शपथ ग्रहण करने का मुहुर्त (Muhurta for oath)
प्राचीन काल में राज हुआ करते थे। राजगद्दी पर बैठने से पहले राजाओं का राज्याभिषेक होता था, राजा इस अवसर पर जनता की देखभाल अपने पुत्र के समान करने की सौगंध लेते थे, व राष्ट्रहित में कोई भी निर्णय लेने का वादा करते थे। आज राजतंत्र समाप्त हो चला है और प्रजातंत्र स्थापित हो गया है ऐसे में राजा भले ही न रहे परन्तु शपथ की प्रथा आज भी कायम है. आज चुनाव के पश्चात लोक सभा, विधान सभा, राज्य सभा के सदस्य शपथ ग्रहण करते हैं. इनकी तरह सम्पूर्ण शासनतंत्र में कई ऐसे पद होते हैं जिनके लिये पद और गोपनियता की शपथ लेनी होती है.
चतुर्थ भाव का महत्व प्रश्न कुण्डली में!(Importance Of Fourth House In Prashana Kundli)
हम आप जीवन पर्यन्त भौतिक सुखों की आकांक्षा रखते हैं. हमारे पास ज़मीन-ज़ायदाद हो अपना मकान व वाहन हो इसकी चाहत रखते हैं लेकिन इसकी प्राप्ति होगी या नहीं यह हमारी किस्मत पर निर्भर करता है. हमारी किस्मत में ये चीज़ें हैं या नहीं इसका पता चतुर्थ भाव से चलता है. इसी प्रकार कई अन्य प्रश्न हैं जो चतुर्थ भाव से सम्बन्ध रखते हैं तो आईये जानें कि चतुर्थ भाव का हम पर क्या प्रभाव होता है तथा चतुर्थ भाव से सम्बन्धित प्रश्न का उत्तर हम कैसे जान पाते हैं. ...प्रश्न कुण्डली में छठा भाव(Sixth House in Prashana Kundli)
ज्योतिष शास्त्री मानते हैं कि कुण्डली में कुछ भाव अपनी शुभता के लिए जाने जाते हैं तो कुछ अपनी अशुभता के लिए माने जाते हैं। कुण्डली में छठा भाव इनमें से अशुभ प्रभाव रखता हैं। कुण्डली में छठा भाव किस तरह से हमें प्रभावित करता है आइये विचार करते हैं। ...प्रश्न कुण्डली में पंचम भाव(Fifth house in Prashana kundli)
जिस तरह संगीत में पंचम सुर को सबसे मीठा कहा गया है उसी प्रकार ज्योतिषशास्त्री कुण्डली में पंचम भाव को बहुत ही महत्वपूर्ण बताते हैं.वास्तव मे पंचम भाव(Fifth House) हमारे जीवन में काफी महत्वपूर्ण स्थान रखता है क्योंकि यह ज्ञान का भाव है.ज्ञान जिससे जीवन की दिशा निर्देशित होती है उसका स्वामी होने से इस भाव की महत्ता काफी बढ़ जाती है.तो आइये यहां हम इसी भाव के विषय में चर्चा करते हैं(Disscusion of Fifth House)....प्रश्न कुण्डली में तृतीय भाव (Third House in prashna kundali)
जैसे किसी स्कूल अथवा कालेज को सुचारू पूर्वक चलाने के लिए अलग अलग संकाय या विभाग का निर्माण किया जाता है और उनका कार्य बँटा होता है।कुण्डली में भी 12 घर यानी 12 भाव (12th houses) होते हैं।...प्रेम की गिनती प्रश्न कुण्डली से! (Prashnakundli on Love)
प्रेम के विषय में कहा गया है कि प्रेम न तो राजा देखता है और ना रंक यह किसी को भी किसी भी उम्र में अपनी आगोश में ले सकता है....प्रश्न कुण्डली से जानिए अपनी आयु (Prashna kundli on span of life)
संसार में शायद ही कोई ऐसा व्यक्ति होगा जो यह नहीं जानना चाहता हो कि उसकी आयु कितनी होगी, शायद आपके मन में भी यह उत्सुकता होगी.आपने भी कभी न कभी किसी को हाथ दिखाकर जानना चाहा होगा कि जीवन रेखा कितनी लम्बी है....क्या बोलती है प्रश्न कुण्डली विवाह के प्रसंग में! Prashna Kundali on Marriage
सृष्टि चक्र को अनवरत चलाने के उद्देश्य से विवाह संस्कार को जन्म दिया गया. विवाह संस्कार का उद्देश्य यह भी था कि स्त्री और पुरूष के मध्य नैतिक सम्बन्ध स्थापित हो ताकि समाज में स्वस्थ वातावरण का निर्माण हो. ...कृष्णमूर्ति के नज़रिये से प्रश्नकुण्डली (Krishnsmurthy's Views on prashna kundli)
ईश्वर ने मानव को ज्ञान और बुद्धि का वरदान दिया है। मानव अपनी बुद्धि और ज्ञान से नित नये अनुसंधान करता रहा है। अनुसंधानों का ही परिणाम है कि पाषाण काल में मानव ने पहिये की खोज की और इस पहिये के साथ विकास की रफ्तार इस गति से चली की आज बुलेट ट्रेन और जेट विमान से हम हजारों किलोमीटर की दूरियों को कुछ ही घंटों में तय कर लेते हें। ...प्रश्न कुण्डली बताती है, आप कितने पराक्रमी हैं! (Prashna kundli on courageous quality)
दैनिक गति विधियों के क्रम में अक्सर हम देखते हैं कि कोई दुबला पतला व्यक्ति अपने से अधिक शक्तिशाली व्यक्ति से भी जूझ पड़ता है, इसे हम उस दुबले पतले व्यक्ति का पराक्रम कहेंगे। ...Featured author

