AstroBix
- आपकी जन्म कुंडली
- कुंडली फलादेश
- कालसर्प दोष चैक
- वर्ष कुंडली
- वर्षफल
- राशिफल
- आज का राशिफल
- मासिक राशिफल
- दैनिक ज्योतिष
- चौघड़िया
- राहुकाल
- आज का पंचाग
- वैवाहिक ज्योतिष
- विवाह मिलान
- मांगलिक दोष
- लाल किताब
- लालकिताब कुंडली
- लालकिताब कुंडली
- अंक ज्योतिष
- आपका नाम
- आपका जन्मदिन
- नाम सलाह
- अन्य
- शुभ राशि रत्न
- शुभ रुद्राक्ष
प्रश्न ज्योतिष में संतान योग (Santan Yogas In Prashna Astrology)
गृहस्थ जीवन की फुलवारी में बच्चे फूल के समान होते हैं. ज्योतिषशास्त्र के अनुसार जब उचित योग बनता है जब संतान प्राप्ति की संभावनायें अधिक होतीं है.
पति पत्नी अगर संतान के इच्छुक हैं और उन्हें यह सुख नहीं मिल रहा है तो प्रश्न ज्योतिष के अनुसार प्रश्न कुण्डली से देख सकते हैं (One can look for progeny related Yogas in the Prashna Kundali) कि उन्हें यह सुख कब प्राप्त होने की संभावनायें हो सकती हैंगर्भावस्था के योग (Yogas for Pregnancy)
प्रश्न कुण्डली में लग्न और पंचम में शुभ ग्रह हो (If there is a benefic planet in the Ascendant and the fifth house) तो स्त्री गर्भवती होती है. सप्तमेश और पंचमेश लग्न या पंचम स्थान मे हो तब भी स्त्री गर्भवती होती है. लग्न,पंचम एवं एकादश स्थान मे शुभ ग्रह हो (A benefic planet is in the Ascendant, 11th or 5th) तो स्त्री के गर्भावती होने की सम्भावना बनती है. शुक्र, लग्न अथवा पंचम भाव मे स्थित हो अथवा दृष्टि डालता हो तो गर्भधारण की सम्भावना होती है. पंचम भाव मे लग्नेश और चंद्र गर्भावस्था को सूचित करता है. प्रश्न के समय पंचम भाव मे और एकादश भाव मे शुभ ग्रह स्थित हो तो स्त्री गर्भावती होती है. लग्न मे बुध (Mercury in the Ascendant indicates pregnancy) यह संकेत देता है कि स्त्री गर्भवती है.
संतान शीघ्र होगा या विलम्ब से (Combinations for delayed or early child-birth)
प्रश्नकर्ता को शीघ्र संतान होगी यदि लग्नेश का कार्येश के साथ संबध हो (If there is a realtionship between the lagna-lord and the karya-lord the child will come early). इसी प्रकार लग्नेश पंचम भाव मे या पंचमेश लग्न मे या दोनो लग्न मे, पंचम भाव मे अथवा किसी शुभ भाव मे संयुक्त रुप से हो तो संतान सुख शीघ्र प्राप्त होता है. दूसरी ओर यदि लग्नेश और पंचमेश नक्त योग मे हो तब संतान प्राप्ति मे विलम्ब होता है।
जुड़वा बच्चो का जन्म (Astrology Yogas for birth of twins)
बच्चो के जन्म से संबन्धित प्रश्न मे शुभ ग्रहो द्वारा द्विस्वभाव लग्न जुड़वा बच्चो का संकेत देता है (Ascendant of a dual sign indicates twin children). द्विस्वभाव राशि अथवा नवांश मे स्थित चन्द्र , शुक्र अथवा मंगल, बुध से दृष्ट होने पर भी जुड़वा बच्चो की सम्भावना होती है. यदि ये ग्रह विषम भाव और द्विस्वभाव राशि मे स्थित है तब दो पुत्र होने का योग बनता है.
स्वस्थ बच्चे का जन्म (Birth of a healthy child)
लग्न, स्वराशि अथवा उच्च राशि मे पंचमेश, चन्द्र अथवा शुभ ग्रह स्वस्थ बच्चे के जन्म का संकेत देते है (Well placed benefic planets indicate healthy child). इसी प्रकार जब पंचमेश चन्द्र अथवा शुभ ग्रह पंचम भाव मे स्थित हो अथवा पंचम भाव को देखते हो तो यह माना जाता है की स्वस्थ बच्चे का जन्म होगा. शुभ ग्रहो से दृष्ट द्वादशेश अथवा चन्द्र केन्द्र मे हो तब भी स्वस्थ बच्चे के जन्म की सम्भावना बनती है. शुक्ल पक्ष के दौरान पूछे गए प्रश्न मे यदि द्वादश भाव मे शुभ ग्रहो के साथ चन्द्र हो तब भी बच्चा स्वस्थ जन्म लेता है.
बच्चा गोद लेना (Adopting Child)
पंचम भाव पूर्व पुण्य अथवा पिछले जीवन के शुभ कर्मो का भाव है. यदि पंचम भाव मे बुध या शनि हो तो बच्चा गोद लेने की सम्भावनाएं होती है (If there is Mercury or Saturn in the fifth lord, there are chances of adoption). प्रश्न कुण्डली के अष्टम भाव में अगर नवमेश शनि स्थित हो तो वह दशम दृष्टि से पंचम को देखता है जिससे बच्चा गोद लेने की संभावना बनती है.
अन्य पोस्टें
- शुक्र ग्रह की शान्ति के उपाय- Remedies for Venus
- Monthly Horoscope September 2010 - मासिक होरोस्कोप
- पंचक - Panchak
- शनि साढेसाती के तीन चरण - Three Steps of Shani Sade Sati and you
- कालसर्प शान्ति के लिये नाग पंचमी पूजा- Nag Panchmi 2010: An Occasion to Pacify Kalsarp Dosha
- सोये ग्रह के लिये उपाय - Lal Kitab Remedies for Sleepy Planets
- गुरु वक्री:- 23 जुलाई 2010 कुम्भ में वापसी - Retrograde Jupiter re-enters Aquarius sign: 23rd July 2010
- मंगल का कन्या राशि में प्रवेश Mars Enters Virgo 20 July 2010
- Raksha Bandhan Muhurat - 24th August 2010 - रक्षा बंधन मुहूर्त 24 अगस्त 2010
- प्रेम विवाह - Love Marriage analysis through the Birth Chart
- विवाह समय निर्धारण - Calculating the time of marriage through Mahadasha
- विवाह के तीन सूत्र ग्रह : गुरु, शुक्र व मंगल (Three keys to marriage astrology : Jupiter, Venus and Mars)
- बुध व गुरु ग्रह की शान्ति के उपाय (Remedies for Mercury and Jupiter according to Vedic Astrology)
- विवाह से पूर्व प्रश्न कुण्डली से जानिए भावी दम्पत्ति का स्वभाव (Know the nature of the married couple through Horary astrology)
- विवाह के लिए प्रश्न कुण्डली में ग्रह स्थिति (The position of planets in the Prashna kundali)
1
कुल
443
:
1 - 15


del.icio.us
Digg
आपके कमेन्ट्स (41 मिले):
ji mera deat of birth 20jan.1981 07.30pm hai, i reqest u aap meri kundli dekh kr itna bata de ki mujhe is saal santan yog hai ya nahi mein kafi problem ka saamna kr rehi hu (ple. mera answer jaldi dana) thanks
in charkhi dadri in dist bhiwani haryana
how many child i will got?please tell about son or daut
SANTAN KAB HOGI
DOB : 21 Oct, 1983 12:45 P.M.
Hame Santan Kab Hogi, Kounse Varsh & Kounse mahine mai hogi.
hamne aapse July-09,aur 19th Nov.-2009. ko kuchh prasna kiya tha per aapne abhi tak koi jabab nahi diya.kyo logon ka bishwas torte hain yadi jabab nahi de pate hain to comments na mange.
aapka subhchintak.
my que- mare july mai delivery hai muje ladka hoga ya ladki
thnx..
My life is not good. Unsuccessfull pregnancy, job problem. When my luck rise.
29 aug 1982
2:00 pm
sonipat(haryana)
mere husband ka
22 april 1979
palel(manipur)
time pata nahi hai
आपका क्या कहना है?