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प्रश्न कुण्डली से व्यवसाय में सफलता का विचार (Success in business through prashna kundali)

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image प्रश्न कुण्डली से व्यवसाय में सफलता का विचार (Success in business through prashna kundali)

अपनी आजीविका हेतु कुछ लोग नौकरी करते हैं तो कुछ लोग व्यवसाय करना पसंद करते हैं. नौकरी हो या व्यवसाय जब हम इसमें प्रवेश करते हैं तो मन में आशंकाओं के भाव उठने लगते हैं.

व्यवसाय को तो पूर्णत: जोखिम से भरा माना जाता है अत: व्यवसाय शुरू करने से पूर्व सफलता असफलता की धारा में मन की नैया डोलती रहती है. इस संदर्भ में परिणाम जानने हेतु हम लोग ज्योतिषाचार्य से भी सम्पर्क करते हैं और वे आपकी कुण्डली के आधार पर फलादेश (Phaladesh) करते हैं.

ज्योतिषशास्त्री बताते हैं कि जब आप आजीविका के सम्बन्ध में प्रश्न (Prashna related to livelihood) लेकर उनके पास आते हैं तब वे नौकरी के संदर्भ में दशम भाव (Tenth house) को देखते हैं और व्यवसाय के लिए सप्तम भाव से विचार करते हैं. ज्योतिर्विद मानते हैं कि प्रश्न चाहे किसी भी भाव से सम्बन्धित हो अर्थात कार्य भाव कोई भी हो परंतु प्रत्येक स्थिति में लग्न/लग्नेश (Ascendant/Ascendant Lord) का विश्लेषण किया जाना आवश्यक होता है.

कुण्डली में लग्न/लग्नेश शुभ होकर बलवान होने से व्यक्ति लाभ का उपभोग कर पाता है.उपरोक्त भाव एवं ग्रह कमजोर होने पर व्यक्ति को लाभ के विषय में संघर्षमय परिस्थितियों से गुजरना पड़ता है.

व्यवसाय में प्रतिदिन की आमदनी के विषय में सप्तम भाव (Seventh house) से विचार किया जाता है. ज्योतिष के सिद्धान्तों पर दृष्टि डालें तो पाएंगे कि सप्तम भाव/सप्तमेश (Seventh house/Lord of seventh house) तथा सप्तम के कारक शुक्र (Venus is the significator of seventh house) की स्थिति भी देखी जाती है.

उपरोक्त भाव/ग्रहों के शुभ होकर बलवान होने से व्यवसाय में बहुत लाभ होता है. यदि सप्तम भाव या सप्तमेश पर चन्द्रमा की शुभ दृष्टि (Auspicious aspect of Moon on the seventh house and Lord of seventh house) पर रही हो तो सफलता निश्चित एवं जल्दी से जल्दी मिलती है.

सप्तम भाव का विश्लेषण करते हैं तो पाते हैं कि सप्तमेश, कारकेश (Significator) शुक्र तथा चन्द्रमा के अलावा अन्य ग्रहों का विचार करना भी आवश्यक है क्योंकि माना जाता है कि सूर्य, मंगल (Mars), बृहस्पति (Jupiter) नौकरी के क्षेत्र में आपको सफलता प्रदान करते हैं.

जब व्यवसाय में सफलता की बात की जाती है तब चन्द्रमा, बुध, शुक्र एवं शनि की भूमिका महत्वपूर्ण (Significance of Moon, Mercury, Venus and Saturn) हो जाती है. व्यवसाय हो अथवा नौकरी राहु/केतु अचानक लाभ प्रदान (Instant Profit provided by Rahu and Ketu) करते हैं तो अचानक हानि भी पहुंचाते हैं.

ज्योतिर्विदों के अनुसार राहु/केतु का उपरोक्त ग्रहों से शुभ सम्बन्ध होने से आप अचानक लाभ प्राप्त करते हैं और जब यह सम्बन्ध अशुभ बनता है तब अचानक हानि का सामना करना पड़ता है.

व्यवसाय की दृष्टि से शनि पर नज़र डालें तो ज्ञात होता है कि शनि सप्तम भाव में बलशाली (Saturn is auspicious in the seventh house) होता है, परंतु शनि अपने स्वभाव के अनुसार शुरू में आपसे काफी परिश्रम करवाता है, परिश्रम के फलस्वरूप ही आपको लाभ मिलता है. शनि के प्रभाव से आप अपने व्यवसाय में उन्नति की ओर बढ़ते हैं परंतु गति कुछ धीमी होती है.

ज्योतिष के विद्वान बताते हैं कि व्यवसाय में साझेदारी का विचार भी सप्तम भाव (Seventh house also says about partnertship in business) से किया जाता है. सप्तम भाव शुभ ग्रहों के प्रभाव में हो अथवा इस पर शुभ ग्रहों की दृष्टि हो तो आप साझेदारी में कामयाब होते हैं. साझेदारी में नाकामयाबी अर्थात असफलता का मुंह उन स्थितियों में देखना पड़ता है जबकि सप्तम भाव पर पापी ग्रहों की दृष्टि (Aspect of malefic planets) हो या पापी ग्रह इस भाव में मौजूद हों.

निष्कर्ष के तौर पर कहें तो शुभ ग्रह व्यवसाय एवं साझेदारी में लाभ प्रदान करते हैं जबकि अशुभ ग्रह प्रतिकूल परिणाम(Negative result of malefic planets) प्रदान करते हैं.

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Comments (9 posted):

sagar malhan on 03 April, 2009 01:28:58
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i am sagar malhan, my D.of B. 09/04/1979
birth place delhi cantt. army hospital,
time 07:15 am
Help my business carear my own business but not well
umesh kumar singh on 04 July, 2009 08:32:52
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mera vivah kab tak hoga.dhan yog kab tak hai
Sufull Chandra Jha on 10 July, 2009 08:25:49
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My DOB : 24/12/1982 , TIME : 8:16 AM
BIRTH PLACE : MADHUBANI (BIHAR)
I want to invest on stock market & im stock broker also so plz say me stock trading is good/bad
gurpreet singh on 21 August, 2009 09:57:26
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meri janam tithi 27 april 1960 hai. janam ka samay malum nahin. mera bhavishya jaise naukri main promotion , naukri main stability , parivarik stability, putra ka bhavishya kya hai
Rajesh kumar pareek on 04 September, 2009 03:26:03
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When are my busness is running
devi prasad patra on 26 July, 2010 03:56:06
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mera dob 16-8-1975 time-11.50 a.m kya mujhe industrial plot jaldi mil jayaga.mera business kaisa chalega.
Preeti on 22 September, 2010 06:50:28
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mera bob 30 sept 1968 7.45 morning now i started business but i get order but going not complete so tell me what happened in my life and totaly diched by others now i m gone bank carapt
tell me what i do thanks
chitranjan on 05 October, 2010 10:28:07
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mr chitranjan sir meikaya kam karunga mei nokri nahi krta hu ,date birth 16-07-1984 place, gorakhpur time 06:50 pm
sonis on 30 October, 2010 06:07:33
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mujhe kamyabi kabh mileghi
dob 11/11/86
place ropar
tuesday 6 am
kya muje australia ki pr mileghi

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