Home | प्रश्न ज्योतिष | क्या कहती है प्रश्न कुण्डली शेयर के संदर्भ में (What speaks prashna Kundali about shares)

क्या कहती है प्रश्न कुण्डली शेयर के संदर्भ में (What speaks prashna Kundali about shares)

Font size: Decrease font Enlarge font

ज्योतिर्विद बताते हैं कि अगर आप ग्रहों की स्थिति पर विचार करके शेयर में निवेश (Planetary influence on shares) करें तो शेयर में नुकसान होने की संभावना नहीं रहती है अत: निवेश से पूर्व ग्रह स्थिति का विचार अवश्य करें.

प्रश्न कुण्डली के अनुसार जब आप ज्योतिषशास्त्री से शेयर में लाभ के संदर्भ में प्रश्न पूछते हैं तब ज्योतिर्विद प्रश्न कुण्डली में पंचम भाव एवं द्वितीय भाव से विचार (Fifth house and second house is considered for shares) करते हैं कि आपको लाभ मिलेगा अथवा नहीं.

द्वितीय भाव शेयर (Second house speaks about shares) के विषय में विचार किया जाता है, जबकि पंचम भाव से विचार करने का कारण यह है कि शेयर से मिलने वाले लाभ को अचानक मिलने वाले लाभ (Fith house is the symbol of instant profit) की श्रेणी में रखा गया है. जब आपकी कुण्डली में द्वितीय भाव/द्वितीयेश का पंचम भाव/पंचमेश के साथ युति (Auspicious combination between second house/ Lord of second house and fifth house/Lord of fith house) या दृष्टि से किसी भी प्रकार शुभ सम्बन्ध स्थापित होता है तो आपको शेयर मार्केट से धन लाभ होता है. शेयर में विशेष लाभ के लिए बृहस्पति का मजबूत(Exaslted position of Jupiter for shares) होना आवश्यक माना गया है क्योंकि द्वितीय एवं पंचम दोनों भावों का कारक बृहस्पति (Jupiter is the significator of both the second and fifth house) होता है.

प्रश्न कुण्डली के अनुसार आपको शेयर से लाभ प्राप्त होगा या नहीं इस संदर्भ में लग्न/लग्नेश (Ascendant/Lord of ascendant) से विचार किया जाता है. लग्न/लग्नेश के मजबूत होने से आपको शेयर में किये गये निवेश से लाभ मिलता है. ज्योतिर्विद मानते हैं कि द्वितीय भाव/द्वितीयेश तथा पंचम भाव/पंचमेश शुभ स्थिति में हों इसके बावजूद लग्न/लग्नेश कमजोर स्थिति में हों तो शेयर बाज़ार में लाभ की स्थिति रहने पर भी आप लाभ का पूर्ण उपभोग नहीं कर पाते हैं.

शेयर में नुकसान किन स्थितियों में होता है इस विषय पर विचार करते हैं तो हम पाते हैं कि द्वितीय भाव/द्वितीयेश तथा पंचम भाव/पंचमेश यदि कमजोर स्थिति(Loss in share due to affliction of second house/ Lord of second house and fifth house/Lord of fith house) में हों तो शेयर में निवेश करने से लाभ नहीं मिलता है. उपरोक्त भाव एवं ग्रहों के पाप पीड़ित अवस्था में होने अर्थात मंगल,शनि एवं राहु/केतु के द्वारा युति या दृष्टि (Aspect and combinaton of Mars, Saturn or Rahu/Ketu) से पीड़ित होने से शेयर में लाभ के संदर्भ में उपरोक्त ग्रह बाधा डालते हैं. उपरोक्त पापी ग्रह प्रश्न लग्न के लिए योग कारक हों तो फिर बाधा की जगह इनसे सहायता मिलती है। बाधा की स्थिति में जिन व्यक्तियों द्वारा रूकावट डाली जाती है, सहायता की स्थिति में उन्हीं से सहयोग प्राप्त होता है.

शेयर में लाभ के संदर्भ में कारकेश (Karyesh) अर्थात बृहस्पति की स्थिति का विश्लेषण करें तो पता चलता है कि यदि कारकेश कमजोर स्थिति में हों तो अपेक्षित लाभ मिलने की संभावना नहीं रहती है. तथ्यों से साबित होता है कि शेयर बाज़ार से लाभ के लिए भाव/भावेश (House/House Lord) के साथ-साथ कारकेश का बलवान होना भी आवश्यक है.

इन सभी तथ्यों के अतिरिक्त एक और महत्वपूर्ण तथ्य है चन्द्रमा की दृष्टि. प्रश्न कुण्डली में चन्द्रमा की दृष्टि का बहुत महत्व (Relevance of aspect of Moon in prashna Kundli) है. चन्द्रमा की दृष्टि से ज्ञात होता है कि आपको शेयर में किस वक्त लाभ मिलने वाला है.

नोट: आप कम्प्यूटर द्वारा स्वयं प्रश्न कुण्डली का निर्माण कर  सकते हैं। इसके लिऎ आप  प्रश्न कुण्डली एक्सप्लोरर का इस्तेमाल करे।  आप इसका 45 दिन तक मुफ्त उपयोग कर सकते हैं । कीमत 650 रु. जानकारी के लिये यहाँ क्लिक करे

Comments (0 posted):

Post your comment comment

Please enter the code you see in the image: