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Tag: shadbala

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ग्रहों का नैसर्गिक बल (Natural Strength of Planets)

शड्बल के अन्तर्गत ग्रहों के नैसर्गिक बल को भी देखा जाता है। इस बल का आंकलन किस प्रकार किया जाता है आइये इस विषय पर विचार करें। ...
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शड्बल के 6 प्रमुख भागों में से चौथा है चेष्टा बल (Chesta bala is the fourth part of Shadbala)

चेष्टा का अर्थ होता है गतिशीलता (Chesta means to try or motion)। जिस बल से ग्रह गतिमान होते हैं वह उनका चेष्टा बल कहलाता है जैसे सूर्य का चेष्टा बल आयन बल होता है। ...
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स्थान बल के प्रकार, 'भाग दो' (Sthana Bala Part-2)

स्थान बल के पांच उपभागों में से प्रथम दो यानी उच्च बल (uchha bal)और सप्तवर्ग बल(Saptvarg bal) के विषय में आप स्थान बल भाग प्रथम में पढ़ चुके होंगे।स्थान बल के दूसरे भाग में हम स्थान बल के शेष तीन भागों पर चर्चा करेंगे। स्थान बल के शेष तीन भाग हैं दिवा-रात्रि बल, केन्द्रादि बल और द्रेष्कोण बल। ...
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षड्बल में स्थान बल भाग एक! (Sthan Bala in Shadbala Part-1)

किसी भी व्यक्ति के जीवन के विषय में सही सही फलादेश ज्ञात करने के लिए ग्रहों के बल को जानना आवश्यक है यह हम सभी जानते हैं। ग्रहों का बल ज्ञात करने के लिए ज्योतिषशास्त्र में षड्बल का प्रयोग किया जाता है। ...
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ग्रहों की शक्ति का मापक है 'षड्बल' (Shadbala is scale of Planet Strength)

ज्योतिषशास्त्र कहता है हमारे जीवन पर ग्रहों का प्रभाव ता-उम्र रहता है। अगर ग्रह शुभ हो और शुभ स्थान पर विराजमान हों तो आपको शुभ फल की प्राप्ति होती है। ग्रहों की शुभ स्थिति के साथ ही देखा जाता है कि ग्रह कितने बलवान और मजबूत हैं।...
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