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ज्योतिष की दृष्टि में - ज्योतिरादित्य सिंधिया (Astrological Analysis of Jyotiraditya Scindia)

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image Jyotiraditya Scindia

सिंधियावंश का राजनैतिक प्रभुत्व केंद्रीय सत्ता बदलने से भी सदा अपरिवर्तित रहा है. मुगल शासन हो या अंग्रेजों का शासन सिंधिया राजघराना शासन ही करता रहा. आज भी प्रमुख राजनैतिक पार्टियों में इस घराने का प्रभुत्व मौजूद है.

सिंधिया  घराने के वर्तमान वंशज ज्योतिरादित्य सिंधिया संयुक्त गठबंधन कि सरकार में  संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी राज्यमंत्री के रूप में भारतीय राजनीति में सक्रिय हैं. आइये देखें  ज्योतिष की दृष्टि से राजनीति में इनकी सफलता.

ज्योतिरादित्य सिंधिया जन्म विचार (Jyotiraditya Scindia Birth Analysis)
1 जनवरी 1971 को मकर लग्न के मकर नवमांश में ज्योतिरादित्य सिंधिया का जन्म हुआ.इनकी कुण्डली के दशम भाव में मंगल तुला राशि में स्थित है.इस भाव में मंगल की स्थिति होने पर कुल दीपक योग बनता है.

कुण्डली में शनि चतुर्थ भाव में स्थित हैं जो दशमस्थ मंगल के साथ मिलकर इनकी कुण्डली में अमात्य योग (Amatya Yoga) का निर्माण कर रहा है.इनकी जन्मपत्रिका में शनि मंगल जहां शुभ सम्बन्ध बना रहे हैं वहीं लग्न स्थान को देख भी रहे हैं. ग्रहों की इस स्थिति से इन्हें जनता में सम्मान और लोकप्रियता हासिल होने का संकेत मिलता है.

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कुण्डली में सफलता कारक ग्रह योग (Auspicious Yogas in the Birthchart)

ज्योतिरादित्य सिंधिया की कुण्डली में कई राजयोग हैं. इनकी कुण्डली के बारहवें भाव में सूर्य और बुध की युति है जो बुधादित्य योग (Budhaditya Yoga) तथा विपरीत राजयोग (Vipreet Rajyoga) का निर्माण कर रहे हैं. तुला राशि में शनि उच्च का होता है.इस राशि में शनि की स्थिति के कारण नीच भंग राजयोग (Neechbhang Rajyoga) भी बन रहा है.

नवमांश कुण्डली में लग्न वर्गोत्तम है. इसके साथ ही मेष राशि का मंगल रूचक योग बना रहा है एवं शनि शश योग (Shani Sash Yoga) का निर्माण कर रहा है.कुण्डली में इन राजयोगों से स्पष्ट है कि ज्योतिरादित्य अपने पिता के समान जनाधार प्राप्त करने में सफल रहेंगे और इनका राजनैतिक जीवन सफल रहेगा.

ग्रहों की दृष्टि (Planetary Aspects)
आमतौर पर ग्रह जिस भाव को देखते हैं उस भाव पर शुभ प्रभाव डालते हैं. भाव का स्वामी अगर अपने घर में हो या उसे देखता है तो उस भाव के फल में वृद्धि होती है और व्यक्ति को इसका लाभ भी मिलता है.ज्योतिरादित्य सिंधिया की कुण्डली में ग्रहों की स्थिति भी कुछ इसी प्रकार है.

  • इनकी कुण्डली में चतुर्थ भाव का स्वामी मंगल चतुर्थ भाव को देख रहा है.
  • शुक्र जो पंचम भाव का स्वामी है वह पंचम भाव को देख रहा है.
  • छठे भाव का स्वामी भी शुक्र है जो इस भाव पर अपनी दृष्टि डाल रहा है.
  • लग्न के स्वामी शनि और पराक्रम के स्वामी बृहस्पति भी अपने भाव पर शुभ दृष्टि डाल रहे हैं.

इस श्रेष्ठ स्थिति के कारण ज्योतिरादित्य को राजनीति में कामयाबी का सफर तय करना आसन होगा.जनता के बीच इनकी गहरी पैठ होगी. राजनीति ये अपने पिता के समान ही राजसुख भोगते रहेंगे.

Comments (3 posted):

Pt. D.D.Vyas on 24 March, 2009 03:25:17
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Shani in forth house (lagna Kundali),
Guru in Sixth house in navmansh kumdali,
Both are satruhanta.
surinder jit on 28 April, 2009 12:25:48
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please tell me my life future
yogendra on 15 June, 2009 01:26:45
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budhaditya yog wale kya rajyog wale hote hai please tell me

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