- आपकी जन्म कुंडली
- कुंडली फलादेश
- कालसर्प दोष चैक
- वर्ष कुंडली
- वर्षफल
- राशिफल
- आज का राशिफल
- मासिक राशिफल
- दैनिक ज्योतिष
- चौघड़िया
- राहुकाल
- आज का पंचाग
- वैवाहिक ज्योतिष
- विवाह मिलान
- मांगलिक दोष
- लाल किताब
- लालकिताब कुंडली
- लालकिताब कुंडली
- अंक ज्योतिष
- आपका नाम
- आपका जन्मदिन
- नाम सलाह
- अन्य
- शुभ राशि रत्न
- शुभ रुद्राक्ष
यदि ग्रह कमजोर है तो उसे चार्ज (शक्तिवान) करें? ( Enhancement Of Power of Weak Planets)
1) रत्न से ग्रह को बलवान बनाना (Empowerment of Planets by Zems):- आमतौर पर ग्रह को बलवान बनाने के लिए ज्योतिर्वेद ग्रह से सम्बन्धित रत्न (Ratna/ उपरत्न (Uparatna) को धारण करने की सलाह देते हैं. रत्न को अंगूठी, पेन्डेन्ट व ब्रेस्लेट में पहनते हैं. रत्न के माध्यम से किरणे शरीर में प्रवेश करके ग्रह को शक्ति प्रदान करती हैं. यहाँ पर दो बातें विचारणीय है, एक तो जन्मकुण्डली के आधार पर रत्न अनुकूल है या नही दूसरे रत्न की शुद्धता (असली या नकली) का भी पूरा-पूरा ज्ञान होना चाहिये तभी रत्न अपना प्रभाव देने में समर्थ होता है.
2) आध्यात्मिक पद्वति द्वारा (By Spiritual Method)
a) जप (Japa):- किसी भी ग्रह की दुर्बलता को दूर करने के लिए उस ग्रह से सम्बन्धित मन्त्र का जप निश्चित संख्या में करने से उस ग्रह को शक्ति प्राप्त होती है. जप दोनो प्रकार से ही कार्य करता है, ग्रह की शान्ती एंव ग्रह को बल देने में.
b) यज्ञ (Yagna):- वैदिक विधि के द्वारा ग्रह से सम्बन्धित मन्त्र का अनुष्ठान (हवन-यज्ञ) (Haban) करने से भी ग्रह में उर्जा का संचार होता है. इससे ग्रह बलवान होकर शुभ फल देने में समर्थ हो जाता है.
c) दान (Donation):- ग्रह विशेष से सम्बन्धित फल में शुभता प्राप्त करने के लिए उस ग्रह की वस्तुओ का दान करना लाभकारी रहता है. दान के सम्बन्ध में यह बात ध्यान में रखनी चाहिये कि इसका लाभ जरुरतमन्द को ही मिलना चाहिये. तभी व्यक्ति को दान का पुण्य प्राप्त होता है.
d) यन्त्र (Yantra):- जन्मकुण्डली में जो ग्रह कमजोर होता है उससे सम्बन्धित मन्त्र को विशेष मुहुर्त में कागज पर लिखें या किसी धातु (सोना, चाँदी, ताँबा) इत्यादि पर खुदवाकर सिद्ध कर लें. इस प्रकार सिद्ध किये हुए यन्त्र का नित्य प्रति पूजन करने से भी सम्बन्धित ग्रह में शक्ति का संचार होता है.
e) व्रत (Brat):- प्राचीन काल से ही व्रत रखने की परम्परा भारतवर्ष में रही है. जो ग्रह कमजोर होता है उससे सम्बन्धित व्रत रखने से व्यक्ति को उस ग्रह का शुभ फल प्राप्त होता है.
3) लाल किताब के उपाय (Methods of Lal Kitab)
इसके अलावा जनसाधारण के लिए बहुत ही सरल उपाय हैं, जिन्हें लाल किताब के उपाय के नाम से भी जाना जाता है. ये उपाय करने में बहुत ही आसान है तथा इनकी सामग्री भी आसानी से प्राप्त हो जाती है, खर्च की दृष्टि से भी ये किफायती है.
नोट: आप कम्पयूटर द्वारा स्वयं जन्मकुण्डली, विवाह मिलान और वर्षफल का निर्माण कर सकते हैं. यह सुविधा होरोस्कोप एक्सप्लोरर में उपलब्ध है. आप इसका 45 दिन तक मुफ्त उपयोग कर सकते हैं. कीमत 1250 रु. जानकारी के लिये यहाँ क्लिक करे



del.icio.us
Digg
Comments (0 posted):
Post your comment