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जन्मकुण्डली का निर्माण कैसे करें (How To Make Birth Chart)
किसी भी बच्चे या व्यक्ति की जन्मकुण्डली का निर्माण करने के लिए तीन Factors की आवश्यकता पड्ती है. 1) जन्मतिथि (Date of Birth) 2) जन्मसमय (Time of Birth) 3) जन्मस्थान (Place of Birth)
इन तीन Factors के सही होने पर ही सही जन्मपत्री का निर्माण होता है. सर्वप्रथम लग्न ज्ञात (Knowledge Of Lagna) किया जाता है. उसके पश्चात तिथि के अनुसार ग्रहो की भाव (Planet's House Accoding To Tithi) में Placement की जाती है. ऎसा करने से जन्माँग तैयार हो जाता है.
इसके पश्चात चन्द्रकुण्डली (Moon Chart) का निर्माण किया जाता है, जिसके लिए चन्द्र-राशी (Chandra Rashi) को लग्न मान कर अन्य ग्रहो को राशी के अनुसार लिख दिया जाता है. फिर सभी ग्रहो के अंशो की गणना (Counting Of Degrees Of All Planets) करके उन्हें गति (वक्री/मार्गी) (Retrogade), अवस्था (उदित/अस्त) नक्षत्र एंव राशी के अनुसार लिखा जाता है. चन्द्रमा के नक्षत्र एंव चरण ( Nakshatra & Charana) के आधार पर विंशोत्तरी दशा (Vinshotari Dasha) की गणना की जाती है, यहाँ तक तैयार कुण्डली को टेवा या लघु जन्मपत्रिका (Small Birth Chart) कहते है.पूर्ण जन्मपत्रिका बनाने के लिए आगे गणित की गणना की जाती है. ग्रह का बल (Power Of Planet) कितना है इसे षडबल (Shada Bala) के द्वारा ज्ञात किया जाता है. एक अन्य विषय जो महत्वपूर्ण है, वह है वंगार्श (वर्ग सारणी) (Varg Sarani) इसके द्वारा भाव विशेष की गणना एकदम सही निकाली जाती है जैसे कि सन्तान सुख के लिए सप्तमाँश तथा कारोबार/ व्यवसाय इत्यादि के लिए दशमांश में गये ग्रहो की स्थिति निर्णायक होती है.
सप्तवर्ग (Sapta Varg), दसवर्ग (Das Varg), षोडशवर्ग (Shodash Varg) इत्यादि का आवश्यकता के अनुसार निर्माण किया जाता है. दो अन्य विषय जो भारतीय समाज के दृष्टिकोण में महत्वपूर्ण हैं वो है 1) गण्डमूल नक्षत्र (Gandamul Nakshatra) 2) मंगलीक दोष (Mangalik Dosh). गण्डमुल नक्षत्र कुल संख्या (Kula Sankshya Of Gandamula Nakshatra) में 6 होते हैं, इन नक्षत्रो में जन्म लेने वाले बच्चो की मूल शान्ति कराई जाती है. अन्यथा मूलों में पैदा हुआ बालक परिवार के किसी सदस्य विशेष पर भारी होता है ऎसी मान्यता है.
मंगलीक दोष का भी जन्मकुण्डली में बहुत प्रभाव माना जाता है. विवाह के समय कुण्डली मिलान के लिए इसकी आवश्यकता पड्ती है. इस सम्बन्ध में भी ऎसी मान्यता है कि मंगलीक योग (Mangalik Yog) में उत्पन्न बालक शुभ नहीं होता, अब यह कहाँ तक सही है यह विवाद (चर्चा) का विषय है. इस प्रकार उपरोक्त Factors को लेकर जन्मकुण्डली का निर्माण किया जाता है, अब तो मुख्य कार्य रह जाता है वह है ग्रहों के उपाय (Remedies Of Planets).
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Comments (26 posted):
HindiJyotish: You can also visit http://astrobix.com for free online janm kundli.
शशिकान्त: नारायण जी, इसके लिये आपके जन्मतिथि, जन्मस्थान एवं जन्म समय की जरूरत होगी. आप ये तीनों जानकारी भरकर http://astrobix.com से अपनी व्यक्तिगत ज्योतिष रिपोर्ट प्राप्त कर सकते हैं
date of birth-28-12-1989
place-etawah(u.p.)
time-morning 05:30a.m.
date of birth-07/10/1986
place-jaipur {raj.}
time-evening 5:25 pm
Thank you
DOB: 12 january 1984
Time: 11.30pm
Place: Pratapgarh UP
India
THANKS YOU HINDI JYOTISH
TIME: 2:50 A.M MORNING, SUNDAY
PLACE: ILAM, NEPAL
HOROSCOPE: LEO
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on raj_403@yahoo.com
mgr_raj@yahoo.com
Birth date : 2033/05/11
Time Evening 03:pm to 07:00 pm
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