Astrology in Hindi
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2013-05-26T01:04:04-04:00
क्या आपकी कुंडली में लक्ष्मी योग है? - Do you have Laxmi Yoga in your kundali
http://hindijyotish.com/vedic-astrology/536.html
2012-05-31T20:36:00-04:00
2012-05-31T20:36:00-04:00
Acharya Shashikant
ज्योतिषशास्त्र की दृष्टि में धन वैभव और सुख के लिए कुण्डली में मौजूद धनदायक योग या लक्ष्मी योग काफी महत्वपूर्ण होते हैं. जन्म कुण्डली एवं चंद्र कुंडली में विशेष धन योग तब बनते हैं जब जन्म व चंद्र कुंडली में यदि द्वितीय भाव का स्वामी एकादश भाव में और एकादशेश दूसरे भाव में स्थित हो अथवा द्वितीयेश एवं एकादशेश एक साथ व नवमेश द्वारा दृष्ट हो तो व्यक्ति धनवान होता है.
केमद्रुम योग - Kemadruma Yoga
http://hindijyotish.com/vedic-astrology/kemadruma-yoga.html
2012-04-17T12:25:00-04:00
2012-04-17T12:25:00-04:00
Acharya Shashikant
केमद्रुम योग (Kemadruma Yoga) इतना अनिष्टकारी नहीं होता जितना कि वर्तमान समय के ज्योतिषियों ने इसे बना दिया है. व्यक्ति को इससे भयभीत नहीं होना चाहिए क्योंकि यह योग व्यक्ति को सदैव बुरे प्रभाव नहीं देता अपितु वह व्यक्ति को जीवन में संघर्ष से जूझने की क्षमता एवं ताकत देता है, जिसे अपनाकर जातक अपना भाग्य निर्माण कर पाने में सक्षम हो सकता है और अपनी बाधाओं से उबर कर आने वाले समय का अभिनंदन कर सकता है.
Diwali Puja Vidhi in Hindi - दीपावली पूजन विधि
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2010-11-03T21:45:00-04:00
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Acharya Shashikant
दीपावली यानी धन और समृद्धि का त्यौहार. इस त्यौहार में गणेश और माता लक्ष्मी के साथ ही साथ धनाधिपति भगवान कुबेर, सरस्वती और काली माता की भी पूजा की जाती है. सरस्वती और काली भी माता लक्ष्मी के ही सात्विक और तामसिक रूप हैं. जब सरस्वती, लक्ष्मी और काली एक होती हैं तब महालक्ष्मी बन जाती हैं.
शुक्र ग्रह की शान्ति के उपाय- Remedies for Venus
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2010-08-30T04:23:00-04:00
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Acharya Shashikant
ग्रहों में शुक्र को विवाह व वाहन का कारक ग्रह कहा गया है (Venus is the Karak planet of marriage and transportation). इसलिये +वाहन दुर्घटना से बचने के लिये भी ये उपाय किये जा सकते है.
Monthly Horoscope October 2010 - मासिक होरोस्कोप
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2010-08-22T18:20:00-04:00
2010-08-22T18:20:00-04:00
Acharya Shashikant
अक्तूबर माह के लिए यह होरोस्कोप वैदिक एस्ट्रोलोजी के अनुसार चन्द्र राशि (Moon Sign) पर आधारित है. आप अक्तूबर माह का होरोस्कोप पर अपनी चन्द्र
शनि साढेसाती के तीन चरण - Three Steps of Shani Sade Sati and you
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2010-08-05T06:35:00-04:00
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Acharya Shashikant
शनि साढेसाती (Shani Sade Sati) में शनि तीन राशियों पर गोचर करते है. तीन राशियों पर शनि के गोचर को साढेसाती (Shani Sade Sati) के तीन चरण के नाम से भी जाना जाता है. अलग- अलग राशियों के लिये शनि के ये तीन चरण अलग - अलग फल देते है. शनि कि साढेसाती के नाम से ही लोग भयभीत रहते है.
कालसर्प शान्ति के लिये नाग पंचमी पूजा- Nag Panchmi 2010: An Occasion to Pacify Kalsarp Dosha
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2010-07-28T03:35:00-04:00
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Acharya Shashikant
नाग पंचमी श्रवण मास में शुक्ल पक्ष की पंचमी को मनाया जायेगा, इस वर्ष यह पर्व 14 अगस्त, शनिवार, हस्त नक्षत्र में रहेगा. यह श्रद्धा व विश्वास का पर्व है. नागों को धारण करने वाले भगवान भोलेनाथ की पूजा आराधना करना भी इस दिन विशेष रुप से शुभ माना जाता है.
सोये ग्रह के लिये उपाय - Lal Kitab Remedies for Sleepy Planets
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2010-07-27T19:36:00-04:00
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Acharya Shashikant
लाल किताब के अनुसार जिस घर में कोई ग्रह न हो तथा जिस घर पर किसी ग्रह की नज़र नहीं पड़ती हो उसे सोया हुआ घर माना जाता है.
गुरु वक्री:- 23 जुलाई 2010 कुम्भ में वापसी - Retrograde Jupiter re-enters Aquarius sign: 23rd July 2010
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2010-07-20T08:02:00-04:00
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Acharya Shashikant
23 जुलाई 2010, 17:33 सांय काल में गुरु मार्गी से वक्री हो जायेगें. ऎसे में गुरु अपनी स्वराशि मीन राशि को छोड शनि की कुम्भ राशि की ओर प्रस्थान करेगें. गुरु की यह वक्री अवस्था 23 जुलाई 2010 से लेकर 1 नवम्बर 2010, दोपहर 12:58 तक रहेगी. लगभग 102 दिन का समय गुरु मार्गी होने में लेगें.
मंगल का कन्या राशि में प्रवेश Mars Enters Virgo 20 July 2010
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2010-07-17T12:53:00-04:00
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Acharya Shashikant
20 जुलाई 2010, सुबह 06:33 प्रात: मंगल सिंह राशि से बुध की कन्या राशि में प्रवेश करेगें. 20 जुलाई से 05 सितम्बर 2010 तक ये इसी राशि में रहेगें. इस अवधि में मंगल सूर्य के नक्षत्र में रहेगें. मंगल के कन्या राशि में गोचर के लगभग 48 दिन का गोचर शनि के साथ रहेगा. जिनपर स्वराशि के गुरु की दृ्ष्टि रहेगी.
पंचक - Panchak
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2010-08-06T08:30:00-04:00
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Acharya Shashikant
धनिष्ठा का उतरार्ध, शतभिषा, पूर्वा भाद्रपद, उतरा भाद्रपद व रेवती इन पांच नक्षत्रों ( सैद्धान्तिक रुप से साढेचार) को पंचक कहते है. पंचक का अर्थ ही पांच का समूह है. सरल शब्दों में कहें तो कुम्भ व मीन में जब चन्द्रमा रहते है. तब तक की अवधि को पंचक कहते है. इन्ही को कहीं-कहीं पर धनिष्ठा पंचक (Dhanishtha Panchak) भी कहा जाता है.
विवाह के तीन सूत्र ग्रह : गुरु, शुक्र व मंगल (Three keys to marriage astrology : Jupiter, Venus and Mars)
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2010-07-04T00:44:00-04:00
2010-07-04T00:44:00-04:00
Acharya Shashikant
जब किसी व्यक्ति की कुण्डली से दांपत्य का विचार किया जाता है, तो उसके लिये गुरु, शुक्र व मंगल का विश्लेषण किया जाता है. इन तीनों ग्रहों कि स्थिति को समझने के बाद ही व्यक्ति के दांपत्य जीवन के विषय में कुछ कहना सही रहता है. आईये यहां हम दाम्पत्य जीवन से जुडे तीन मुख्य ग्रहों को समझने का प्रयास करते है.
बुध व गुरु ग्रह की शान्ति के उपाय (Remedies for Mercury and Jupiter according to Vedic Astrology)
http://hindijyotish.com/vedic-astrology/remedies-for-mercury-and-jupiter-according-to-vedic-astrology.html
2010-06-30T16:00:00-04:00
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Acharya Shashikant
ग्रहों के अनुकुल फल प्राप्त करने के लिये संबन्धित ग्रह की शान्ति के उपाये किये जाते है. अन्य कारणों से भी ग्रहों की शान्ति करानी आवश्यक हो जाती है. जैसे:- गण्डमूळ, (Gandmoola) गण्डान्त, (Gandant,) अभुक्तमूल (Abhuktamoola)
जैमिनी ज्योतिष से व्यक्तित्व एवं रूप-रंग का विचार (Analysing Personality and Looks Through Jaimini Jyotish)
http://hindijyotish.com/vedic-astrology/jaimini_jyotish_personality.html
2010-06-24T00:51:00-04:00
2010-06-24T00:51:00-04:00
Acharya Shashikant
जैमिनी ज्योतिष की मान्यता है कि प्राणपद लग्न कर्क राशि में(Pranapada Lagna in Cancer) स्थित होने पर व्यक्ति में दिखावे की प्रवृति होती है. चन्द्रमा अथवा राहु पांचवे घर में स्थित हो अथवा उनमें दृष्टि सम्बन्ध बन रहे हों तो व्यक्ति उदासीन एवं निराशावादी होता है.
सिनेमा सितारे और ज्योतिष (Astrology and Film Industry)
http://hindijyotish.com/vedic-astrology/astrology-film-industry.html
2010-06-17T20:42:00-04:00
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Acharya Shashikant
ज्योतिष एवं कैरियर की श्रंखला में आज फिल्म एवं टेलिविजन से संबन्धित कैरियर के लिये ज्योतिष दशाएं, ग्रह संबध, ग्रह दृष्टि , ग्रह युति व वर्तमान गोचर पर विचार करते हैं
राहु द्वारा निर्मित योग और उनका फल (Yoga related with Rahu and thier results)
http://hindijyotish.com/vedic-astrology/rahu-related-yoga.html
2010-05-31T06:13:00-04:00
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Acharya Shashikant
राहु को अंग्रेजी में ड्रैगन हेड के नाम से जाना जाता है.पौराणिक ग्रंथों में भी इसे सर्प का सिर कहा गया है.केतु के साथ मिलकर यह कालसर्प नामक अशुभ योग का निर्माण करता है.यह इसी प्रकार विभिन्न ग्रहों एवं स्थान में रहकर यह अलग अलग योग बनाता है.
राहु-कालम : शुभ कार्यो में विशेष रुप से त्याज्य (Rahu Kalam: Aboondoned for Auspicious Events)
http://hindijyotish.com/vedic-astrology/rahu_kal.html
2010-03-15T04:20:00-04:00
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Acharya Shashikant
समय के दो पहलू है. पहले प्रकार का समय व्यक्ति को ठीक समय पर काम करने के लिये प्रेरित करता है. तो दूसरा समय उस काम को किस समय करना चाहिए इसका ज्ञान कराता है. (The first phase acts as a guide while in the second phase even the seconds are considered to determine the position of Moon or to obtain the period of Rahu Kaal.) पहला समय मार्गदर्शक की तरह काम करता है. जबकि दूसरा पल-पल का ध्यान रखते हुये कभी चन्द्र की दशाओं का तो कभी राहु काल की जानकारी देता है.
मंगल की शान्ति के उपाय (Remedies for Mars According to Vedic Astrology)
http://hindijyotish.com/vedic-astrology/remedies-for-mars-according-to-vedic-astrology.html
2010-06-05T05:05:00-04:00
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Acharya Shashikant
जन्म कुण्डली (Birth Chart in Jyotish) या गोचर में जब ग्रहों का शुभ फल प्राप्त न हो रहा हों या फिर पाप ग्रहों के प्रभाव में होने के कारण जब ग्रह व्यक्ति के लिये अनिष्ट या अरिष्ट का कारण बन रहे हों तो ग्रहों से संबन्धित उपाय (Remedies related to Planets Through Astrology) करने से व्यक्ति के कष्टों में कमी की संभावनाएं बनती है.
चन्द्र की शान्ति के उपाय (Remedies for Moon according to Vedic Astrology)
http://hindijyotish.com/vedic-astrology/remedies-for-moon-according-to-vedic-astrology.html
2010-06-05T03:30:00-04:00
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Acharya Shashikant
नक्षत्रों से बनने वाले अशुभ योगों में जन्म लेने या फिर नक्षत्रों का अशुभ प्रभाव दूर करने के लिये नक्षत्रों की शान्ति के उपाय किये जाते है. जब किसी का जन्म गण्डमूळ, गण्डान्त, अभुक्तमूल (remedies for the Gandmoola, Gandaant, Abhuktamoola) आदि में जन्म लेने पर शान्तिविधान कराने चाहिए. कुण्ड्ली में ग्रह पीडा होने पर गोचर का जो ग्रह व्यक्ति को पीडा दे रहा हों (If Planets giving inauspicious results during transit then the person should perform remedies for them) तो निम्न प्रकार से ग्रहों की शान्ति के उपाय किये जाते है.
सूर्य की शान्ति के उपाय (Remedies for Sun Through Vedic Astrology)
http://hindijyotish.com/vedic-astrology/remedies-for-sun-through-vedic-astrology.html
2010-06-04T06:55:00-04:00
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Acharya Shashikant
नक्षत्रों से बनने वाले अशुभ योगों में जन्म लेने या फिर नक्षत्रों का अशुभ प्रभाव दूर करने के लिये नक्षत्रों की शान्ति के उपाय किये जाते है. जब किसी का जन्म गण्डमूळ, गण्डान्त, अभुक्तमूल आदि में जन्म लेने पर शान्तिविधान कराने चाहिए (remedies for the Gandmoola, Gandaant, Abhuktamoola). कुण्ड्ली में रह पीडा होने पर गोचर का जो ग्रह व्यक्ति को पीडा दे रहा हों (If planets give malefic results during transit then the person should perform remedies for their peace) तो निम्न प्रकार से ग्रहों की शान्ति के उपाय किये जाते है.
आजिविका में सफलता के सूत्र: ज्योतिष के झरोखे से (Success in your Career from the Perspective of Vedic Astrology)
http://hindijyotish.com/vedic-astrology/483.html
2010-05-16T14:45:00-04:00
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Acharya Shashikant
आजिविका के क्षेत्र में सफलता व उन्नति प्राप्त करने के लिये व्यक्ति में अनेक गुण होने चाहिए, सभी गुण एक ही व्यक्ति में पाये जाने संभव नहीं है. किसी के पास योग्यता है तो किसी व्यक्ति के पास अनुभव पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है. कोई व्यक्ति अपने आजिविका क्षेत्र में इसलिये सफल है कि उसमें स्नेह पूर्ण व सहयोगपूर्ण व्यवहार है.
व्यवसाय एवं नौकरी में उन्नति -प्रमोशन (Your Promotion and astrology)
http://hindijyotish.com/vedic-astrology/astrology-predict-promotions-in-your-job.html
2009-12-01T06:46:00-05:00
2009-12-01T06:46:00-05:00
Acharya Shashikant
अधिकांश व्यक्तियों का प्रश्न होता है कि उन्हें व्यवसाय अथवा सर्विस में प्रमोशन कब मिलेगा? कुछ व्यक्तियों को अत्यधिक परिश्रम के बाद भी आशानुरूप सफलता नहीं मिल पाती है और कुछ को थोड़ी सी मेहनत से ही अच्छी सफलता मिल जाती है. यह ग्रहों और उनके गोचर का प्रभाव होता है.
राजनीति में प्रवेश एवं सफलता के लिये ज्योतिष योग (Astrology Yoga for Carrer in Politics)
http://hindijyotish.com/vedic-astrology/astrology-yoga-for-carrer-in-politics.html
2009-12-04T01:38:00-05:00
2009-12-04T01:38:00-05:00
Acharya Shashikant
अन्य व्यवसायों एवं कैरियर की भांति ही राजनीति में प्रवेश करने वालों की कुंडली में भी ज्योतिष योग होते हैं. राजनीति में सफल रहे व्यक्तियों की कुंडली में ग्रहों का विशिष्ट संयोग देखा गया है,
होटल प्रबन्धन में सफलता के लिये ज्योतिष योग (Astrology & Success in Hotel Management)
http://hindijyotish.com/vedic-astrology/hotel-management-career.html
2009-12-02T03:30:00-05:00
2009-12-02T03:30:00-05:00
Acharya Shashikant
होटल प्रबन्धन एक आकर्षक कैरियर है. यदि आप होटल प्रबन्धन के क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहते हैं तो देखिये कि कौन से ज्योतिष योग आपको इस व्यवसाय अथवा इस क्षेत्र में सफलता दिला सकते हैं.
गुरू के राशि परिवर्तन का प्रभाव (Effect of Jupiter's Transit Into Aquarius)
http://hindijyotish.com/vedic-astrology/effect-jupiter-transit-into-aquarius.html
2009-12-16T04:51:00-05:00
2009-12-16T04:51:00-05:00
Acharya Shashikant
गुरू के राशि परिवर्तन को सभी उम्मीद भरी नज़रों से देखते हैं. इसका कारण यह है कि गुरू नवग्रहों में ऐसा ग्रह है जो धर्म-अध्यात्म, बुद्धि-विवेक, ज्ञान, विवाह, पति, संतान, पुत्र सुख, बड़े भाई का कारक माना जाता है. स्वास्थ्य की दृष्टि से भी गुरू हमारे लिए काफी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह शरीर में वसा, पाचन क्रिया, कान, हृदय सहित लीवर को प्रभावित करता है. इन सभी विषयों में गुरू का प्रभाव आपको अपनी कुण्डली में ग्रहों की स्थिति के अनुसार प्राप्त होता है.
शनि के वाहन का साढ़ेसाती पर प्रभाव (Impact of Saturn’s Vahan on Sadesati)
http://hindijyotish.com/vedic-astrology/impact_of_saturn-vahan-on-sadesati.html
2009-09-13T01:06:00-04:00
2009-09-13T01:06:00-04:00
Acharya Shashikant
शास्त्रो मे शनि के नौ वाहन कहे गये है. शनि की साढेसाती के दौरान शनि जिस वाहन पर सवार होकर (Sadesati gives results according to Saturn’s ride) व्यक्ति की कुण्डली मे प्रवेश करते है. उसी के अनुरुप शनि व्यक्ति को इस अवधि मे फल देते है. वाहन जानने के लिए निम्न विधि से शनि साढ़ेसाती के वाहन का निर्धारण करते हैं
साफ्टवेयर प्रोग्रामर कैरियर के लिये ज्योतिष योग (Astrology Yoga for Software Programmer Carrer)
http://hindijyotish.com/vedic-astrology/astrology-yoga-for-software-programmer-carrer.html
2009-12-07T01:09:00-05:00
2009-12-07T01:09:00-05:00
Acharya Shashikant
शुक्र ग्रह को गणन (कम्प्यूटर) का कारक माना गया है. मंगल बिजली के व सिविल इंजिनियरिंग तथा भूमि के कारक है. बुध को शिल्प, तर्क, गणना करने की योग्यता देने वाला ग्रह कहा गया है. शनि से तकनीकी काम, व यन्त्रों के ग्रह कहे गये है. सूर्य की युति मंगल के साथ होने पर इंजिनियर बनने में सहायता मिलती है.
पंच-पक्षी ज्योतिष पद्वति (Pancha-Pakshi Shastra Astrology System)
http://hindijyotish.com/vedic-astrology/pancha-pakshi-shastram.html
2009-10-21T01:11:00-04:00
2009-10-21T01:11:00-04:00
Acharya Shashikant
तमिलनाडु में प्रचलित पंच-पक्षी ज्योतिष पद्वति (Panch-pakshi Shastram) अपने आप में अनेक पद्वतियों की विशेषताओं को अपने में समाहित किये हुये है. इस विधि के अन्तर्गत फल जानने के लिये बडी - बडी गणनाएं नहीं निकालनी पडती बल्कि सरलता से जन्म पक्षी निर्धारित कर अपनी जिज्ञासा का समाधान प्राप्त किया जा सकता है.
प्रशासनिक अधिकारी बनने के लिये ज्योतिष योग (Astrology Yoga for Administrative Officer Carrer)
http://hindijyotish.com/vedic-astrology/astrology-yoga-administrative-officer-carrer.html
2009-12-03T03:32:00-05:00
2009-12-03T03:32:00-05:00
Acharya Shashikant
कुण्डली में बनने वाले योग ही बताते है कि व्यक्ति की आजीविका का क्षेत्र क्या रहेगा. प्रशासनिक सेवाओं में प्रवेश की लालसा अधिकांश लोगों में रहती है. आईये देखें कि कौन से योग प्रशासनिक अधिकारी के कैरियर में आपको सफलता दिला सकते हैं.
शनि का कन्या राशि मे प्रवेश: मिथुन राशि के कंटक शनि (Saturn's Transit into Virgo: Kantak Shani for Gemini)
http://hindijyotish.com/vedic-astrology/kantak-shani-for-gemini.html
2009-09-10T06:31:00-04:00
2009-09-10T06:31:00-04:00
Acharya Shashikant
10 सितम्बर से शनि कन्या मे आ चुके है. इस घर मे शनि के आने से मिथुन राशि वालो की लघु कल्याणी ढैय्या शुरु हो जायेगी (Kantak Shani transit will commence for Gemini from 10 September). शनि की लघु कल्याणी ढैय्या को कंटक शनि (Kantak Shani) के नाम से भी जाना जाता है.