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वैदिक ज्योतिष

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शड्बल के 6 प्रमुख भागों में से चौथा है चेष्टा बल (Chesta bala is the fourth part of Shadbala)

चेष्टा का अर्थ होता है गतिशीलता (Chesta means to try or motion)। जिस बल से ग्रह गतिमान होते हैं वह उनका चेष्टा बल कहलाता है जैसे सूर्य का चेष्टा बल आयन बल होता है।
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षड्बल में काल बल भाग-2 (Kala bala In Shad bala part-2)

षड्बल के अन्तर्गत अबतक आपने काल बल के पहले भाग में नतोन्नत बल, पक्षबल और त्रि-भाग बल के विषय में आप जान चकु हैं। षड्बल के अन्तर्गत काल बल के दूसरे भाग में प्रस्तुत है वर्ष मास दिन होरा, आयन और युद्ध बल। ...
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शड्बल में कालबल से ग्रहों की शक्ति का आंकलन (Assessment of Planets strength to kala bala in Shadbala)

आपकी कुण्डली में ग्रह कितने बलवान हैं यह भी गणितीय ज्योतिष पर आधारित षड्बल से ज्ञात किया जाता है। शड्बल के मुख्य 6 बलों में से एक बल है काल बल, जिसका जिक्र हम यहां करने जा रहे हैं। ...
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षड्बल में दिग्बल का महत्व (Importance of Digbala in Shadbala)

जैसा कि आप जानते हैं किसी भी वस्तु का बल मापने के लिए एक मापक होता है। ज्योतिषशास्त्र में भी ग्रहों का बल मापने के लिए एक मात्रक तैयार किया गया है जिसे षड्बल कहते हैं। षड्बल के अन्तर्गत मुख्यरूप से 6 प्रकार के बल होते हें................ ...
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स्थान बल के प्रकार, 'भाग दो' (Sthana Bala Part-2)

स्थान बल के पांच उपभागों में से प्रथम दो यानी उच्च बल (uchha bal)और सप्तवर्ग बल(Saptvarg bal) के विषय में आप स्थान बल भाग प्रथम में पढ़ चुके होंगे।स्थान बल के दूसरे भाग में हम स्थान बल के शेष तीन भागों पर चर्चा करेंगे। स्थान बल के शेष तीन भाग हैं दिवा-रात्रि बल, केन्द्रादि बल और द्रेष्कोण बल। ...
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षड्बल में स्थान बल भाग एक! (Sthan Bala in Shadbala Part-1)

किसी भी व्यक्ति के जीवन के विषय में सही सही फलादेश ज्ञात करने के लिए ग्रहों के बल को जानना आवश्यक है यह हम सभी जानते हैं। ग्रहों का बल ज्ञात करने के लिए ज्योतिषशास्त्र में षड्बल का प्रयोग किया जाता है। ...
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ग्रहों की शक्ति का मापक है 'षड्बल' (Shadbala is scale of Planet Strength)

ज्योतिषशास्त्र कहता है हमारे जीवन पर ग्रहों का प्रभाव ता-उम्र रहता है। अगर ग्रह शुभ हो और शुभ स्थान पर विराजमान हों तो आपको शुभ फल की प्राप्ति होती है। ग्रहों की शुभ स्थिति के साथ ही देखा जाता है कि ग्रह कितने बलवान और मजबूत हैं।...
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स्थायित्व में यकीन रखते हैं उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र के जातक। (Native of Uttaraphalguni Nakshatra believes in stability)

नक्षत्र मंडल में उत्तराफाल्गुनी 12 वां नक्षत्र होता है (Uttraphalguni is twelveth nakshatra in 27 Constellation। इस नक्षत्र के स्वामी सूर्य होते हैं (Sun is the lord of Uttrafalguni Nakshatra)। यह नक्षत्र नीले रंग का होता है। ...
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गहरी अन्तर्दृष्टि रखते हैं मीन राशि के जातक। (Native of Pisces have intuition power)

मीन राशि स्त्री राशि कहलाती है। इस राशि में जल तत्व की प्रधानता रहती है। जो व्यक्ति इस राशि में जन्म लेते हैं उसके विषय में ज्योतिषशास्त्र क्या कहता है आइये देखें। ...
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नवीनता के पोषक होते हैं कुम्भ राशि के जातक। (Native of Aquarius like newly thing)

कुम्भ राशि राशियों की गिनती के क्रम में ग्यारहवें स्थान पर आती है (Aquarius is eleventh sign in zodiac)। इस राशि का चिन्ह एक व्यक्ति है जिसके हाथ में जल से भरा घड़ा है। इस राशि का स्वामी शनि होता है (Saturn is the lord of Aquarius)। ...
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