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वैदिक ज्योतिष

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मुहूर्त और शुभ योग (Muhurta and Subha yoga)

मुहू्र्त यानी किसी कार्य विशेष के लिए शुभ और अशुभ समय.ज्योतिषशास्त्र की गणितीय विधि में शुभ मुहूर्त के लिए कई विशिष्ट योगों का जिक्र किया गया है.
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कुण्डली में चन्द्र और मंगल का योग (Moon and Mars combination in Horoscope)

ज्योतिषशास्त्र में चन्द्रमा को शुभ और सौम्य ग्रह के रूप में मान्यता प्राप्त है. मंगल को क्रूर और अशुभ ग्रहों के रूप में स्थान दिया गया है. ...
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वक्री ग्रह फल विचार (Impact of retrograde planets)

ग्रहों का पथ अंडाकार होने से पृथ्वी की गति से जब अन्य ग्रहों की गति कम होती है तब वे विपरीत दिशा में चलते हुए प्रतीत होते हैं जिससे ग्रहो को वक्री कहते हैं.ग्रह यूं तो निरन्तर अपने पथ पर चलते रहते हैं परंतु ज्योतिषशास्त्र की दृष्टि से ग्रह सीधी चाल से चलते हुए कुछ समय के लिए ठहर जाते हैं ...
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उपचार महादशाओं का (Remedies for Mahadasha)

ज्योतिष शास्त्र ग्रहों की गति एवं उसकी दशाओं के आधार पर किसी व्यक्ति के जीवन में आने वाली उतार चढ़ाव एवं सुख दुख का आंकलन करता है. ग्रहों की दशा महादशा सभी व्यक्ति के जीवन में चलती रहती है. कुछ दशा महादशा शुभ फल देती है तो कोई अशुभ. ...
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कालसर्प योग कारण लक्षण उपाय (The remedies of Kalsarpa Yoga)

आपकी कुण्डली में कालसर्प योग है इस बात का पता कुण्डली में ग्रहों की स्थिति को देखकर पता चलता है लेकिन कई बार जन्म समय एवं तिथि का सही ज्ञान नहीं होने पर कुण्डली ग़लत हो जाती है. इस तरह की स्थिति होने पर कालसर्प योग आपकी कुण्डली में है या नहीं इसका पता कुछ विशेष लक्षणो से जाना जा सकता है. ...
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कुण्डली में राजयोग (Rajyoga in Horoscope)

ज्योतिष की दृष्टि में राजयोग का अर्थ है ऐसा योग है जो राजा के समान सुख प्रदान करे. हम सभी जीवन में सुख की कामना करते हैं परंतु सभी के भाग्य में सुख नहीं लिखा होता है. कुण्डली में ग्रहों एवं योगों की स्थिति पर सुख दुख निर्भर होता है....
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कितने प्रकार के होते हैं काल सर्प दोष (Types of Kal sarpa Dosh)

साढ़े साती और काल सर्प योग का नाम सुनते ही लोग घबरा जाते हैं. इनके प्रति लोगों के मन में जो भय बना हुआ है इसका फायदा उठाकर बहुत से ज्योतिषी लोगों को लूट रहे हैं. बात करें काल सर्प योग की तो इसके भी कई रूप और नाम हैं. काल सर्प को दोष नहीं बल्कि योग कहना चाहिये ...
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सिंह राशि में शनि की साढ़े साती (Saturn's Sade Sati In Leo)

16 जुलाई 2007 से शनि सिंह राशि में चल रहा है और सितम्बर 2009 तक यह इस राशि में रहेगा. इस दौरान कर्क, सिंह और कन्या के ऊपर साढ़े साती का प्रभाव रहेगा. चूकि शनि की गति मंद होती है इसलिए यह एक राशि में 30 महीने यानी ढ़ाई वर्ष रहता है ....
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ज्योतिष योग एवं योगफल (Astrology Yoga and Yogphal)

ज्योतिषशास्त्र के अनुसार व्यक्ति के स्वभाव का निर्माण जन्म तिथि, वार, करण, राशि व योगों द्वारा होता है. हम यहां योग से व्यक्ति के स्वभाव पर पड़ने वाले प्रभाव की बात कर रहे हैं तो आइये देखें कि किस योग में जन्म लेने से व्यक्ति का स्वभाव कैसा होता है...
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भविष्य कथन की विभिन्न पद्धतियां (The various systems for predicting the future)

भविष्य जानने की उत्सुकता हम सभी के मन में रहती है.अपनी इस उत्सुकता को शांत करने के लिए हम ज्योतिष की विभिन्न पद्धतियों का सहारा लेते हैं.भारत सहित विश्व के अन्य देशों में भविष्य कथन के लिये पद्धतियां हैं...
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कुण्डली से विवाह का विचार (Analysing marriage through Horoscope)

कर्म के अनुसार ईश्वर सबकी जोड़ियां बनाता है.जब जिससे विवाह होना होता है वह होकर रहता है.लेकिन जब वर और कन्या विवाह योग्य होते हैं तो माता पिता उनकी शादी को लेकर चिंतित रहते हैं ...
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कन्या राशि पर साढ़े साती का प्रथम चरण (Shani Sadhe Sati and Kanya Rashi)

शनि गोचर में भ्रमण करते हुए 12 राशियों से गुजरते हैं.राशिचक्र को पूरा करने में इन्हें 30 वर्ष लगता है क्योंकि मंद गति के कारण ये एक राशि में ढ़ाई वर्ष रहते हैं....
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षोडश वर्ग में नवमाश (Navamsa in Shodash Varga)

षोडष वर्ग में नवमांश का विशेष महत्व है जो कई महत्वपूर्ण विषयों पर रोशनी डालता है। ...
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कालसर्प योग (Kal Sarp Dosha) भी शुभ फल देता है

कुण्डली में राहु और केतु की उपस्थिति के अनुसार व्यक्ति को कालसर्प योग (Kalsarp Dosha) लगता है. कालसर्प योग को अत्यंत अशुभ योग माना गया है. ज्योतिषशास्त्र के अनुसार यह योग जिस व्यक्ति की कुण्डली में होता है उसका पतन होता है.यह इस योग का एक पक्ष है...
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शुभ ग्रहों के साथ शनि का सम्बन्ध (Shani and Shubh Grah)

शनि ग्रह ज्यौतिष में अशुभ माना जाता है। यह ग्रह जिस किसी भी भाव में एवं ग्रह के साथ होता है उससे सम्बन्धित विषय में कुछ न कुछ विपरीत प्रभाव डालता है। ...
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ज्योतिष या भ्रम

इस लेख के माध्यम से ज्योतिष क्या है और क्या ज्योतिष नहीं है, इन बातों को उद्धत करना चाहेंगे. आपने अकसर देखा होगा कि समाज में कुछ ठोगी किस्म के ज्योतिषी अपनी चतुराई से किस प्रकार भोले - भाले लोगों को ठगते हैं. जिन बातों का दूर दूर तक भी सम्बन्ध नहीं उन्हें ज्योतिष से जोडकर अपनी दुकान चलाते हैं....
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ज्योतिष में वैदिक उपाय (Vedic Remedies in Jyotish)

वैदिक ज्योतिष (Vedic Jyotish) के तीन खण्डो में से तृ्तीय खण्ड निराकरण ज्योतिष (Remedial Astrology) कहलाता है. ज्योतिष के द्वितीय खण्ड फलित ज्योतिष (Predictive Astrology) से हमें अपने भाग्य के बारे में जानकारी उपलब्ध हो जाती है, परन्तु ग्रहो के अशुभ प्रभाव को दूर करने का साधन निराकरण ज्योतिष के अन्तर्गत आता है. सबसे पहले साधारण ज्योतिषियो द्वारा बताये जाने वाले उपायो की जानकारी दी जायेगी. ...
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भारतीय और पाश्चात्य ज्योतिष (Vedic and Western Astrology)

भारतीय पद्धति निरयण (Indian Nirayan Astrology) के सिद्धांत को मानता है जबकि पाश्चात्य ज्योतिष सायन (Sayan Astrology) पर आधारित है....
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शनि ताजिक ज्योतिष में (Shani in Tajik Jyotish)

यूनानी ज्योतिष विधि जिसे ताजिक ज्योतिष (Tajik Jyotish) कहते उसमें भी शनि के विभिन्न भाव के फलों का जिक्र किया गया है. ...
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आपकी कुंडली में शुभ योग (Shubh Yoga in your Kundli)

कुछ ग्रह योग अशुभ माने जाते हैं जो व्यक्ति के जीवन का सुख चैन छीन लेते हैं तो कुछ ऐसे शुभ ग्रह हैं जो व्यक्ति का जीवन संवार देते हैं। ज्योतिषशास्त्र में बताये गये कुछ उत्तम योग हैं महालक्ष्मी योग, नृप योग आदि....
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नवमांश कुण्डली (Navamsha Kundali)

नवमांश कुण्डली (Navamsha Kundli) से जीवन के लगभग सभी प्रश्नों का उत्तर ज्ञात किया जा सकता है। शिक्षा से सम्बन्धित, व्यवसाय से सम्बन्धित, विवाह से सम्बन्धित, माता पिता एवं संतान से सम्बन्धित प्रश्नों के उत्तर आप नवमांश कुण्डली से जान सकते हैं।...
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ज्योतिष में बृहस्पति ग्रह का महत्व - Jupiter in Astrology

नवग्रहों में बृहस्पति ग्रह सबसे बड़ा और प्रभावशाली माना गया है. बृहस्पति को न केवल ग्रहों में उच्च स्थान प्राप्त है बल्कि यह देवताओं का भी गुरू माना जाता है. गुरू को शुभ ग्रहों के रूप में मान्यता प्राप्त है. ...
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ज्योतिष उपाय-2: गुरू, शुक्र एवं शनि - Astrological Remedies for Guru, Shukra and Shani

सभी ग्रहों की अपनी शक्ति है और वे क्षेत्र विशेष के स्वामी हैं. हमारी कुण्डली में जो ग्रह कमज़ोर होते हैं अथवा नीच या पीड़ित होते हैं उनसे हमें कष्ट मिलता है. इस स्थिति में ग्रह उपाय करना चाहिए. ...
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ज्योतिष उपाय-1 : सूर्य, चन्द्र, मंगल एवं बुध Jyotish Remedies for Surya, Chandra, Mangal and Budh

ज्योतिषशास्त्र कहता है कि हमारे जीवन पर ग्रहों का सीधा प्रभाव होता है. ग्रह अगर हमारी कुण्डली में कमज़ोर अथवा नीच स्थिति में हैं तो वह हमारे जीवन पर विपरीत प्रभाव डालते रहते हैं. इस स्थिति में कमज़ोर और नीच ग्रहों का उपाय करना आवश्यक होता है....
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ज्योतिष उपाय-3 : राहु, केतु एवं कालसर्प योग Jyotish Remedies for Rahu, Ketu and Kalsharpa Yoga

ग्रहों के अशुभ स्थिति में होने पर उनका उपाय किया जाता है. ग्रहों के उपचार के लिए कई तरीके ज्योतिषशास्त्र में दिये गये हैं जिनके अनुसार राहु, केतु एवं कालसर्प दोष के कुछ विशेष उपाय हैं जिन्हें आप आज़मा सकते हैं....
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शनि का पाया या पाव (Shani's Paya)

शनि देव के विषय में आम विचारधारा यह है कि शनि कष्टकारी और अशुभफलदायी ग्रह है। शनि के कोप से बचने हेतु हम आप जाने क्या क्या नहीं करते। अगर आप भी शनि से भयभीत हैं तो आइये जानें शनि का सच। ...
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दाम्पत्य जीवन में बुध की भूमिका (Importance of Budh in married life)

ज्योतिषशास्त्र नवग्रह में बुध (Budh) को राजकुमार कहता है जिसकी अपनी कोई शक्ति नहीं होती यह जिस ग्रह के साथ होता है उसके गुण को ग्रहण कर लेता है और उसी के अनुरूप फल देता है....
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शनि की ढ़ईया (Shani's Dhaiya)

भगवान शंकर जब गणों को कार्य सौंप रहे थे उस समय उन्हेंने शनिदेव को अधिकार दिया कि वे दुष्ट व्यक्तियों को दण्ड देंगे। शनि उस दिन से धरती पर ही लोगों को कर्म के अनुरूप दंड देते हैं। साढ़े साती और ढईया शनि के दंड का स्वरूप है। ...
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फलित ज्योतिष में लग्नेश का महत्व (Relevance of Ascendant Lord On Phalit Jyotish)

यू तो फलादेश करते समय सभी नौ ग्रह महत्वपुर्ण होते हैं परन्तु लग्नेश (Lord of Ascendant) का विशेष महत्व है. प्रमुख ज्योतिष ग्रन्थो में कहा गया है कि केवल लग्नेश (Lagnesh) के बलवान होने पर कुण्डली में मौज़ूद कई दोषो का नाश हो जाता है. ...
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कालसर्प योग (Kalsarp Yoga) ज्योतिष की नजर में

ज्योतिषशास्त्र के अनुसार सूर्य से लेकर शनि तक सभी ग्रह जब राहु और केतु के मध्य आ जाते हैं तो कालसर्प योग बन जाता है। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार जिस व्यक्ति की जन्म कुण्डली में यह योग होता है उसके जीवन में काफी उतार चढ़ाव आते रहते हैं। ...
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