वैदिक ज्योतिष
महत्वाकांक्षी होते हैं मेष लग्न के जातक। (Native of Aries Sign are very ambitious)
वैदिक ज्योतिष के अन्तर्गत कुल 12 राशियां होती है। इन राशियों में सबसे पहली राशि मेष होती है (Aries is the first sign in all zodiac sign)। इसकी पहचान मेढ़ा या भेड़ की आकृति से की जाती है। इसकी गिनती क्रूर राशियों में होती है। इस राशि मे जन्म लेने वाले व्यक्ति के विषय में आइये जानें:
भरोसेमंद होते हैं रेवती नक्षत्र के जातक। (Native of Revti Nakshatra known as faithful & honest Person)
नक्षत्र मंडल में रेवती का स्थान 27 वां हैं (Revti is the 27th Nakshatra in the group of Constellation)। यह आखिरी नक्षत्र माना जाता है। इस नक्षत्र में जन्म लेने वाले व्यक्ति के विषय में ज्योतिषशास्त्र क्या कहता है आइये इसकी जानकारी प्राप्त करें। ...हवाई किले बनाने में माहिर होते हैं उत्तराभाद्रपद नक्षत्र के जातक( Native of Uttra_Vadrapada Nakshatra known as dreamy Person)
नक्षत्रों को ज्योतिषशास्त्र की रीढ़ कहा जा सकता है। किसी भी व्यक्ति का व्यक्तित्व, उसका स्वभाव एवं जीवनशैली कैसी होगी यह जन्म नक्षत्र से ज्ञात किया जा सकता है। किसी व्यक्ति का जन्म नक्षत्र वह होता है जिस नक्षत्र में जन्म के समय चन्द्रमा निवास करता है। इससे राशि का भी निर्धारण होता है क्योंकि हर नक्षत्र की अपने राशि होती है, बात करें उत्तराभाद्रपद नक्षत्र की तो इसके चारों चरण मीन राशि में होते हैं। इस राशि का स्वामी गुरू होता है व नक्षत्र स्वामी शनि होता है (Saturn is the lord of Uttra_Bhadrapada Nakshatra and Jupiter is the Lord of his sign)। जो व्यक्ति इस नक्षत्र में पैदा होते हैं उनपर इन सभी कारकों का प्रभाव होता है। आइये देखें कि इनका व्यक्ति के जीवन पर क्या प्रभाव होता है। ...परोपकारी होते हैं पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र के जातक। (Native of Purvabhadrapada Nakshatra are Philanthropic)
नक्षत्रों की दुनियां में पूर्वाभाद्रपद का स्थान 25वां हैं (Purvabhadrapada is the 25rd Nakshatra in the group of 27 Constellation)। इस नक्षत्र के स्वामी बृहस्पति यानी गुरू होते हैं (Jupiter is the lord of Purvabhadrapada)। इस नक्षत्र का एक चरण मीन में होता है और तीन चरण कुम्भ में रहता है। इस नक्षत्र में जन्म लेने वाले व्यक्ति का स्वभाव व्यक्तित्व एवं उनकी जीवनशैली कैसी होती है आइये इस पर विचार करें। ...हिम्मती होते हैं, शतभिषा नक्षत्र के जातक (Native of Satvisha Nakshatra known as daring Personality)
शतभिषा नक्षत्र नक्षत्र मंडल में 24 वां नक्षत्र है (Satvisha Nakshatra is the 24th Nakshatra in the group of Constellation)। इस नक्षत्र को शुभ माना जाता है। इस नक्षत्र का आकार चक्र के समान है जिसके बीच का हिस्सा ढ़का हुआ प्रतीत होता है। इस नक्षत्र का स्वामी राहु होता है(Rahu is the lord of pf satv। ...शांति पसंद होते हैं घनिष्ठा नक्षत्र के जातक (Native of Ghanistha Nakshatra known as peace lover)
नक्षत्र मण्डल के 27 नक्षत्रो में घनिष्ठा का स्थान 23 वां हैं (Ghanistha is the 23rd Nakshatra in the group of Constellation)। इस नक्षत्र के स्वामी मंगल हैं (Mars is the Lord of Dhanishta Nakshatra) इस नक्षत्र में जो व्यक्ति जन्म लेते हैं उनका व्यवहार, उनकी जीवनशैली एवं उनका स्वभाव सभी कुछ जन्म नक्षत्र उसके स्वामी एवं राशि स्वामी पर निर्भर करता है। आइये जानें कि इस नक्षत्र में जिनका जन्म होता है उनका स्वभाव, व्यवहार एवं व्यक्तित्व कैसा होता है। ...माता पिता के भक्त होते हैं श्रवण नक्षत्र के जातक (The Native of Shravan Nakshatra are adorer of mother & father)
ज्योतिषशास्त्र में नक्षत्रों की महत्ता का बखान मिलता है। ज्योतिषशास्त्र के अनुसार व्यक्ति जिस नक्षत्र में जन्म लेता है उस नक्षत्र का प्रभाव व्यक्ति पर जीवन भर रहता है। जन्म नक्षत्र, नक्षत्र स्वामी और उसकी राशि एवं राशि स्वामी से व्यक्ति सदा प्रभावित रहता है। यहां देखते हैं कि श्रवण नक्षत्र में जन्म लेने वाले व्यक्ति पर इसका प्रभाव होने पर व्यक्ति का व्यक्तित्व, स्वभाव एवं व्यवहार कैसा होता है। ...हंसते हंसाते जीते हैं जि़न्दग़ी उत्तराषाढ़ा नक्षत्र के जातक (Native of Uttarashadha Nakshatra live Happy life)
नक्षत्र मंडल में उपस्थित सभी नक्षत्र का अपना गुण और प्रभाव होता है। ज्योतिष सिद्धांत के अनुसार हमारा व्यक्तित्व, जीवन और हमारे विचार एवं व्यवहार आदि उस नक्षत्र और उसके स्वामी एवं राशि और राशि स्वामी से निर्देशित होते हैं जिसमें हमारा जन्म होता है। बात करें उत्तराषाढ़ा नक्षत्र के विषय में तो इस नक्षत्र के स्वामी सूर्य ग्रह (विश्वदेव) होते हैं (The Sun is the lord of Uttarashadha Nakshatra)। ...आशावादी होते हैं पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र के जातक (Native of Purvasadha Nakshatra are Optimistic)
पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र को शुभ नक्षत्रों में गिना जाता है। इस नक्षत्र का स्वामी शुक्र होता है व इसकी राशि धनु होती है (Venus is the lord of Purvasadha and Sagittarius is the sign of this Nakshatra)। गुरू इस राशि का स्वामी होता है। इस नक्षत्र में जन्म लेने वाले व्यक्ति पर उपरोक्त स्थिति का क्या प्रभाव होता है, व्यक्ति का व्यवहार और स्वभाव कैसा होता है आइये इसे जानें।...दुर्भाग्यशाली नहीं होते मूल नक्षत्र के जातक (Native of Mool Nakshatra are not unfortunate)
मूल नक्षत्र गण्डमूल नक्षत्र के अन्तर्गत आता है। यह नक्षत्र बहुत ही अशुभ माना जाता है। इस नक्षत्र का स्वामी केतु होता है। इस नक्षत्र के चारों चरण धनु राशि में होते हैं। इस नक्षत्र के विषय में यह धारणा है कि जो व्यक्ति इस नक्षत्र में जन्म लेते हैं उनके परिवार के सदस्यों को इसके दोष का सामना करना पड़ता है। दोष पर विशेष चिन्ता करने की आवश्यकता नहीं है। इस नक्षत्र में जन्म लेने वाले व्यक्ति में कई गुण होते हैं, हमें इन गुणों पर ही अपना ध्यान केन्द्रित करना चाहिए। ...Log in




