वैदिक ज्योतिष
पंचाग के अंग - तिथि (Part Of Panchang And Tithi)
पाँच अंगो के मिलने से पंचाग बनता है, ये पाँच अंग इस प्रकार हैं:-
कालसर्प योग (Kalsarpa Yog) व मंगलीक दोष (Manglik Dosh) का भय
एक कहावत है कि संसार में उसी वस्तु की नकल होती है जिसकी माँग (Demand) अधिक होती है. प्राचीन समय में ज्योतिष केवल आवश्यकता थी परन्तु आज के दौर में आवश्यकता के साथ-साथ ज्योतिष एक फैशन भी बन गया है. ज्योतिष का अर्थ है 'ज्योति दिखलाना'. मनुष्य के जीवन में लाभ-हानि, अनुकूलता-प्रतिकूलता, शुभता-अशुभता या अच्छा-बुरा कब-कब होगा इसको ज्योतिष के माध्यम से ही जाना जा सकता है....जन्मकुण्डली का निर्माण कैसे करें (How To Make Birth Chart)
किसी भी बच्चे या व्यक्ति की जन्मकुण्डली का निर्माण करने के लिए तीन Factors की आवश्यकता पड्ती है. 1) जन्मतिथि (Date of Birth) 2) जन्मसमय (Time of Birth) 3) जन्मस्थान (Place of Birth) ...वर्षकुण्डली (Year Chart)
जातक/जातिका (Native) के नये वर्ष में प्रवेश करने पर वर्षकुण्डली का निर्माण किया जाता है. जन्म समय जो भी लग्न (Lagna at the time of birth) आये परन्तु प्रत्येक वर्ष जन्म तिथि (Birth Tithi) पर लग्न बदल जाता है लगभग दो लग्नो का अन्तर पड् जाता है, क्या यह युक्तिसंगत है, ...नवीन पद्वति द्वारा जन्मकुण्डली का निर्माण (New Method Of Making Birth Chart)
नवीन पद्वति द्वारा इष्टकालिक लग्न राशी (Lagna Rashi) जानने के लिए इष्टकालिक (Estakalik) साम्पत्तिक काल की आवश्यकता होती है. साम्पत्तिक काल साधन (Kal Sadhan) के लिए स्थानीय मध्य काल (Local Mean Time) के बारे में ज्ञात होना जरुरी है. किसी भी देश के Standard Time को L.M.T. में बदलने के लिए उस देश के (Standard Time Meridian) की आवश्यकता होती है. किसी भी देश के रेखांश (Longitude) को उस देश का (Standard Time) कहते हैं, जैसे कि भारत का Standard Time (IST) 82º-30' (पूर्व) रेखांश है. ...गणित (गणना) द्वारा जन्मपत्री का निर्माण (Birth Chart On the Basis Of Mathematical Calculations)
स्वंय जन्मपत्री का निर्माण करने के लिए आपको पंचाग (Panchanga) की आवश्यकता पडेगी, इसके साथ ही एक सटीक (प्रामाणिक) ऎटलस भी आपके पास होना चाहिये जिसमें विश्व के सभी प्रमुख शहरों के अक्षांस व रेखांश (Latitude/ Longitude) दिये रहते हैं. आमतौर पर लगभग सभी पंचागो में भारत के सभी प्रमुख शहरों के अक्षांस रेखांश व IST (भारतीय स्टैडर्ड टाइम) से उस शहर (प्रत्येक शहर) का समय में अन्तर भी दिया रहता है. जिसमें + की गणना करके उस शहर का वास्तविक समय ज्ञात किया जा सकता है. आइये दिल्ली मे़ जन्मे बालक की जन्मपत्री का निर्माण करते हैं. ...वशीकरण (Bewitchment)
आजकल आप समाचार पत्र/ पत्रिकाओं में ऎसे बहुत से भ्रामक व झूठे विज्ञापन देखते/ पढ्ते होंगे जिनमें अक्सर लिखा होता है कि मनचाहा वशीकरण (Vashikaran) करायें तथा 6/12/24 घंटों में परिणाम देखें. इस विज्ञापन की भाषा से ही आप समझ सकते हैं कि इस महाशय ने दुनिया को मूर्ख समझकर कितना बडा झूठ बोला है. यह तन्त्र विद्या (Occult Science) के नाम का सरासर दुरुपयोग है. देवो ने जो भी विद्या मानव जाति को प्रदान की है वो उनकी भलाई के लिए है न कि दूसरो का बरा करने के लिए . ...यदि ग्रह कमजोर है तो उसे चार्ज (शक्तिवान) करें? ( Enhancement Of Power of Weak Planets)
जन्मकुण्डली में जब कोइ ग्रह कमजोर होता है तो उस ग्रह के शुभ फल देने की क्षमता में कमी आ जाती है. उस कमजोर ग्रह (Weak Planet) को बलवान बनाने के लिए (चार्ज करने के लिए) (Empowerment) ज्योतिष शास्त्र में बहुत सारे उपाय दिये गये हैं. प्रत्येक व्यक्ति अपनी रुचि और क्षमता के अनुसार इन उपायों से लाभ ले सकता है. निम्न उपायों का ब्योरा इस प्रकार से है:- ...प्रश्नकुण्डली में लग्न का सिद्धान्त (Principles of Lagna In Prasna Kundali)
सम्पूर्ण 12 लग्नो (Twelve Lagnas) को तीन श्रेणियो में बाँटा गया है. 1) चर लग्न (Charan Lagna) - मेष, कर्क, तुला, मकर (1,4,7,10) 2) द्विस्व भाव (Dual Nature) - मिथुन, कन्या, धनु, मीन (3,6,9,12) 3) स्थिर लग्न (Sthir Lagna) - वृष, सिंह, वृ्श्चिक , कुम्भ (2,5,8,11) ...फलित ज्योतिष में लग्नेश का महत्व (Relevance Ascendant Lord On Phalit Jyotish)
यू तो फलादेश करते समय सभी नौ ग्रह महत्वपुर्ण होते हैं परन्तु लग्नेश (Lord of Ascendant) का विशेष महत्व है. प्रमुख ज्योतिष ग्रन्थो में कहा गया है कि केवल लग्नेश (Lord of Ascendant) के बलवान होने पर कुण्डली में मौज़ूद कई दोषो का नाश हो जाता है. नवग्रहो को हम तीन श्रेणियो में बांट सकते हैं, 1) मित्र ग्रह (Mitra Grah) 2) शत्रु ग्रह (Shatru Grah) और 3) तटस्थ ग्रह् (Neutral Grah). फलादेश करते समय कुण्डली में मित्र ग्रहो के बलवान होने पर व्यक्ति सुखमय, शत्रु ग्रहो के बलवान होने पर संघर्षमय तथा तटस्थ ग्रहो के प्रभावकारी होने पर मिला-जुला जीवन व्यतीत करता है. ...Log in




