Home | वैदिक ज्योतिष | ग्रहों का नैसर्गिक बल (Natural Strength of Planets)
Kundli Software

ग्रहों का नैसर्गिक बल (Natural Strength of Planets)

Font size: Decrease font Enlarge font
image Natural Strength of Planets

शड्बल के अन्तर्गत ग्रहों के नैसर्गिक बल को भी देखा जाता है। इस बल का आंकलन किस प्रकार किया जाता है आइये इस विषय पर विचार करें।

नैसर्गिक का अर्थ होता है "जो प्रकृति से प्राप्त हो" और बल का अर्थ होता है "शक्ति"। नैसर्गिक और बल इन दो शब्दों के मेल से बना है नैसर्गिक बल जिसका शाब्दिक अर्थ होता है कुदरती शक्ति (Naisargik bala means strength of Nature)। ज्योतिषशास्त्र के नियमानुसार नैसर्गिक बल ग्रहों की प्राकृतिक शक्ति होती है (As per Astrology Naishargik bala is the Natural strength of Planets)। यह शक्ति सभी व्यक्ति की कुण्डली में समान और निश्चित होती है जैसे ग्रह आकाशमंडल में निश्चित दूरी बनाकर भ्रमण करते रहते हैं। ज्योतिष विधान के अनुसार नैसर्गिक बल के अन्तर्गत सूर्य को सबसे अधिक अंक प्रदान किया गये है अत: इस बल में सूर्य सबसे अधिक शक्तिशाली होते हैं (Sun is the strongest planet in Naisargik Bala)।

बात करें नैसर्गिक बल के अन्तर्गत विभिन्न ग्रहों की स्थिति पर तो इस बल के अन्तर्गत क्रमागत रूप से सबसे पहले सूर्य आते हैं फिर चन्द्रमा, शुक्र, बृहस्पति, बुध, मंगल और सबसे अंत में शनि। इस बल के अन्तर्गत इन्हीं सात ग्रहों का विचार किया जाता है।

नैसर्गिक बल के आंकलन के लिए ज्योतिशास्त्र  में विशेष गणितीय विधि का प्रयोग किया गया है। आपकी सुविधा के लिए यहां इस विधि का उल्लेख किया जा रहा है जिसे आप आसानी से समझ सकते हैं। शड्बल के विषय में अबतक के अध्ययन से आप जान गये होंगे कि ग्रहों का अधिकतम  बल 60 होता है। इस 60 अंक को 7 अंक से भाग दिया जाता है। भाग से प्राप्त भागफल में 1-7 तक ग्रह जिस क्रम में होते हैं उन्हें उतने ही अंक से गुणा किया जाता है और इससे प्राप्त परिणाम को ग्रह का नैसर्गिक बल कहा जाता है। आपकी सुविधा के लिए यहां गणितीय विधि प्रस्तुत है।
                                                          60
                                               7 x-------------- = 60
                                                           7
यहां आप जिस गणितीय विधि को देख रहे हैं उसमें सूर्य का बल आंकलन किया गया है। इसी प्रकार जब दूसरे नम्बबर पर आने वाले ग्रह कर बल ज्ञात किया जाएगा तब गुणा 6 से किया जाएगा। ग्रह जिस प्रकार नीचे क्रम में होते जाएंगे गुणा का अंक भी उसी प्रकार कम होता जाएगा।

आप यहां दिये गये चार्ट से विभिन्न ग्रहों का नैसर्गिक बल देख सकते हैं। 

ग्रहों की स्थिति

ग्रह

ग्रहों की शक्ति

नैसर्गिक बल

1

सूर्य Sun

7/7

60

2

चन्द्रमा Moon

6/7

51.4

3

शुक्र Venus

5/7

42.9

4

बृहस्पतिJupiter

4/7

34.3

5

बुध Mercury

3/7

25.7

6

मंगल Mars

2/7

17.1

7

शनि Saturn

1/7

8.6

नोट: आप कम्पयूटर द्वारा स्वयं जन्मकुण्डली, विवाह मिलान और वर्षफल का निर्माण कर सकते हैं. यह सुविधा होरोस्कोप एक्सप्लोरर में उपलब्ध है. आप इसका 45 दिनों तक मुफ्त उपयोग कर सकते हैं. कीमत 1250 रु. जानकारी के लिये यहाँ क्लिक करे

Comments (0 posted):

Post your comment comment

Please enter the code you see in the image: