Home | वैदिक ज्योतिष | मिथुन लग्न में नवग्रह का प्रभाव (Planets in Gemini Lagna)

मिथुन लग्न में नवग्रह का प्रभाव (Planets in Gemini Lagna)

Font size: Decrease font Enlarge font
image Planets in Gemini L

राशि चक्र की तीसरी राशि मिथुन है.आपकी कुण्डली के लग्न भाव में यह राशि है तो आपका लग्न मिथुन कहलता है.आपके लग्न के साथ प्रथम भाव में जो भी ग्रह बैठता है वह आपके लग्न को प्रभावित करता है.आपके जीवन में जो कुछ भी हो रहा है वह कहीं लग्न में बैठे हुए ग्रहों का प्रभाव तो नहीं है।

मिथुन लग्न में सूर्य (Sun in Gemini Ascendant)
मिथुन लग्न की कुण्डली में लग्न में बैठा सूर्य अपने मित्र की राशि में होता है (Sun is in a friendly sign when it is in Gemini).सूर्य के प्रभाव से व्यक्ति के चेहरे पर रक्तिम आभा छलकती है.व्यक्ति सुन्दर और आकर्षक होता है.इनका व्यक्ति उदार होता है.इनमें साहस धैर्य और पुरूषार्थ भरा होता है.बचपन में इन्हें कई प्रकार के रोगों का सामना करना होता है.युवावस्था में कष्ट और परेशानियों से गुजरना होता है.वृद्धावस्था सुख और आनन्द में व्यतीत होता है.इन्हें आर्थिक तंगी का सामना करना होता है.सप्तम भाव पर सूर्य की दृष्टि होने से विवाह में विलम्ब होता है.वैवाहिक जीवन अशांत रहता है.

मिथुन लग्न में चन्द्रमा (Moon in Gemini Ascendant)
मिथुन लग्न में चन्द्रमा धन भाव का स्वामी होता है.इस राशि में चन्द्रमा लगनस्थ होने से व्यक्ति धनवान और सुखी होता है.इनका व्यक्तित्व अस्थिर होता है.मन चंचल रहता है.मनोबल ऊँचा और वाणी में कोमलता रहती है.इनके व्यक्तित्व में हठधर्मिता और अभिमान का भी समावेश रहता है.संगीत के प्रति इनके मन में प्रेम होता है.लग्न में बैठा चन्द्र सप्तम भाव को देखता है जिससे जीवनसाथी सुन्दर और ज्ञानी प्राप्त होता है.गृहस्थी सुखमय रहती है.आर्थिक स्थिति अच्छी रहती है क्योकि बचत करने में ये होशियार होते हैं.चन्द्र के साथ पाप ग्रह होने पर चन्द्र का शुभत्व प्रभावित होता है अत: चन्द्र को प्रबल करने हेतु आवश्यक उपाय करना चाहिए.

मिथुन लग्न में मंगल (Mars in Gemini Ascendant)
मंगल मिथुन लग्न की कुण्डली में अकारक होता है (Mars is malefic when placed in a Gemini Ascendant Kundali). यह इस राशि में षष्ठेश और एकादशेश होता है.मिथुन लग्न में मंगल लगनस्थ होता है तो व्यक्ति को ओजस्वी और पराक्रमी बनाता है.जीवन में अस्थिरता बनी रहती है.व्यक्ति यात्रा का शौकीन होता है.सेना एवं रक्षा विभाग में इन्हें कामयाबी मिलती है.इन्हें माता पिता का पूर्ण सुख नहीं मिल पाता है.शत्रुओं से भी इन्हें कष्ट मिलता है.सप्तम भाव पर मंगल की दृष्टि से गृहस्थ जीवन में कई प्रकार की कठिनाईयां आती हैं.जीवनसाथी स्वास्थ्य सम्बन्धी परेशानियों से पीड़ित होता है.

मिथुन लग्न में बुध (Mercury in Gemini Ascendant)
बुध मिथुन लग्न का स्वामी है (Mercury is the lord of Gemini).इस लग्न में यह शुभ और कारक ग्रह होता है.मिथुन लग्न में प्रथम भाव में बैठा बुध व्यक्ति को बुद्धिमान, वाक्पटु और उत्तम स्मरण शक्ति प्रदान करता है.इनमें प्राकृतिक तौर पर कुशल व्यवसायी के गुण मौजूद होते हैं.आर्थिक दशा सामान्य रूप से अच्छी रहती है क्योंकि आय के मामले में एक मार्ग पर चलते रहना इन्हें पसंद नहीं होता.एक से अधिक स्रोतों से आय प्राप्त करना इनके व्यक्तित्व का गुण होता है.इन्हें लेखन, सम्पादन एवं प्रकाशन के क्षेत्र में कामयाबी मिलती है.भूमि, भवन एवं वाहन का सुख मिलता है.जीवनसाथी से इन्हें सहयोग एवं प्रसन्नता मिलती है.

मिथुन लग्न में गुरू (Jupiter in Gemini Ascendant)
मिथुन लग्न में गुरू सप्तम और दशम भाव का स्वामी होता है.दो केन्द भाव का स्वामी होने से मिथुन लग्न में यह अकारक ग्रह होता है.प्रथम भाव में गुरू के साथ बुध हो तो यह गुरू के अशुभ प्रभाव में कमी लाता है.गुरू के लग्नस्थ होने से व्यक्ति सुन्दर और गोरा होता है.गुरू के प्रभाव से इन्हें सर्दी, जुकाम एवं कफ की समस्या रहती है.ये चतुर, ज्ञानी और सत्य आचरण वाले व्यक्ति होते हैं.इन्हें समाज से मान सम्मान प्राप्त होता है.गुरू की विशेषता है कि यह जिस भाव को देखता है उससे सम्बन्धित विषय में शुभ फल प्रदान करता है अत: पंचम, सप्तम एवं नवम भाव से सम्बन्धित विषय में व्यक्ति को अनुकूल परिणाम प्राप्त होता है.अगर लग्न में गुरू के साथ पाप ग्रह हों तो परिणाम कष्टकारी होता है.

मिथुन लग्न में शुक्र (Venus in Gemini Ascendant)
मिथुन लग्न की कुण्डली में शुक्र पंचमेश और द्वादशेश होता है.त्रिकोणश होने के कारण इस लग्न में शुक्र कारक ग्रह होता है.लग्न में मित्र की राशि में बैठा शुक्र शुभ प्रभाव देने वाला होता है.जिनकी कुण्डली में यह स्थिति होती है वह दुबले पतले लेकिन आकर्षक होते हैं.इनकी आर्थिक स्थिति अच्छी रहती है.भौतिक सुख सुविधाओं के प्रति ये अधिक लगाव रखते अत: सुख सुविधाओं में धन खर्च करना भी इन्हें पसंद होता है.समाज में सम्मानित व्यक्ति होते हैं.सप्तम भाव पर इसकी दृष्टि होने से वैवाहिक जीवन में जीवनसाथी से लगाव एवं प्रेम रहता है.शुक्र के प्रभाव से इनका विवाहेत्तर अथवा विवाह पूर्व अन्य सम्बन्ध भी हो सकता है.

मिथुन लग्न में शनि (Saturn in Gemini Ascendant)
मिथुन लग्न में कुण्डली में शनि अष्टम और नवम भाव का स्वामी होता है.त्रिकोण भाव का स्वामी होने से शनि अष्टम भाव के दोष को दूर करता है (As Saturn becomes the lord of trines, it removes the blemish from the eighth house) और कारक की भूमिका निभाता है.मिथुन लग्न की कुण्डली में लग्न में बैठा शनि स्वास्थ्य के मामले में कुछ हद तक पीड़ा देता है.इसके प्रभाव से व्यक्ति दुबला पतला होता है और वात, पित्त एवं चर्मरोग से परेशान होता है.यह भाग्य को प्रबल बनाता है एवं ईश्वर के प्रति श्रद्धावान बनाता है.लग्नस्थ शनि की दृष्टि सप्तम भाव पर होने से व्यक्ति में कामेच्छा अधिक रहती है.दशम भाव पर शनि की दृष्टि राज्य पक्ष से दंड एवं कष्ट देता है.माता पिता के सम्बन्ध में कष्ट देता है.शनि व्यक्ति को परिश्रमी बनाता है.

मिथुन लग्न में राहु (Rahu in Gemini Ascendant)
राहु मिथुन लग्न में मित्र राशि में होता है.इस राशि में राहु उच्च का होने से यह व्यक्ति को चालाक और कार्य कुशल बनाता है.व्यक्ति अपना काम निकालने में होशियार होता है.इनमें साहस भरपूर रहता है.लगनस्थ राहु व्यक्ति को आकर्षक एवं हृष्ट पुष्ट काया प्रदान करता है.मिथुन लग्न की स्त्रियों को लग्नस्थ राहु संतान के संदर्भ में कष्ट देता है.राहु इनके वैवाहिक जीवन में कलह उत्पन्न करता है.इनकी कुण्डली में यह द्विभार्या योग बनाता है.

मिथुन लग्न में केतु (Ketu in Gemini Ascendant)
केतु मिथुन लग्न की कुण्डली में लगनस्थ होने से व्यक्ति में स्वाभिमान की कमी रहती है.ये स्वतंत्र रूप से कार्य करने की अपेक्षा दूसरों के साथ काम करना पसंद करते हैं.व्यापार की अपेक्षा नौकरी करना इन्हें पसंद होता है.इनमें स्वार्थ की प्रवृति होती है.केतु के प्रभाव से वात एवं पित्त रोग इन्हें परेशान करता है.कामेच्छा भी इनमें प्रबल रहती है.वैवाहिक जीवन में उथल पुथल की स्थिति रहती है.विवाहेत्तर सम्बन्ध की संभावना भी केतु के कारण प्रबल रहती है. 

Comments (14 posted):

arvind k shukla on 22 May, 2009 04:12:09
avatar
all columns helpful to viewers
kusum lata on 29 May, 2009 04:37:40
avatar
i want to know what is my future.
paritosh on 12 June, 2009 11:32:18
avatar
my dob - 25-oct- 1986
time -0913 pm
place - faridabad(*haryana)
plz inform me about my carreir
kanta sharma on 22 June, 2009 03:01:09
avatar
meri date of birth-26/06/1968 udaipur(rajsthan) meri marrige date-12/07/1989 my marrige life 1997good two child born after1998tomy marrige life in problem icome at my father home i live near my brother me janna chahati hoo kab tak my marrige life me problem ceaer hogi thank
dinesh garg on 13 July, 2009 02:16:07
avatar
career
vivek on 17 July, 2009 09:40:31
avatar
I want to know about my career and future.
NAME -VIVEK
TIME- 5.35 PM
DATE OF BIRTH- 08-01-1980
PLACE- PURNIA (BIHAR)
rajesh khetan on 19 July, 2009 09:16:39
avatar
tell about my health improvement & court judgment regarding case filed by me against my lanlord for shop as i am there for last 8 years working as medical practitioner. your website is excellent.
VINAY KUMAR on 21 August, 2009 03:48:33
avatar
I want to know about my health, married life, service and happy and prosperous in future, at least for one year ahead.
NAME -VINAY KUMAR
TIME- 11.20 PM
DATE OF BIRTH- 08-05-1976
PLACE- CHANDIGARH (U.T.)
VINAY KUMAR on 21 August, 2009 03:51:24
avatar
I want to know about my health, married life, service and happy and prosperous life in future, at least for one year ahead.
NAME -VINAY KUMAR
TIME- 10.02 AM
DATE OF BIRTH- 08-05-1976
PLACE- CHANDIGARH (U.T.)
jeetendra pandey on 25 August, 2009 06:41:22
avatar
i want to know my rashi.
my date of birth is 27-nov-1988
Time is 04:50 pm
Day is sunday.
kruti shukla on 07 September, 2009 01:23:21
avatar
i want know my rashi your dat of is 21-4-1988 time is 6:45:00
sukhdev singh on 09 October, 2009 04:46:37
avatar
mari d.of birth 19-10-1981-monday-400am
ha
m janna chatha hu ke mera switzerland ka kam bane ga mane -08-10-09- ko paper aplay keaa ha , agar kam banega to ketne der ma benga /
Harikesh Manithia on 25 November, 2009 05:13:49
avatar
my DOB va time ka nahi pata hai
Harikesh
Mubarikpur Jhajjar(haryana)
ravinder Kumar sharma on 18 May, 2010 08:28:02
avatar
my dob:22/05/01956, time:07-20am, place:delhi, my question is related to my career that was very critical from last 2&ahalf years. My ex employers given me toomuch financial loss & also i lost my job from 07/11/07. till that date i have no job & my life depends on loans.i was working in a transport co as accountant & in 2007 my employer advised me to invest in truck & he was bueing 6 trucks at that time out of which 2 are in my name & i invested too much money in that vehicles after that i lost everything becouse of his cheating & frauds. So plz let me know about my career either i will rise or finish with loans. I was also consulted with many palmists but not getting positive reuslts.

Post your comment comment

Please enter the code you see in the image: