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गुरु वक्री:- 23 जुलाई 2010 कुम्भ में वापसी - Retrograde Jupiter re-enters Aquarius sign: 23rd July 2010

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image Retrograde Jupiter re-enters Aquarius sign: 23rd July 2010

23 जुलाई 2010, 17:33 सांय काल में गुरु मार्गी से वक्री हो जायेगें. ऎसे में गुरु अपनी स्वराशि मीन राशि को छोड शनि की कुम्भ राशि की ओर प्रस्थान करेगें. गुरु की यह वक्री अवस्था 23 जुलाई 2010 से लेकर 1 नवम्बर 2010, दोपहर 12:58 तक रहेगी. लगभग 102 दिन का समय गुरु मार्गी होने में लेगें.

1. गुरु की शत्रु घर में वापसी (Jupiter Back to its Enemy House)
यह योग कुछ इस प्रकार का ही रहेगा. जैसे कोई कुछ दिनों के लिये अपना घर छोड कर शत्रु के घर में जाकर रहें.
इस स्थिति में गुरु को असुविधा होने की पूर्ण संभावना रहेगी. पर गुरु-शनि का यह संबन्ध व्यक्ति की आन्तरीक शक्ति,  व्यक्तिगत योग्यता को बढानें में सहायक रहेगा.

2. गुरु के कारकतत्वों में कमी (Reduction in the Karak Elements of Jupiter)
गुरु को जीवन साथी, संतान, धन, धर्म, आध्यात्म, विधा, विवेक, योग्यता, बडा भाई, सोना का कारक कहा गया है. गुरु की वक्रता इन सभी कारकतत्वों संबन्धी दिक्कतें दे सकती है. ऎसे में विवाह व शुभ कार्य संपन्न होने में कुछ बाधाएं आ सकती है.

संतान के जन्म या संतान सम्बन्धी विषय व्यक्ति के कष्ट बढा सकते है. धार्मिक कार्यो के लिये समय संबन्धी परेशानी आ सकती है. तथा समय पडने पर विवेक का सहयोग न मिलने की भी सम्भावनाएं बनती है. कई बार व्यक्ति को अपनी योग्यता पर भी व्यक्ति को संदेह हो सकता है.

3. गुरु धातु सोने में विशेष उतार-चढाव:-
स्वर्ण के भावों में अचानक से उतार-चढाव आ सकते है. तथा बडे भाई के सहयोग में भी कमी हो सकती है. व्यक्ति के शरीर में गुरु लिवर, ह्र्दय कोश, पाचन-प्रक्रिया, कान आदि का कारक भी होता है. गुरु के नियन्त्रण में आने वाले शरीर के अंग रोग के प्रभाव में शीघ्र आ सकते है. ऎसे में इन अंगों का विशेष ध्यान रखना हितकारी रहेगा.

4. बीते समय से व्यक्ति का जुडना (The Person Goes Back to his past)
गुरु जब वक्री होते है तो व्यक्ति को बीते समय की समृ्तियां आने की संभावना बनती है. उसे पुराने रिश्तेदारों से मिलने के अवसर प्राप्त होने की भी संभावना बनती है. तथा इससे पूर्व ऋण पर दिये गये धन के वापस प्राप्ति में परेशानियां आ सकती है. इस अवस्था में व्यक्ति को स्वयं के प्रति भी ईमानदार रहना चाहिए. क्योकि ऎसे में व्यक्ति अपने बनाये सिद्धान्तों का स्वयं ही पालन नहीं करता है.

5. गुरु के कारकतत्वों में वृ्द्धि (Increase in Kaarak Elements of Jupiter)
कई बार यह गुरु व्यक्ति को पहले से अधिक धार्मिक आस्थावान बना सकता है. ऎसे में व्यक्ति का धार्मिक विषयों से जुडा व्यापार आरम्भ करना या इससे संबन्धित योजनाओं को पूरा करना व्यक्ति के लिये लाभकारी सिद्ध हो सकता है. तथा वक्री अवस्था में गुरु व्यक्ति को जीवन में आगे बढने के नये अवसर भी दे सकता है.

इस अवधि में यह शैक्षिक जीवन में बाधाएं देने के साथ-साथ सफलता दिलाने में भी सहयोग करता है. वक्री अवस्था में जब गुरु अंशों में कम हो रहे होते है. तो इनसे प्राप्त होने वाले कारकतत्वों में कमी होती है. स्थिति इसके विपरीत होने पर फल भी इसके विपरित ही प्राप्त होते है.

6. गुरु के अशुभ फल की शान्ति (Remedy for Inauspicious Influence of Jupiter)
गुरु के वक्री होने के कारण गुरु की शुभता की कमी को दूर करने के लिये व्यक्ति को अपने से बडों को भोजन करान चाहिए, गुरुवार में पडने वाली अमावस्या या गुरुवार के व्रत रखना, पुखराज धारण करना, पीले वस्त्र, चने की दाल, शक्कर, केले, लड्डओं का भोग लगाना, धार्मिक ग्रन्थों का दान यथाशक्ति करने से लाभ प्राप्त होते है.

गुरु मंत्र या गुरु गायत्री मंत्र का जाप 19000 बार विधिपूर्वक करना भी व्यक्ति को लाभ देता है. प्रत्येक ग्रुरुवार को केसर का तिलक लगाना से भी गुरु की शुभता में वृ्द्धि होती है.

गुरु बीज मंत्र:- ऊँ ग्रां ग्रीं ग्रौं स: गुरवे नम:

गुरु गायत्री मंत्र:-  ऊँ अंगिरो जाताय विदमहे वाचस्पते धीमहि तन्नो ग्रुरु: प्रचोदयात

Read this article in English  Retrograde Jupiter re-enters Aquarius sign: 23rd July 2010

Comments (12 posted):

prakash naidu on 20 July, 2010 05:03:13
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it is not sufficiant just give me more datails.
devi datt joshi on 20 July, 2010 02:40:12
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My name is devi datt joshi I want know what effect in my life of this change of Guru
prashant on 24 July, 2010 01:33:20
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guru ka asar hogo
ASHVINI DIXIT on 30 July, 2010 07:33:37
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dob 22-11-1966
time 9.42am
dist meerut(u.p.)
what is the effect in my life of this change.
rajprasad on 09 August, 2010 01:27:19
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dear,sir guro iss kundli may ka dospravav dal sakta hi ka mangal guro ki yukti marrige life may dospravav dal raha hi name..bavna.dt.05.05.76,ti.09:1am isatan candigarh
amardeep on 29 August, 2010 06:07:27
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my date of birth 09 july 1984 hai.time 01:50am..place bhiwani(haryana) hai.mujh per guru ka kya parbhav rahega.
monu verma on 02 September, 2010 02:10:33
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date of birth:- 29-7-1995
time:-11:57pm
place:-jhansi

probleme:- mera study main man nahi lagta hai yaad kiya hua bhool jata hoo
aap kripa karke koi nivaran ya ratan upay batay
mukeshheda on 03 September, 2010 01:56:33
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26-9-75 time 17:25 bhilwara (raj) what is problem in my kundali in this time
surender on 03 September, 2010 03:33:13
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kya guru ko sant karne k liye kiya karna cahiye
Pramod Kumar on 22 September, 2010 05:40:47
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Guru ke Vakri Hone ka Prabhav - Bahut hi achee dhang se varnit hai. Prastuti Bahoot hi achii hai. Jyotish' GOD & the game of Karma ko hum bhi samajhne ki koshish karte hai aur esliye hamne orkut aur Facebook par aapna profile khola hai. you can search me by my email: praamod@yahoo.com.
rohit on 23 October, 2010 09:43:02
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rohit- 04-11-1991
time-10:15am
dist- lucknow(u.p)
india
what effect in my life of this change of Guru
sanjay arora on 23 November, 2010 10:44:20
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sir mere andar ek dar sa ghar kar gaya hai. har cheez mujhe negatev thinking ki taraf le jata hai. tanav ke vajha se meri yaddast dheera kam ho jahi hai .mai apne bacho aur patani ke leya jeena chaht hoo.heart ka mareej hoon.kya hoga pl. bataey.

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