AstroBix
- आपकी जन्म कुंडली
- कुंडली फलादेश
- कालसर्प दोष चैक
- वर्ष कुंडली
- वर्षफल
- राशिफल
- आज का राशिफल
- मासिक राशिफल
- दैनिक ज्योतिष
- चौघड़िया
- राहुकाल
- आज का पंचाग
- वैवाहिक ज्योतिष
- विवाह मिलान
- मांगलिक दोष
- लाल किताब
- लालकिताब कुंडली
- लालकिताब कुंडली
- अंक ज्योतिष
- आपका नाम
- आपका जन्मदिन
- नाम सलाह
- अन्य
- शुभ राशि रत्न
- शुभ रुद्राक्ष
कन्या राशि पर साढ़े साती का प्रथम चरण (Shani Sadhe Sati and Kanya Rashi)
शनि गोचर में भ्रमण करते हुए 12 राशियों से गुजरते हैं.राशिचक्र को पूरा करने में इन्हें 30 वर्ष लगता है क्योंकि मंद गति के कारण ये एक राशि में ढ़ाई वर्ष रहते हैं.
राशिचक्र (Rashi Chakra) में भ्रमण करते हुए शनि ढैय्या और साढ़े साती के द्वारा विभिन्न राशियों पर अपना प्रभाव डालते हैं.कन्या राशि पर साढे साती का क्या प्रभाव होता है?
बुध की राशि कन्या में जब चन्द्रमा होता है और शनि सिंह राशि में तब कन्या राशि में साढ़े साती का प्रथम चरण शुरू होता है.इस स्थिति में शनि देव पंचमेश और षष्ठेश होकर द्वादश भाव में रहते हैं और तुला, कुम्भ और वृष राशि को देखते है.साढ़े साती के प्रथम चरण में यह यह संतान पक्ष के सम्बन्ध में विपरीत प्रभाव देता है.संतान सुख में बाधाएं आती है.संतान को लेकर मानसिक परेशानी और कष्ट बना रहता है.अगर स्त्री गर्भवती होती है तो कन्या संतान की संभावना प्रबल रहती है.अगर पंचम भाव पर शुभ ग्रहों की दृष्टि होती है तो स्थिति में कुछ अनुकूलता बनी रहती है.अनावश्यक रूप से धन का व्यय होता रहता है जिसके लिए बाद में अफसोस भी करना पड़ता है.
इस समय अगर व्यक्ति आत्मनियंत्रण नहीं रखता है तो व्यसनों का शिकार हो जाता है.अधिक भावुकता और दूसरों पर अत्यधिक विश्वास करना इस समय नुकसानदेय होता है.साढ़े साती के प्रभाव से विश्वासघात मिलने की संभावना प्रबल रहती है.जिस समय साढ़े साती चल रही हो उस समय अगर व्यक्ति किसी को धन देता है तो उस धन की वापसी की संभावना कम रहती है.अगर धन वापस मिलता भी है तो इसके लिए काफी परिश्रमी और भाग दौड़ करनी पड़ती है.
कन्या राशि पर जब साढ़े साती का प्रथम चरण होता है उस समय कन्या राशि वालों को कारोबार एवं नौकरी में भी कठिनाईयों का सामना करना होता है.जो लोग नौकरी करते हैं उनके अधिकारी इस समय उनसे नाराज रहते हैं जिससे इनके लिए परेशानियां बढ़ती जाती है.ज़मीन जायदाद को लेकर भाईयों से विवाद या मनमुटाव होता है.सम्बन्धियों से भी दूरियां बढ़ती हैं.जो मित्र पहले साथ देते थे अब वे दूर दूर रहते हैं यानी मित्रों से भी सहयोग नहीं मिलता है.यात्रा के दौरान परेशानी और कष्ट सहना होता है.
शनि बुद्धि को नास्तिकता की ओर ले जाता है जिससे मन में दया, ममता और परोपकार की भावना का अभाव होता है.वाणी में कोमलता नहीं रहती है जिससे अकारण ही मान सम्मान पर भी आघात होता है.साढ़े साती का शनि स्वास्थ्य पर भी विपरीत प्रभाव डालता है जिससे रोग के कारण व्यक्ति पीड़ित होता है.कार्यों में असफलता और रूकावट का सामना करना होता है.मातृ पक्ष के लोगों को भी साढ़े साती का शनि पीड़ित करता है.जीवनसाथी को भी साढ़े साती की पीड़ा सहनी पड़ती है.
साढ़े साती के दौरान परेशानियां बढ़ती हैं तो शनि परेशानियों से निकलने का रास्ता भी दिखाता है.इस दौरान ये अपनी मेहनत और लगनशीलता से एक एक कर उलझनों से निकलते चले जाते हैं.




del.icio.us
Digg

Comments (36 posted):
wanted to know
1. Sadhe sathi is there in my rashi.? if yes
2. Then when it is started and when it is going to be end.?
3. What should I do in this period.?
Place Chandigarh. I am getting involved in problems day by day. My taxi met with an accident, and taxi business got closed.Got loss of above 2 lacs in taxi business. Service was also in danger. Met with an accident with a scooter yesterday, the person driving scooter hit me from back and is in serious condition. I mean i even dont do anything and get involved in such serious problems. Please tell me some solution. I am going through huge tensions.Kindly help me.
Please tell me regarding my carrier.
danguhi distt-una h.p.
I am a married women. My marrage date 18/01/2004 and I dont become a mother still today . can I got a child or not.
Thanks
DOB 06-02-1970
JANAM NAME : KUSHIRAM
SCHOOL NAME-PARVEEN
HOME NAME : SUNIL
WHAT RASHI I SEARCH
sad sati me shani dev ko kush karne ke upay kay hai
i wanted to know that what shani can effect in my rashi n what r the remedies to get rid of it...
my D.O. B.is 24 jul 1985 03:35am
Post your comment