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सिंह लग्न में नवग्रह का फल (The Navagarahas in Leo Ascendant)

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image The Navagarahas in Leo Ascendant

जिस व्यक्ति का जन्म सिंह लग्न में होता है वे दिखने में सुन्दर और हृष्ट पुष्ट होते है.ये महत्वाकांक्षी और हठीले स्वभाव के होते हैं.ये जितने साहसी होते हैं उतने ही आत्मविश्वासी होते हैं.इनमें साहस और आत्म विश्वास भरपूर रहता है.राजनीति में इनकी रूचि रहती है.इस लग्न की कुण्डली मे प्रथम भाव में स्थित ग्रह किस प्रकार फल देते हैं इसे देखिए.

सिंह लग्न में लग्नस्थ सूर्य (Sun in Leo Ascendant)
सूर्य सिंह लग्न की कुण्डली में लग्नेश होकर शुभ कारक ग्रह होता है.स्वराशि में स्थित सूर्य व्यक्ति को गुणवान और विद्वान बनाता है (Sun in own sign makes the native virtuous and intelligent).यह व्यक्ति को आत्मविश्वास से परिपूर्ण बनाता है.आपनी कार्य कुशलता एवं प्रतिभा के कारण सामाज में सम्मानित होते हैं.ये जिस काम में हाथ डालते हैं उसे पूरे मनोयोग से करते हैं.कार्यो में बार बार परिवर्तन करना इन्हें पसंद नहीं होता.ये पराक्रमी होते हैं.दूसरों की सहायता उदारता पूर्वक करते हैं.प्रथम भाव में स्थित सूर्य सप्तम में स्थित शनि की राशि कुम्भ को देखता है जिससे दाम्पत्य जीवन में तनाव बना रहता है.मित्रों एवं साझेदारों से अपेक्षित सहयोग नहीं मिल पाता है.

सिंह लग्न में लग्नस्थ चन्द्र (Moon in Leo Ascendant)
चन्द्रमा सिंह लग्न की कुण्डली में द्वादश भाव का स्वामी होता है.अपनी दशावधि में यह शुभ और अशुभ दोनों प्रकार के फल प्रदान करता है.सिंह राशि में चन्द्रमा लग्न में स्थित होता है तो व्यक्ति का स्वभाव चंचल होता है.इनका मन स्थिर नहीं रहता है और न ये एक स्थान पर टिक कर रहना पसंद करते हैं.ये किसी की मदद निस्वार्थ रूप से करना पसंद करते हैं.ये नेक और सज्जन होते हैं.इन्हें माता पिता से प्रेम और सहयोग प्राप्त होता है.चन्द्र इन्हें राजनीति में सफलता दिलाने सहयोग करता है.सप्तम भाव पर चन्द्र की दृष्टि कुम्भ पर होने से वैवाहिक जीवन में कठिनाई आती है.चन्द्र के साथ पाप ग्रह होने पर चन्द्र के शुभत्व में कमी आती है अत: चन्द्र का उपाय करना चाहिए.

सिंह लग्न मे लग्नस्थ मंगल (Mars in Leo Ascendant)
मंगल सिंह लग्न की कुण्डली में शुभ कारक ग्रह होता है (Mars is beneficial in a kundali of Leo Ascendant).यह इस लग्न में चतुर्थ और नवम भाव का स्वामी होता है.लग्न में मंगल व्यक्ति को साहसी, निडर और आत्मविश्वास से परिपूर्ण बनाता है.व्यक्ति एक से अधिक साधनो से धन प्राप्त करता है.लग्न में बैठा मंगल चतुर्थ, सप्तम एवं अष्टम भाव को देखता है.मंगल की दृष्टि साझेदारों से विरोध का कारण बनती है.वैवाहिक जीवन में उथल पुथल मचाती हैं एवं शत्रुओं से पीड़ित करती है.मंगल इन्हें संतान सुख दिलाता है परंतु काफी इंतजार के बाद.

सिंह लग्न में लग्नस्थ बुध (Mercury in Leo Ascendant)
सिंह लग्न की कुण्डली में बुध द्वितीय और एकादश भाव का स्वामी होता है.यह इस लग्न के व्यक्ति के लिए धन का कारक होता है.इस लग्न में अगर बुध लग्न में विराजमान होता है तो व्यक्ति धनवान होता है.इनमें कलात्मकता के प्रति लगाव रहता है.ये कला के किसी क्षेत्र से सम्बन्ध भी रखते हैं.इन्हें शत्रुओं का भय बना रहता है.सप्तम भाव पर बुध की दृष्टि जीवनसाथी के प्रति लगाव पैदा करता है.ये अपने जीवनसाथी से प्रेम करते हैं परंतु जीवनसाथी से इन्हें अनुकूल सहयोग नहीं मिल पाता.संतान सुख विलम्ब से प्राप्त होता है.बुध के साथ पाप ग्रह अथवा शत्रु ग्रह की युति होने से बुध के शुभ प्रभाव में कमी आती है.

सिंह लग्न में लग्नस्थ गुरू (Jupiter in Leo Ascendant)
गुरू सिंह लग्न की कुण्डली में पंचमेश और अष्टमेश होता है.इस राशि में गुरू लग्नस्थ होने से व्यक्ति शारीरिक तौर पर सुन्दर और आकर्षक होता है.इनकी वाणी प्रभावशाली होती है.गुरू इन्हें बुद्धिमान एवं ज्ञानी बनाता है.पंचम, सप्तम एवं नवम भाव पर गुरू की दृष्टि होने से व्यक्ति उदार, दयालु और नेक विचारों वाला होता है.इनमें धन संचय करने की प्रवृति होती है.ज्ञान और बुद्धि से इन्हें उच्च पद प्राप्त होता है.नौकरी एवं व्यवसाय दोनों में ही इन्हें सफलता मिलती है.मान सम्मान भी इन्हें खूब मिलता है.जीवनसाथी एवं संतान पक्ष से इन्हें सुख एवं सहयोग प्राप्त होता है.पाप ग्रहों से युत अथवा दृष्टि गुरू होने पर गुरू के फल में कमी आती है अत: गुरू का उपचार करना चाहिए.

सिंह लग्न में लग्नस्थ शुक्र (Venus in Leo Ascendant)
शुक्र सिंह लग्न में तृतीयेश और दशमेश होता है.इस लग्न में यह केन्द्राधिपति दोष से पीड़ित होकर अकारक ग्रह बन जाता है (In the Leo ascendant, Venus has a malefic effect if placed in the ascendant).शुक्र अगर सिंह राशि में लग्नस्थ होता है तो व्यक्ति को सुन्दर और आकर्षक व्यक्तित्व प्रदान करता है.शुक्र के प्रभाव से व्यक्ति का मन भौतिक सुखों के प्रति आकर्षित रहता हैं.ससुराल पक्ष से समय समय पर लाभ प्राप्त होता है.शुक्र सप्तम भाव को पूर्ण दृष्टि से देखता है जिससे व्यक्ति अपने धन का अपव्यय करता है.इस स्थिति में व्यक्ति स्वयं पर संयम नहीं रखता है तो अन्य व्यक्ति से इनके अनैतिक सम्बन्ध भी हो सकते हैं जिसके कारण आर्थिक कठिनाईयों से भी इन्हें गुजरना होता है.सप्तम भाव में शुभ ग्रह स्थित हो अथवा इस पर शुभ ग्रहों की दृष्टि हो तो व्यक्ति जीवनसाथी के प्रति वफादार होता है.

सिंह लग्न में लग्नस्थ शनि (Saturn in Leo Ascendant)
शनि सिंह लग्न की कुण्डली में षष्टम और सप्तम भाव का स्वामी होता है (Saturn becomes the lord of the sixth and the seventh house in a kundali of Leo ascendant).इस लग्न में यह अकारक ग्रह की भूमिका निभाता है.सिंह लग्न की कुण्डली में लग्न में बैठा शनि अशुभ फलदायी होता है.यह व्यक्ति को असामाजिक कार्यो के प्रति प्रेरित करता है.यह व्यक्ति को अपयश का भागी बनाता है.लग्न में विराजमान शनि तृतीय, सप्तम एवं दशम भाव को अपनी पूर्ण दृष्टि से देखता है.शनि की दृष्टि के प्रभाव से व्यक्ति चालाक और छल करने वाला होता है.अपने व्यवहार के कारण इन्हे मित्रों से अपेक्षित सहयोग नहीं मिल पाता है.जीवनसाथी से भी कष्ट मिलता है.दूसरों की धन सम्पत्ति पर इनकी लालच भरी निगाह रहती है.शनि के साथ शुभ ग्रहों की युति हो या शनि शुभ ग्रह से दृष्ट हो तो शनि की अशुभता में कमी आती है.

सिंह लग्न में लग्नस्थ राहु (Rahu in Leo ascendant)
सिंह लग्न की कुण्डली में राहु अशुभ फलदायी होता है.इस लग्न में प्रथम भाव में बैठा राहु व्यक्ति के आत्मबल को कमज़ोर करता है.आत्मविश्वास के अभाव में व्यक्ति स्वतंत्रत रूप से निर्णय लेने से घबराता है.इन्हें मान सम्मान बनाये रखने के लिए काफी प्रयास करना होता है.तंत्र मत्र एवं गुप्त विद्याओं के प्रति विशेष लगाव होता है.राजनीति में इन्हें राहु का सहयोग मिलता है.राहु की सप्तम दृष्टि के प्रभाव से व्यवसाय एवं कारोबार में साझेदारों एवं मित्रों से सहयोग नहीं मिल पाता है.व्यवसाय में नुकसान भी सहना होता है.स्त्री पक्ष से भी इन्हें कष्ट प्राप्त होता है.

सिंह लग्न में लग्नस्थ केतु (Ketu in Leo ascendant)
सिंह राशि सूर्य की राशि है.केतु सूर्य का शत्रु है अत: इस राशि में केतु शुभ फल नहीं देता है.लग्न में केतु विराजमान हो तो व्यक्ति का स्वास्थ्य मंदा रहता है.केतु की दशा काल में स्वास्थ्य में उतार चढ़ाव होता रहता है.माता पिता से विशेष लगाव नहीं रहता है.मनसिक परेशानियां और चिंताएं इन्हें घेरे रहती हैं.सप्तम भाव पर केतु की पूर्ण दृष्टि के कारण वैवाहिक जीवन के सुख में कमी आती है.जीवनसाथी बीमार होता है अथवा उससे अनबन रहती है.

Comments (29 posted):

Sanjay Sharma on 10 May, 2009 01:43:22
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Leo Lagan
Makar Rashi
Current Dasha Sat /Ketu

Please let me know what's in future ?
kamal kumar on 11 May, 2009 03:40:06
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my feuchar next week and tarval any cantire
vishal on 13 May, 2009 08:58:10
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plz tell my future.....till date to last day of my life....
harshit on 02 June, 2009 04:54:34
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hi i will now that what is my horoscope my name is harshit and what is my rashi
nagendra tiwary on 04 June, 2009 07:30:20
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meri sadi ho gaye hai. mujhe good salah de.
Nagendra Tiwary on 12 June, 2009 01:29:36
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mera 2009 kaisa bitega
umashankar on 15 June, 2009 03:02:34
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Dob is 26-03-1966 time 3:56 SINGH (LEOAscendant)PL. TELL ME ESTDEV OR JEVAN MAI SHANTI OR UNNTI KE LEYE KON SE STONE PAHAN SKATE HAI OR KON SE NAHI PANENE CHAHIYE.
rachana singh on 16 June, 2009 10:10:57
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Muje apna bhvisye janana he. lekin meri janm kundli nahi he solution batye ki me apna bhavisye carrer kese jan sakti hon.
mukesh on 16 June, 2009 12:05:01
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good
mukesh kumar sain on 13 July, 2009 11:14:54
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meri date of birth sahi malum nahi hai, village me nahi likhte the. Mera nam mukesh kumar sain hai.
prem on 14 July, 2009 07:36:34
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pls let me know about the sade shathi of shani in "leo" when will be finish the effect of the shani star in "LEO"??
Thanks & Regards
Prem singh
menka yadav on 16 July, 2009 07:00:06
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mein mera future janana chahti ho,mera janm nam menka hai aur time 12:15 pm, & DATE 24/02/1986. aur mein IAS YA IPS OFICER BANNA CHAHTI HO KYA MEIN BAN PAOGI,ABI MEIN GOVT JOB MEIN HO,pls mujhe bataye,par abhi mera nam office mein neha hai osse effect hota hai kya?????????
diujeshkumarpandey on 20 July, 2009 06:18:29
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s/r themay fiwchar the not rispawns is said the peles may fiwchar agen the rckwest sr peles flo in form may fiwchar date of barth 5/11/1968 rasi nam tekdhar singh rasi
vivekchadha on 22 July, 2009 03:18:04
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my DOB 21-10-1965,time 1.50am, Delhi.
pl tell about when my business will start upto good standard.
thanks
vivek chadha
milind on 22 July, 2009 06:31:02
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my DOB 01/06/1980 time 7.30pm to 9.30pm beetwen village . bembra pls tell about when my marrige . which Alfabets ( A B C D ) thanks

milind
Madan Lal Meghwal on 23 July, 2009 05:19:18
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Plz Tell About My Future
raj kumar katyal on 24 July, 2009 01:53:46
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my DOB 18-08-1966 time 09:20A.M. Place :Delhi pls tell me about my business and carrier
menka yadav on 28 July, 2009 07:30:32
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aapne ab tk sir mere sawalo ka jawab na diya mein roj chek krti ho plz sir bataye mujhe
mahendra modi on 09 August, 2009 04:28:28
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namaskar DOB 25-03-1965 time 16:13 place gwalior plz tell me my future
monika on 14 August, 2009 12:40:40
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i want to know about career & marriage.everything is alright.we don't understand the problem which we are face.my DOB- 13-08-1980 Delhi time10.30a.m.please tell me when i get married,howz the boy?
menka yadav on 22 August, 2009 04:15:01
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SIR PLS MEIN APKI ABHARI RAHOGI MUJHE BATAYE QUESTION KA ANS DE DIJIYE
Ram Bahadur Thapa on 24 August, 2009 11:28:02
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my DOB 15-08-1975, time:7:15AM, day: friday, place of birth,New Delhi (India)
i just wanted to know about my life & succsess, married life plz help
mitesh shukla on 07 September, 2009 01:57:45
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my DOB25-4-81,time9-21-00:friday,placeofbirth,ahemdabad[india]Ijust wanted to know about my life&success.marriedlife plz help
sai on 07 September, 2009 08:20:40
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d.o.b.20-08-2009 time-05:23am U.K city milton keynes tell me moon sign & lagan -
pradep bisht on 29 September, 2009 12:49:17
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mera vivah kab hoga? deri ka kya karan hai?
meenu kashyap on 06 October, 2009 06:58:17
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kya jise mein chahti hu usse meri shaadi hogi aur wo mujhse sachcha pyaar karta hai kya
Mia26 on 18 December, 2009 02:20:46
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sanjay on 19 January, 2010 03:08:57
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mandeep singh on 01 June, 2010 04:27:00
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name mandeep singh
Dt /brth 11-8-85
Janam-ludhiana
kya jis sey main pyar krta hu us sey meri shadi ho skti hai

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