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ज्योतिष की विभिन्न शाखाएं ( VARIOUS BRANCHES OF JYOTISH)

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वैदिक ज्योतिष:(Vedic Joytish)

जब हम ज्योतिष की शाखाओं की बात करते हैं तब सबसे पहले वैदिक ज्योतिष का नाम आता है। वैदिक ज्योतिष विश्व की प्राचीनतम ज्योतिष पद्धति है। वैदिक ज्योतिष का आधार वेद है इसे वेदों की आँख भी कहा गया है। वैदिक ज्योतिष कही न कहीं किसी न किसी रूप में ज्योतिष की जितनी भी शाखाएं विश्व में फैली हैं उन सब में शामिल है। वैदिक ज्योतिष में जन्मतिथि, जन्म समय एवं जन्म स्थान के आधार पर जन्मपत्री का निर्माण किया जाता है। जन्मपत्री यानी कुण्डली को आधार मानकर फलित ज्योतिष किया जाता है। ज्योतिष की इस शाखा में जिस पद्धति के माध्यम से फलादेश किया जाता उससे फलादेश(Prediction) सत्यता और प्रमाणिकता के निकट होता है फलस्वरूप यह ज्योर्तिविदों को बहुत ही पसंद है। वैदिक ज्योतिष को आधार मानकर आजकल कुण्डली के कई सॉफ्टवेयर बाज़ार में उपलब्ध हैं इन्हीं में से प्रमुख सॉफ्टवेयर होरोस्कोप एक्सप्लोरर (Horoscope Explorer) है। इस साफटवेयर के माध्यम से आप बिना किसी ज्योर्तिर्विद की सहायता से अपनी कुण्डली बनाकर भविष्य का अध्ययन कर सकते हैं।

गोचर पद्धति:(Transit System)

वैदिक ज्योतिष की एक शाखा है गोचर पद्धति(Perceptible Method)। गोचर पद्धति के अन्तर्गत दैनिक स्थिति का आंकलन किया जाता है। दैनिक स्थिति का आंकलन से तात्पर्य है कि इसके अन्तर्गत वर्तमान दिन के अंदर आपकी कैसी स्थिति रहेगी आज आपके लिए यात्रा करना उचित होगा, वर्तमान दिन को शुभ बनाने हेतु आप क्या कर सकते हैं, आज के दिन ग्रह स्थिति का आप पर कैसा प्रभाव पड़ रहा है, आज के संदर्भ में इसी तरह के महत्वपूर्ण विषयों के बारे में गोचर पद्धति से जानकारी प्राप्त होती है। गोचर पद्धति के विषय में चन्द्रमा(Subject of Perceptible Method in Moon) से विचार किया जाता है। इसमें सभी ग्रह वैदिक ज्योतिष के अनुसार ही राशियों में स्थित होते हैं। इस पद्धति में चन्द्रमा, नक्षत्र एवं वार को काफी महत्व दिया गया है( Importance of Moon,Constellation and Day) । इस पद्धति से आप अपने हर दिन की स्थिति का आंकलन कर सकते हैं, जो लोग दिन मान का विचार कर कोई फैसला लेते हैं उनके लिए अच्छा है कि वे इस पद्धति पर आधारित डेली एस्टोलॉजी एक्सप्लोरर (Daily Astrology Explorer) जैसे सॉफ्टवेयर का प्रयोग करें। इस तरह के सॉफ्टवेयर से दिन की स्थिति का आंकलन आप आसानी से कर सकते हैं और हर फैसला स्थिति(Adjustment Aspect) को जानकर कर सकते हैं ताकि आपको अपने कार्य में सफलता मिलने की पूरी संभावना बनी रहे।

प्रश्न ज्योतिष:(Prashana Joytish)

प्रश्न कुण्डली नाम से स्पष्ट होता है कि यह प्रश्न पर आधारित ज्योतिष है(Prashana Kundli based on Prashana Joytish)। प्रश्न ज्योतिष से प्रश्न कुण्डली बनाने का तरीका वैदिक ज्योतिष से कुछ हटकर है((Modification of Prashana kundli according to Prashana joytish is differ from vedic joytish)। फलित दृष्टि से कहा जाय तो प्रश्न ज्योतिष वैदिक ज्योतिष के अधिक निकट है। वैदिक ज्योतिष में जन्म तिथि, जन्म समय, जन्म स्थान के आधार पर लग्न निकाला जाता है वहीं प्रश्न कुण्डली में आपके प्रश्न करने के समय को आधार मानकर लग्न का निर्माण(Erection of Ascendent) किया जाता है। इस कुण्डली में अन्य ग्रहों की स्थिति उसी प्रकार से रहती है जैसे वैदिक ज्योतिष में होती है। इस ज्योतिष के अन्तर्गत वर्तमान समय में आपके सामने जो कुछ समस्या होती है उसके संदर्भ में फलादेश प्राप्त होता है, प्रश्न ज्योतिष अपनी इन्हीं विशेषताओं के कारण ज्योतिष की अन्य शाखाओं(Branches) से श्रेष्ठ कहा गया है। प्रश्न ज्योतिष के विषय में यह भी कहा जाता है कि यह उनके लिए वरदान है जिन्हें अपनी जन्म तिथि, जन्म समय और जन्म स्थान पता नहीं है। आप प्रश्न् ज्योतिष के माध्यम से अपने मन में उठ रहे सवालों का जवाब तुरंत चाहते हैं तो प्रश्न ज्योतिष से सम्बन्धित सॉफ्टवेयर प्रश्न कुण्डली एक्सप्लोरर(Prashana Kundli Explorer)sका प्रयोग कर सकते हैं।

अंक ज्योतिष:(Numeral Joytish)

अंक ज्योतिष मूलत: पश्चमी देशों में प्रचलित है जो अब भारत में भी लोकप्रिय हो रहा है। अंक ज्योतिष में अंकों को आधार मानकर फलादेश ज्ञात किया जाता है। अंक ज्योतिष में कुण्डली का निर्माण नहीं होता है और न ही जन्म समय, जन्म स्थान की आवश्यकता होती है। इस ज्योतिष पद्धति में सिर्फ जन्म तिथि की आवश्यकता होती है। जन्म तिथि इस पद्धति में मूलांक के रूप में जानी जाती है, इसी अंक को अन्य अंकों के साथ गणना करके फलित ज्ञात किया जाता है। इस पद्धति से कैसे फलादेश ज्ञात किया जाता है इसे जानने के लिए एक उदाहरण प्रस्तुत है: एक व्यक्ति जिसका मूलांक 1 है और उसका प्रश्न है कि वह जिस शहर में काम करने जा रहा है क्या वह उसके लिए अनुकूल रहेगा। यदि गणना से उस शहर का अंक 4 आता है तो अनुकूल रहेगा और यदि अंक 5/6 आता है तो प्रतिकूल। इसी प्रकार आप अन्य प्रश्नों के उत्तर भी सकते हैं। आप अंक ज्योतिष के माध्यम से अपना भविष्यफल जानना चाहते हैं तो इसके लिए न्यूमेरोलॉजी(Numerology) से सम्बन्धित सॉफ्टवेयर का प्रयोग कर सकते हैं। न्यूमेरोलॉजी से सम्बन्धित सॉफ्टवेयर का आप प्रयोग करना चाहें तो इसके लिए न्यूमेरोलॉजी एक्सप्लोरर (Numerology Explorer) नामक सॉफ्टवेयर का प्रयोग कर सकते हैं।

सामुद्रिक ज्योतिष (हस्तरेखा पर आधारित): (Palmistry Joytish )

इन दिनों भारत में एक नवीन ज्योतिष पद्धति का आगमन हुआ है(Accession of new Astrology system)। यह नवीन ज्योतिष पद्धति मूल रूप से सामुद्रिक ज्योतिष पर आधारित है इस ज्योतिष का प्रमुख ग्रंथ है लाल किताब (Lal Kitab). लाल किताब से ज्योतिष सम्बन्धी विचार मूल रूप से अरब देशों में हुआ करता है. इस ज्योतिष पद्धति में लग्न स्थिर होता है सिर्फ ग्रहों का स्थान बदलता है.

लाल किताब की ज्योतिष पद्धति वैदिक ज्योतिष से कुछ अलग मानी जाती है. इस ज्योतिष की सबसे बड़ी विशेषता है कि इसमें ग्रहों की शान्ति (Serenity of Planets) के लिए जो उपाय बताए गए हैं वे बहुत ही आसान हैं जिसे कोई भी व्यक्ति सरलता से कर सकता है इसके लिए पंडित अथवा पुरोहित की आवश्यकता नही होती. लाल किताब अनुसार ग्रहों के उपाय 40 या 43 दिनों तक किये जाते हैं. उपायों में काम आने वाली सामग्री बड़ी आसानी से बाज़ार में उपलब्ध हो जाती है.

आप लाल किताब के माध्यम से जन्म कुण्डली का निर्माण करके ज्ञात कर सकते हैं कि आपकी कुण्डली में कौन से ग्रह कमजोर है। जो ग्रह आपकी कुण्डली मे कमजोर हैं उसका उपाय भी आप लाल किताब से जानकर प्रयोग में ला सकते हैं। ग्रहों के मजबूत स्थित में होने से आपका जीवन विकास की ओर बढ़ने लगेगा। आप लाल किताब का लाभ लेना चाहते हैं तो इसके लिए लाल किताब के नाम से उपलब्ध सॉफ्टवेयर का प्रयोग कर सकते हैं। लाल किताब के सॉफ्टवेयरो में एक प्रमुख नाम है लाल किताब एक्सप्लोरर (Lal Kitab Explorer).

विशेष जानकारी एवं सॉफ्टवेयर के सम्बन्ध में लाग आँन करें: www.itbix.com

 नोट: आप   होरोस्कोप एक्सप्लोरर द्वारा स्वयं जन्म कुण्डली,विवाह मिलान और वर्षफल का निर्माण कर सकते हैं । यह सुविधा आपको उपलब्ध है.आप इसका45 दिन तक मुफ्त उपयोग कर सकते हैं. कीमत 1250 रु. जानकारी के लिये यहॉ क्लिक करे

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