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आलोचनात्मक प्रवृति के होते है तुला राशि के जातक। (Native of Libra are critical nature)
तुला राशि की पहचान चिन्ह है तराजू यानी (तुला)। ज्योतिषशास्त्र के अनुसार तुला को पश्चिम दिशा का स्वामित्व प्राप्त होता है (Libra is the king of west)। तुला राशि के विषय में ज्योतिषशास्त्र क्या कहता है हम इन्हीं बातों पर यहां चर्चा कर रहे है।
इस राशि में वायु तत्व की प्रधानता रहती है। इस राशि का स्वामी शुक्र होता है(Venus is the lord of Libra)। इस राशि में शनि उच्चस्थ होता है और सूर्य नीच का होता है। तुला राशि में जन्म लेने वाले व्यक्ति बहुत ही महत्वाकांक्षी होते हैं, ये अपनी महत्वाकांक्षी पूरी करने के लिए सतत प्रयासरत रहते हैं जिसके कारण ये कदम दर कदम आगे बढ़ते रहते हैं। इनके व्यक्तित्व का एक विशेष गुण यह होता है कि ये सभी की सुनते हैं परंतु करते वही हैं जो इनके मन मस्तिष्क को उचित लगता है। ये स्वतंत्र विचारधारा के प्राणी होते हैं, किसी भी दबाव या जोर जबरदस्ती से इनसे काम निकालना कठिन होता है।
इस राशि में पैदा होने वाले व्यक्ति का मस्तिष्क अस्थिर रहता है (native of libra are erratic mind)। मन की चंचलता के कारण एक विचार जब तक मस्तिष्क में घर बनाते है उससे पहले ही दूसरे और तीसरे विचार पनपने शुरू हो जाते हैं। चंचल मन के कारण इनके मन में आये विचार बदलते रहते हैं, इनके व्यक्तित्व की इस विशेषता को इनके कार्यों में भी देखा जा सकता है। इनकी प्रकृति आलोचनात्मक रहती है, इस प्रवृति के कारण ये किसी की तारीफ खुलकर नहीं करते हैं बल्कि उनमें कोई न कोई खोट निकालते हैं।
तुला राशि के जातक सांसारिक सुखों का पूरा पूरा आनन्द लेने वाले होते हैं। ये सांसारिक सुखों की प्राप्ति के लिए सदैव प्रयत्नशील रहते हैं, प्रयत्नशीलता के कारण इनके जीवन मे सुख सुविधाओं की कमी शायद ही कभी होती है। इनकी सफलता एवं सुख का आधार है सक्रियता है। ये सदैव सक्रिय रहते हैं, आलस्य को अपने पर किसी भी हाल में हावी नहीं होने देते हैं। इर राशि के जातक काफी चालाक भी होते हैं, दूसरों से काम निकालने में ये काफी तेज होते हैं।
इस राशि में जन्म लेने वाले इंसान लोगों से बेहतर सम्बन्ध बनाने में कुशल होते हैं (Native of libra known how to make better relation with other people)। इनकी भावनाएं शुद्ध और स्पष्ट होती हैं। चूंकि ये प्रेम को जीवन में सर्वोच्च स्थान देते हैं इसलिए सदैव इनका हृदय प्रेममय और चेहरा मुस्कुराता रहता है।
ज्योतिषशास्त्र के अनुसार तुला राशि वालों के लिए शिक्षा की दृष्टि से आयुर्वेद, वनस्पति विज्ञान, लाइब्रेरी साइंस, पत्रकारिता, होमियोपैथ, रेडियोलांजी, एस्थेटिक्स, टैक्सटाईल इंजीनियरिंग की शिक्षा ग्रहण करना अनुकूल रहता है एवं इससे अजीविका के क्षेत्र में उचित सहयोग मिलता है।
नौकरी व्यवसाय एवं आजीविका की दृष्टि से इनके लिए दवाई की दुकान, कला एवं कलात्मक चीज़ों का व्यवसाय, टेक्सटाईल का काम, हीरा से सम्बन्धी कारोबार, संगीतकार, शिल्पशास्त्री, फिल्म उद्योग से सम्बन्धित काम करना लाभप्रद और अनुकूल रहता है। इनके लिए दूध एवं फलों का व्यापार एवं हलवाई का काम भी फायदेमंद रहता है।
इस राशि में जन्म लेने वाले व्यक्तियों को मूत्र रोग, त्वचा सम्बन्धी रोग, हार्नियां, पैरों से सम्बन्धित रोग होने की संभावना रहती ह। इन्हें किडनी सम्बन्धी रोग होने की आशंका रहती है। इस राशि वालों को इन रोगों के प्रति सावधान रहना चाहिए।
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